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राज कपूर के बुलाने पर पाकिस्तान से मुंबई आए थे नुसरत फतेह अली खां, ऋषि की शादी में बांधा था शमा
Thu, 16 Aug 2018 03:28 PM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 16 Aug 2018 03:28 PM IST
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राज कपूर, नुसरत फतेह अली खां
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मशहूर सूफी गायक नुसरत फतेह अली खां की आज पुण्यतिथि है। उन्होंने अपनी गायकी के अलग-अलग अंदाज से लोगों को घंटों बैठकर सुनने पर मजबूर कर दिया। नुसरत फतेह अली खान ने ना केवल अपनी पहचान भारत और पाकिस्तान में बल्कि दुनिया भर में बनाई।
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नुसरत फतेह अली खां
नुसरत फतेह अली खां का जन्म 13 अक्टूबर 1948 को पाकिस्तान के फैसलाबाद में हुआ था। बंटवारे से पहले उनका परिवार भारत के जालंधर में रहता था। उन्होंने महज 49 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। नुसरत फतेह अली खां की आवाज सूफियों की आवाज कही जाती है। माना जाता है कव्वाली को उन्होंने विदेशों तक पहुंचाने का काम किया।
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धर्मेंद्र के साथ नुसरत फतेह अली खां
5 भाई-बहनों में नुसरत सबसे छोटे थे। उनसे बड़ी 4 बहनें थीं। उनके पिता फतेह अली खां चाहते थे कि वो डॉक्टर या इंजीनियर बनें लेकिन नुसरत तो एक गायक बनना चाहते थे। घरवालों ने भी उन्हें पूरी मदद की और संगीत की तालीम देनी शुरू कर दी। उन्होंने 16 साल की उम्र में पहली बार स्टेज परफॉर्मेंस दी।
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नुसरत फतेह अली खां
नुसरत साहब को सबसे पहले राज कपूर ने पाकिस्तान से मुंबई बुलाया था। ऋषि कपूर की शादी में कव्वाली गाने के लिए राज कपूर ने 1979 में नुसरत फतेह अली खां को बुलाया था। राज कपूर ने जब नुसरत की आवाज सुनी तो ना केवल वह बल्कि वहां मौजूद फिल्म इंडस्ट्री के दूसरे बड़े सितारे भी मंत्रमुग्ध हो गए थे। रात 10 बजे से शुरू हुई कव्वाली की ये महफिल सुबह 7 बचे तक चलती रही।
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nusrat fateh ali khan
नुसरत फतेह अली खान के किडनी और लिवर में समस्या थी। किडनी ट्रांसप्लांट के लिए उन्हें लॉस एंजिलिस ले जाया रहा था। रास्ते में तबीयत ज्यादा खराब होने की वजह से उन्हें लंदन के अस्पताल ले जाया गया, जहां दिल का दौरा पड़ने से 16 अगस्त 1997 को उनकी मौत हो गई। नुसरत साहब की मौत के बाद उनका शव पाकिस्तान के फैसलाबाद लाया गया। जहां उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
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