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इस पाकिस्तानी सिंगर के भारत में हैं करोड़ों प्रशंसक, ऋषि कपूर की शादी में बांधा था समां
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: Mishra Mishra
Updated Sun, 13 Oct 2019 06:58 AM IST
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Nusrat Fateh Ali Khan
- फोटो : Social Media
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मशहूर सूफी गायक नुसरत फतेह अली खां का आज जन्मदिन है। वो ऐसे गायक थे जिन्हें घंटों सुनने के बाद भी लोगों को मन नहीं भरता था। नुसरत फतेह अली खान ने ना केवल अपनी पहचान भारत और पाकिस्तान में बल्कि दुनिया भर में बनाई।
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Nusrat Fateh Ali Khan
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नुसरत फतेह अली खां का जन्म 13 अक्टूबर 1948 को पाकिस्तान के फैसलाबाद में हुआ था। बंटवारे से पहले उनका परिवार भारत के जालंधर में रहता था। उन्होंने महज 49 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। नुसरत फतेह अली खां की आवाज सूफियों की आवाज कही जाती है। माना जाता है कव्वाली को उन्होंने विदेशों तक पहुंचाने का काम किया।
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Nusrat Fateh Ali Khan
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5 भाई-बहनों में नुसरत सबसे छोटे थे। उनसे बड़ी 4 बहनें थीं। उनके पिता फतेह अली खां चाहते थे कि वो डॉक्टर या इंजीनियर बनें लेकिन नुसरत तो एक गायक बनना चाहते थे। घरवालों ने भी उन्हें पूरी मदद की और संगीत की तालीम देनी शुरू कर दी। उन्होंने 16 साल की उम्र में पहली बार स्टेज परफॉर्मेंस दी।
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राज कपूर, नुसरत फतेह अली खां
नुसरत साहब को सबसे पहले राज कपूर ने पाकिस्तान से मुंबई बुलाया था। ऋषि कपूर की शादी में कव्वाली गाने के लिए वो भारत आए थे। राज कपूर ने जब नुसरत की आवाज सुनी तो ना केवल वह बल्कि वहां मौजूद फिल्म इंडस्ट्री के दूसरे बड़े सितारे भी मंत्रमुग्ध हो गए थे। रात 10 बजे से शुरू हुई कव्वाली की ये महफिल सुबह 7 बचे तक चलती रही।
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नुसरत फतेह अली खां
नुसरत फतेह अली खान के किडनी और लिवर में समस्या थी। किडनी ट्रांसप्लांट के लिए उन्हें लॉस एंजिलिस ले जाया रहा था। रास्ते में तबीयत ज्यादा खराब होने की वजह से उन्हें लंदन के अस्पताल ले जाया गया, जहां दिल का दौरा पड़ने से 16 अगस्त 1997 को उनकी मौत हो गई। नुसरत साहब की मौत के बाद उनका शव पाकिस्तान के फैसलाबाद लाया गया। जहां उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
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