बॉलीवुड के बहुत से सितारे ऐसे हैं जो अपने काम से ज्यादा अपने बयानों को लेकर सुर्खियां बटोरते हैं। इसमें मशहूर गीतकार जावेद अख्तर का नाम भी शामिल है। जावेद अख्तर अक्सर अपने विचार साझा करते हैं जो कई लोगों को पसंद नहीं आते और उस पर बड़ा विवाद खड़ा हो जाता है। हाल ही में जावेद अख्तर ने कुख्यात संगठन तालिबान की तुलना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद से कर दी है। इसके बाद से उन्हें चौतरफा आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
Javed Akhtar Controversy: अपने बयानों को लेकर पहले भी विवादों में रह चुके हैं जावेद अख्तर, जानें कब-कब मचा हंगामा
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इससे पहले साल 2020 में दिल्ली में भड़की हिंसा के मामले में भी एक ऐसा बयान दिया था जिसके कारण उनकी शिकायत दर्ज करवाई गई थी। जावेद अख्तर ने लिखा था, 'कई लोग मारे गए, कई घायल हैं, कई घर जला दिए गए, कई लोग बेसहारा हो गए लेकिन पुलिस ने सिर्फ एक घर को सील किया और उसके मालिक की तलाश कर रही है। दुर्भाग्य से उसका नाम ताहिर है। पुलिस के सामंजस्य को सलाम'। ताहिर को समर्थन दिखाने के चलते जावेद अख्तर के ट्वीट पर काफी विवाद हुआ था। इसके कारण उनके खिलाफ परिवाद पत्र दायर किया गया था।
So many killed , so many injured , so many house burned , so many shops looted so many people turned destitutes but police has sealed only one house and looking for his owner . Incidentally his name is Tahir . Hats off to the consistency of the Delhi police .
कंगना रणौत से भी जावेद अख्तर की अक्सर जुबानी जंग हो जाती है। एक वक्त ऐसा था जब कंगना और ऋतिक के अफेयर और बाद में हुए विवाद की खबरें काफी चर्चा में आई थीं। इस पर अपना बयान देते हुए जावेद अख्तर ने कहा था कि उन्होंने कंगना से कहा था कि वो ऋतिक से उनकी सुलह कराने में मदद कर सकते हैं लेकिन कंगना ने कह दिया कि वो अपने तरीके से मामले को हल कर लेंगी। इसे लेकर भी कंगना ने काफी कुछ कह दिया था जिससे विवाद बढ़ गया था।
जावेद अख्तर उस वक्त भी सुर्खियों में आ गए थे जब उन्होंने लाउडस्पीकर पर अजान देने को लेकर एक ट्वीट किया था। इसे लेकर वो काफी ट्रोल हुए थे। दरअसल जावेद अख्तर ने कहा था कि, 'लाउडस्पीकर पर अजान को बंद कर देना चाहिए। इसके बाद जब विवाद हुआ तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि मुस्लिम समाज के लोगों ने मुझे श्राप दिया और कहा कि मैं नरक से भी बद्दतर जगह जाऊंगा। वहीं हिंदु के बड़े लोग मुझे जिहादी और राष्ट्रदोही कहते हैं। मैं एक समान अवसरवादी नास्तिक हूं जो सभी तरह के आस्थाओं के खिलाफ है'।
इतना ही नहीं वो बूर्का और घूंघट तक के मामले को लेकर भी विवादित बयान दे चुके हैं। दरअसल जावेद अख्तर ने पूछा था कि, 'जब सुरक्षा की बात आती है तो चेहरे को ढंकना एक समस्या हो सकती है। अगर बुर्का बैन है तो घूंघट पर भी प्रतिबंध होना चाहिए। बुर्का या घूंघट की क्या जरूरत है'। हालांकि इस पर भी सफाई देते हुए जावेद अख्तर ने कहा था कि, 'मेरे बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है। मेरे कहने का मतलब था कि चेहरे ढकना ही बंद करना चाहिए फिर वो नकाब हो या घूंघट'।
Some people are trying to distort my statement . I have said that may be in Sri Lanka it is done for security reasons but actually it is required for women empowerment . covering the face should be stopped whether naqab or ghoonghat .