हिंदी सिनेमा की मशहूर अदाकारा निरूपा रॉय भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन जब भी मां के किरदार का जिक्र किया जाता है, तो उन्हें जरूर याद किया जाता है। अपनी दमदार अदाकारी के जरिए लोगों के दिलों पर राज करने वाली अभिनेत्री निरूपा रॉय का आज जन्मदिन हैं। बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाने वाली निरूपा की शादी 15 साल की उम्र में ही हो गई थी। उन्होंने इंडस्ट्री में 'देवी' और 'मां' के किरदार से एक अमिट छाप छोड़ी है। तो आइए जानते हैं निरूपा रॉय की बर्थ एनिवर्सरी पर उनके जीवन से जुड़े अनसुने किस्सों के बारे में...
Nirupa Roy Birth Anniversary: 15 साल की उम्र में शादी कर बदली निरूपा की जिंदगी, फिर ऐसे बनीं 'बॉलीवुड की मां'
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निरूपा रॉय का जन्म गुजरात में हुआ था। अभिनेत्री का असली नाम कोकिला किशोरचंद्र बलसारा था, फिल्म इंडस्ट्री में आने के बाद उन्होंने अपना नाम बदलकर निरूपा रॉय रख दिया। बताया जाता है कि उन्होंने चौथी कक्षा तक ही पढ़ाई की थी। जब निरूपा रॉय 15 साल की थीं, तभी उनके पिता ने उनकी शादी कमल रॉय से कर दी थी। उनके पति अभिनेता बनना चाहते थे। एक्टर बनने का सपना संजोए हुए कमल रॉय वर्ष 1945 में निरूपा रॉय को लेकर मुंबई आ गए। उनके पति मुंबई में ऑडिशन देने के लिए जाते थे। एक दिन वे निरूपा को भी अपने साथ गुजराती फिल्म के ऑडिशन के लिए ले गए और वहां वह मुख्य किरदार निभाने के लिए सलेक्ट हो गईं। इसके बाद निरूपा रॉय ने पीछे मुडकर नहीं देखा और कई सुपरहिट फिल्में दीं।
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अभिनेत्री ने फिल्म 'मुनीम जी’ से मां की भूमिकाएं निभाना शुरू किया, इस फिल्म में वे खुद से बड़े देवानंद की मां बनी थीं। 1953 में ‘दो बीघा जमीन’ से वे हिंदी सिनेमा की हिट हीरोइनों की लिस्ट में शुमार हो गईं। 1975 में यश चोपड़ा की ‘दीवार’ उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट साबित हुई। इसके बाद वे कई फिल्मों 'खून पसीना', 'इंकलाब', 'अमर अकबर एंथोनी', 'सुहाग', 'गिरफ्तार', 'मुकद्दर का सिकंदर', 'मर्द' और 'गंगा-यमुना-सरस्वती' में नजर आईं। निरूपा रॉय को लीड अभिनेत्री से ज्यादा अमिताभ बच्चन की मां के रोल से लोकप्रियता मिली।
बॉलीवुड की 'मां' कही जाने वाली अभिनेत्री निरूपा रॉय को 50 के दशक में 'देवी' माना जाता था। उन्होंने 70-80 के दशक में इतनी फिल्मों में मां का किरदार निभाया था कि उन्हें असल जिंदगी में 'मां' कहा जाने लगा। उनके द्वारा निभाए गए 'मां' के किरदारों को दर्शकों ने खूब सराहा।
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निरूपा रॉय ने अमिताभ बच्चन से लेकर शशि कपूर, जितेंद्र जैसे अभिनेताओं की मां का रोल निभाया। साल 1999 में आई फिल्म 'लाल बादशाह' में अमिताभ बच्चन और निरूपा रॉय दोनों आखिरी बार मां-बेटे के रोल में दिखे। निरूपा रॉय ने अपने लंबे बॉलीवुड करियर में करीब 300 फिल्मों में काम किया। 2004 में निरूपा रॉय को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। 13 अक्टूबर 2004 को हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। उस वक्त वे 72 साल की थीं।