पर्दे पर जब हीरो एक्शन करता है, डायलॉग बोलता है तो हॉल में तालियां बजती हैं। हीरो रातोंरात सुपरस्टार बन जाता है। मगर एक्टर की मेहनत के साथ-साथ निर्देशक की मेहनत भी होती है। प्रकाश मेहरा एक ऐसे ही निर्देशक थे, जिन्होंने ऐसे फ्लॉप एक्टर्स को भी रातोंरात बुलंदियों पर पहुंचा दिया, जिनके सितारे उस वक्त डूबे हुए थे। वह असली स्टारमेकर थे। आज उनकी पुण्यतिथि है। दिग्गज फिल्म निर्माता-निर्देशक प्रकाश मेहरा का जन्म उत्तर प्रदेश के बिजनौर में हुआ था। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री को कई शानदार फिल्में दीं। दमदार एक्टर्स दिए। अमिताभ बच्चन के साथ उन्होंने कई ब्लॉकबस्टर फिल्में बनाईं। बिगबी के अलावा प्रकाश मेहरा ने शशि कपूर, फिरोज खान, विनोद खन्ना, धर्मेंद्र और अनिल कपूर को भी अपनी फिल्मों में जगह दी। 17 मई 2009 को मल्टी ऑर्गन फेलियर के कारण वह इस दुनिया को अलविदा कह गए। आइए जानते हैं उन्होंने किसको स्टार बनाया...
Prakash Mehra Death anniversary: बिगबी को निर्देशक बनाना चाहते थे प्रकाश मेहरा, इन सितारों को बनाया सुपरस्टार
सपोर्टिंग एक्टर शशि कपूर को दिया मुख्य रोल
प्रकाश मेहरा ने बतौर प्रोडक्शन कंट्रोलर अपना सफर शुरू किया था। इसके बाद वर्ष 1969 में उन्होंने बतौर निर्देशक अपनी पहली फिल्म 'हसीना मान जाएगी' बनाई। इसमें उन्होंने शशि कपूर को कास्ट किया। शशि कपूर को अक्सर फिल्मों में सपोर्टिंग एक्टर के किरदार मिला करते थे। मगर प्रकाश मेहरा ने उन्हें इस फिल्म में मुख्य लीड किरदार निभाने का मौका दिया। यह फिल्म एक प्रेम कहानी पर आधारित थी, जिसमें शशि कपूर का डबल रोल था, वहीं उनकी प्रेमिका का किरदार बबीता ने निभाया। प्रकाश की पहली फिल्म ही बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई, वह उस साल की 9वीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म भी बनी। प्रकाश मेहरा भारतीय दर्शक की नब्ज को अच्छी तरह समझते थे। उन्होंने अपनी फिल्म में वन-लाइनर्स और हाई मेलोड्रामा का तड़का लगाया, जिससे टिकट खिड़की पर लोग टूट पड़ते थे। फिल्म 'नमक हलाल' में भी अमिताभ बच्चन और शशि कपूर की केमिस्ट्री देखने को मिली।
फिरोज खान पर जताया भरोसा
पहली फिल्म के तीन साल बाद प्रकाश मेहरा वर्ष 1971 में 'मेला' लेकर आए। इस फिल्म में संजय खान, फिरोज खान और मुमताज ने मुख्य किरदार निभाए। फिल्म की कहानी एक गांव पर आधारित है, जो गांव में पेश आनी वाली दिक्कतों को बड़े परदे पर दर्शाती है। फिल्म में फिरोज खान एक डाकू बने हैं, जिनका भाई 20 साल पहले एक मेले में खो जाता है। उनका किरदार काफी पसंद किया गया।
धर्मेंद्र से कराया डबल रोल
वर्ष 1972 में मेहरा ने फिल्म 'समाधि' बनाई और ही-मैन धर्मेंद्र को लीड रोल दिया। इसमें धर्मेंद्र ने बाप-बेटे का डबल रोल अदा किया। फिल्म का संगीत काफी हिट हुआ। इस फिल्म के म्यूजिक डायरेक्टर आर.डी. बर्मन थे और फिल्म के काटा लगा गाने ने धमाल मचाया था। इसके बाद मेहरा ने धर्मेंद्र को फिल्म 'जंजीर' भी ऑफर की थी, लेकिन उन्होंने वह रिजेक्ट कर दी।
अमिताभ के डूबते करियर की नैया पार लगाई
प्रकाश मेहरा वर्ष 1973 में फिल्म 'जंजीर' बनाई। यह फिल्म बॉक्स-ऑफिस पर जबरदस्त रही। यह फिल्म कई मायनों में खास रही। इसके जरिए न सिर्फ प्रकाश मेहरा ने निर्देशन कौशल का लोहा मनवाया, बल्कि उस दौर में एक हिट के लिए तरस रहे अमिताभ बच्चन के करियर को भी पंख लगाए। इसके बाद प्रकाश मेहरा ने अमिताभ के साथ फिल्में बनाने का जो सिलसिला शुरू किया तो 1973 से लेकर 1984 तक एक के बाद एक छह सफल फिल्में बनाईं। इसके चलते उन्हें 'गोल्डन डायरेक्टर्स' लिस्ट में एंट्री मिली। इस लिस्ट में मेहरा के समकक्ष और प्रतिद्वंदी मनमोहन देसाई पहले से थे। प्रकाश मेहरा अमिताभ बच्चन को फिल्म निर्देशक बनाना चाहते थे, लेकिन वह बन नहीं पाए।
