पुलवामा में आतंकियों के हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। हमले के बाद जहां बॉलीवुड के कई बड़े फिल्ममेकर्स ने पाकिस्तानी कलाकारों के साथ काम करने से मना किया तो वहीं पाकिस्तान में भी भारतीय फिल्मों और टेलीविजन सीरियल को बैन कर दिया गया है। बॉलीवुड फिल्मों का पाकिस्तान में एक बड़ा दर्शक वर्ग है। ऐसे में आखिर पाकिस्तान की सिनेमा इंडस्ट्री पर क्या फर्क पड़ेगा आइए एक नजर डालते हैं।
बॉलीवुड फिल्मों को बैन कर पैसों के लिए तिल-तिल तरसेगा पाकिस्तान, तबाह हो जाएगी फिल्म इंडस्ट्री
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में करीब 120 थियेटर हैं। यहां एक फिल्म करीब 2 हफ्ते तक सिनेमाघरों में टिकी रहती हैं। इस तरह पाकिस्तान फिल्म इंडस्ट्री को करीब 26 नई फिल्मों की जरुरत होती है लेकिन वहां सालाना केवल 12 से 15 फिल्में बनती हैं। पाकिस्तानी दर्शक भी वहां की फिल्मों से ज्यादा बॉलीवुड फिल्में ही देखना पसंद करते हैं। इसकी एक वजह ये भी है कि तकनीकी रूप से भारतीय फिल्में उन्नत होती हैं।
पाकिस्तानी फिल्म इंडस्ट्री की कमाई का 70 फीसदी हिस्सा भारतीय फिल्में हैं। पाकिस्तानी पत्रकार हसन जैदी के मुताबिक, 'अगर भारतीय फिल्मों को पूरी तरह बैन कर दिया जाता है तो फिल्म इंडस्ट्री को बचाए रखना मुश्किल होगा।' वैसे इससे पहले जब भी दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति हुई है पाकिस्तान में बॉलीवुड फिल्मों को बैन किया गया है। 90 के दशक में पाक फिल्म इंडस्ट्री की हालत बेहद खराब हो गई थी। अब जब एक बार फिर से फिल्में बननी शुरू हुई है और इंडस्ट्री की हालत पहले से कहीं बेहतर हुई हैं तो भारतीय फिल्मों के बैन से पाकिस्तान को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।
सिनेमा बिजनेस के सूत्रों के मुताबिक, बॉलीवुड की फिल्में रिलीज के साथ ही पाकिस्तान के 60 फीसदी स्क्रीन पर कब्जा कर लेेती हैं। यही वजह थी कि पिछले साल मिनिस्ट्री ऑफ इन्फॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग ऑफ पाकिस्तान ने एक सर्कुलर जारी किया था जिसके मुताबिक कोई भी भारतीय फिल्म ईद से दो दिन पहले और त्योहार के दो हफ्ते बाद तक रिलीज नहीं होगी। ऐसा इसलिए किया गया है जिससे पाकिस्तानी फिल्मों को नुकसान ना उठाना पड़े क्योंकि भारतीय फिल्मों की वजह से बिजनेस पर काफी असर पड़ता है।
पाकिस्तान सरकार ने बॉलीवुड फिल्मों को बैन करने का तब फैसला किया जब भारत में ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने पाकिस्तानी एक्टर्स और आर्टिस्ट को पूरी तरह बैन करने की घोषणा की।
बॉलीवुड में ऐसा पहली बार हुआ है जब पाकिस्तान के पॉपुलर एक्टर फवाद खान को बैन करने का ऐलान किया गया है। फवाद खान ने ना केवल पाकिस्तान में बल्कि भारत में भी काफी प्रसिद्धि बटोरी है। वो कुछ फिल्मों में भी दिख चुके हैं। यही नहीं इससे पहले जब फिल्म रईस में शाहरुख खान के साथ माहिरा खान को कास्ट किया गया था तो कई संगठनों ने फिल्म को बैन करने की मांग की थी। भारत में जहां इस फिल्म की रिलीज में देरी हुई वहीं पाकिस्तान में बड़े पर्दे तक पहुंच नहीं सकी।