बिहार में चमकी बुखार से बच्चों की मौत का आंकड़ा 160 से ऊपर पहुंच गया है। जबकि अकेले मुजफ्फरपुर के सरकारी अस्पताल में मरने वाले मासूमों की संख्या 128 हो गई है। बिहार में फैले इस चमकी बुखार को लेकर आम हो खास हर कोई परेशान है। इस कड़ी में बिहार से ताल्लुक रखने वाले बॉलीवुड एक्टर पंकज त्रिपाठी (Pankaj Tripathi) ने ट्वीट कर इस पर दुख जताया। एक्टर ने अपने इस ट्वीट में लिखा कि सरकार और हम सबको माफी मांगनी चाहिए।
बिहार में बच्चों की मौत पर छलका पंकज त्रिपाठी का दर्द, बोले- 'विचलित महसूस कर रहा हूं'
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पंकज त्रिपाठी (Pankaj Tripathi) ने ट्वीट किया- 'मुजफ्फरपुर की घटना ने अंदर तक झकझोर कर रख दिया है। बहुत विचलित महसूस कर रहा हूं। समझ नहीं आता किस-किस को दोष दें, एक देश, एक राज्य, एक समाज और एक व्यक्ति हर स्तर पर हमारी असफलता है यह। हम किस सदी में जी रहे हैं? आत्मा को गिरवी रखकर इमारते खड़ी कर लेना विकसित होना कैसे हो सकता है? सरकार, अधिकारी, सिस्टम, समाज, आप और हम सबको माफी मांगनी चाहिए बच्चों से।'
— पंकज त्रिपाठी/Pankaj Tripathi (@TripathiiPankaj) June 20, 2019
पंकज त्रिपाठी (Pankaj Tripathi) के इस पोस्ट पर यूजर्स भी कमेंट कर रहे हैं। चमकी बुखार से श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल (एसकेएमसीएच) अस्पताल में 108 और केजरीवाल अस्पताल में 20 लोगों की मौत हुई है। इस बीमारी से अबतक 500 से ज्यादा बच्चे प्रभावित हुए हैं। बिहार में तेजी से फैल रहे चमकी (एक्यूट इनसेफ्लाइटिस सिंड्रोम) बुखार को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जिला व ब्लाक स्तरीय अधिकारियों और चिकित्साधिकारियों को सतर्क रहने को कहा है।
इस मुद्दे को लेकर राजनीति भी गर्माई हुई है। शुक्रवार को एईएस का मु्द्दा संसद के दोनों सदनो में उठाया गया था। राज्यसभा में मृतक बच्चों को श्रद्धांजलि भी दी गई थी। डॉक्टरों का कहना है कि इस बीमारी का कोई सटीक इलाज नहीं हैं। वहीं जो बच्चे इस बीमारी को मात देकर ठीक हो गए हैं उनपर भविष्य में इस बीमारी का असर दिखाई दे सकता है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार मुजफ्फरपुर जिले के गंगापुर गांव की रहने वाली अनुसूचित जाति की मुना देवी के नाती को दो साल पहले एईएस ने जकड़ लिया था। हालांकि वह इस बीमारी के चंगुल से बचने में कामयाब रहा लेकिन वह दोबारा पहले की तरह सामान्य नहीं रहा। उसमें जल्द ही मानसिक बीमारी के लक्षण दिखाई देने लगे। मुना देवी ने कहा, 'कभी वह सामान्य व्यवहार करता है। लेकिन कभी नहीं करता। जब हमने डॉक्टरों से पूछा तो उन्होंने कहा कि दिमागी बुखार के कारण ऐसा हो रहा है।'

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