ऑस्कर पुरस्कारों में अंग्रेजी के अलावा दुनिया के अलग अलग देशों से तमाम दूसरी भाषाओं की फिल्में भी पुरस्कार पाने की होड़ में शामिल होती हैं। ये फिल्में अगर अमेरिका के किसी सिनेमाघर में तय मानदंडों के अनुसार हफ्ते भर से ज्यादा प्रदर्शित होती हैं तो इन्हें सीधे भी प्रतियोगिता में शामिल माना जाता है, लेकिन किसी देश का आधिकारिक प्रतिनिधित्व करने वाली फिल्में 'इंटरनेशनल फीचर फिल्म अवार्ड' कैटेगरी में मुकाबला करने उतरती हैं। ये वही कैटेगरी है जिसे पहले 'बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म अवॉर्ड' कहा जाता था। भारत से भी हर साल किसी एक फिल्म को इन पुरस्कारों में भेजा जाता है और आपको शायद ये जानकर हैरानी हो कि इस फिल्म के चुनाव को लेकर जो संस्था फैसला करती है, उसका भारत सरकार से कोई लेना देना नहीं है। अगले साल के ऑस्कर पुरस्कारों के लिए भारतीय फिल्मों मे से किसी एक फिल्म की चयन प्रक्रिया शुरू हो गई है।
Oscars 2023: ऑस्कर पुरस्कारों के लिए एंट्री शुरू, जानिए बीते 10 साल में भेजी गईं भारतीय फिल्में और प्रक्रिया
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फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया
देश में बनने वाली अलग अलग भाषाओं की फिल्मों को बनाने वालों की देश के अलग अलग राज्यों में अलग अलग संस्थाएं हैं। इन सारी संस्थाओं को मिलाकर बनी एक संस्था फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया बरसों से अस्तित्व में हैं। पूरे साल ये फेडरेशन क्या करती है किसी को नहीं पता। भारतीय सिनेमा के उत्थान में इसका अब कितना योगदान है, सिनेमा पर बहस, चर्चा, सिनेमा के पुरस्कारों में ये संस्था कितना शामिल होती है, इस पर भी कहीं कोई खबर नहीं आती। बस ऑस्कर पुरस्कारों के लिए देश की आधिकारिक प्रविष्टि भेजने से ऐन पहले इसका नाम चर्चा में आता है।
यूनियनों के नुमाइंदों से बनी ज्यूरी
फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया हर साल भारत से भेजी जाने वाली फिल्म को चुनने के लिए अलग अलग राज्यों में स्थित फिल्म यूनियनों के प्रतिनिधि चुनती है। ये ज्यूरी ऑस्कर पुरस्कारों के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि पर दावा करने वाली फिल्में देखती है और उन पर चर्चा के बाद किसी एक फिल्म को भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में ऑस्कर अकादमी को भेजती है।
ऑस्कर पुरस्कार समारोहों में भारत की तरह से सबसे पहली एंट्री फिल्म ‘मदर इंडिया’ की साल 1957 में भेजी गई थी और ये बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म कैटेगरी में नामांकित होने में भी सफल रही थी। इस फिल्म के अलावा भारत से भेजी गई सिर्फ दो और फिल्में अब तक इस कैटेगरी में नामित होने में कामयाब हो सकी हैं। ये फिल्में हैं 1988 में नामित हुई फिल्म ‘सलाम बॉम्बे’ और 2001 के समारोह में नामित हुई फिल्म ‘लगान’।
फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया की तरफ से बीते 10 साल में ऑस्कर पुरस्कार समारोह में भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के तौर पर भेजी गई फिल्मों की सूची इस प्रकार है:
| साल | फिल्म | भाषा | निर्देशक |
| 2021 | कूझांगल | तमिल | पी एस विनोदराज |
| 2020 | जल्लीकट्टू | मलयालम | लिजो जोस पेल्लिस्सेरी |
| 2019 | गली बॉय | हिंदी | जोया अख्तर |
| 2018 | विलेज रॉकस्टार्स | असमिया | रीमा दास |
| 2017 | न्यूटन | हिंदी | अमित मासुरकर |
| 2016 | विसरानई | तमिल | वेट्रिमारन |
| 2015 | कोर्ट | मराठी | चैतन्य तम्हाणे |
| 2014 | लायर्स डाइस | हिंदी | गीतू मोहनदास |
| 2013 | द गुड रोड | गुजराती | ग्यान कोर्रया |
| 2012 | बर्फी | हिंदी | अनुराग बसु |
| 2011 | अबू, सन ऑफ एडम | मलयालम | सलीम अहमद |