'शक्तिमान' (Shaktimaan) नाम से घर में घर में मशहूर एक्टर मुकेश खन्ना (Mukesh Khanna) 23 जून को अपना 61वां जन्मदिन मना रहे हैं। मुकेश खन्ना थियेटर, फिल्म और टीवी तीनों ही इंडस्ट्री में काम किया। हालांकि सबसे ज्यादा लोकप्रियता मुकेश खन्ना को 'शक्तिमान' सीरियल से मिली। जिसमें उन्होंने ना केवल शक्तिमान बल्कि पंडित गंगाधर का भी किरदार निभाया था। इस सीरियल से पहले मुकेश खन्ना ने 'महाभारत' सीरियल किया था जिसमें वह भीष्म पितामह बने थे। हाल ही में इंटरव्यू के दौरान मुकेश खन्ना ने बताया कि भीष्म पितामह का रोल उन्हें किस तरह से मिला था।
2 of 5
Mahabharat
- फोटो : file photo
मुकेश खन्ना ने इंटरव्यू के दौरान बताया कि वह 'महाभारत' में अर्जुन का रोल निभाना चाहते थे। यह रोल उनके हाथ से निकल गया जिसके बाद उन्हें गुरू द्रोणाचार्य का रोल ऑफर हुआ। मुकेश ने बताया कि वह यह रोल नहीं करना चाहते थे लेकिन हां कर दिया था। इसके बाद यह रोल भी उनके हाथ से निकल गया और फिर भीष्म पितामह का रोल ऑफर हुआ।
3 of 5
मुकेश खन्ना
- फोटो : file photo
भीष्म पितामह का रोल मिलते ही तुरंत हामी भर दी थी। मुकेश खन्ना का भीष्म पितामह का निभाया गया किरदार आज भी लोगों के जहन में जिंदा है। इस इंटरव्यू के दौरान मुकेश खन्ना ने बताया कि उनके पिता को भीष्म पितामह का रोल बहुत पसंद आया था। आपको बता दें, मुकेश खन्ना ने टीवी पर डेब्यू साल 1988 में 'महाभारत' सीरियल से किया था। इसके बाद 'चुन्नी', 'चंद्रकांता', 'युग', 'विश्वास', 'शक्तिमान', 'महायोद्धा में नजर आए।
4 of 5
मुकेश खन्ना
- फोटो : file photo
टीवी पर मुकेश खन्ना आखिरी बार 'वारिस' सीरियल में नजर आए थे। यह सीरियल साल 2016 में आया था। इससे पहले साल 2013 में 'प्यार का दर्द है मीठा-मीठा प्यारा प्यारा' में भी नजर आए। फिल्मों की बात करें तो मुकेश खन्ना की पहली फिल्म 'रूही' थी जो कि साल 1981 में रिलीज हुई थी। इसके बाद वक्त 'शहजादे', 'दर्द-ए-दिल', 'मुझे कसम है', 'सौगंध', 'तहलका', 'सौदागर', 'मेरी आन' जैसी कई फिल्में की।
5 of 5
मुकेश खन्ना
- फोटो : file photo
बीते काफी वक्त से ऐसी खबरें आ रही हैं कि मुकेश खन्ना एक बार से 'शक्तिमान' सीरियल लेकर लौट रहे हैं। कहा जा रहा है कि पूरा सीरियल नहीं बल्कि सिर्फ 'सॉरी शक्तिमान' वाला हिस्सा। 'शक्तिमान' सीरियल 90 के दशक में बहुत पॉपुलर था। यहां तक कि बच्चों में शक्तिमान का क्रेज देखने लायक था। उस दौरान बच्चे उनके कपड़े और स्टाइल को कॉपी करने लगे थे।