केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष, गीतकार एवं लेखक प्रसून जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। उन्होंने पीएम मोदी के लिए कहा है कि वह देश के लिए समर्पित हैं और किसी निजी फायदे के बिना देश के लिए काम कर रहे हैं। प्रसून जोशी ने ये बात जयपुर में जयपुर साहित्य उत्सव में कही हैं। इन दिनों जयपुर में साहित्य उत्सव चल रहा है। ऐसे में कई फिल्मी हस्तियां इस समारोह का हिस्सा बनने के लिए जयपुर में मौजूद हैं।
सीबीएफसी अध्यक्ष ने पीएम मोदी को बताया फकीर, कहा- 'किसी फायदे के बिना कर रहें देश के लिए काम'
प्रसून जोशी ने पीएम मोदी के लिए कहा, ‘आपसे फिर कहता हूं, बार-बार कहता हूं कि हमारे प्रधानमंत्री देश के लिए समर्पित हैं। मुझे इसमें कोई शक नहीं है।’ दरअसल उनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए उनके द्वारा ‘फकीर’ शब्द इस्तेमाल किए जाने को लेकर सवाल पूछा गया था। इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि आज भी बेहद कम लोग होंगे जो इस बात से इनकार करेंगे कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी तरह से देश के बारे में सोचते हैं। इसीलिए मैंने उनके लिए फकीर शब्द का इस्तेमाल किया। वह खुद के लिए नहीं बल्कि देश के लिए सोचते हैं।
गौरतलब है कि प्रसून जोशी ने साल 2018 में प्रधानमंत्री मोदी का इंटरव्यू लिया था। इस इंटरव्यू में उन्होंने पीएम मोदी को बिना किसी निजी लाभ के फकीर बोला है। उनके इस इंटरव्यू की काफी चर्चा हुई थी। इसके अलावा प्रसून जोशी ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (एनआरसी) को लेकर जारी विरोध की ओर इशारा करते हुए कहा कि असहमति में हम गरिमा छोड़ रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने असहमति में व्यक्तिगत हमले करने पर भी आपत्ति जताई।
इसके अलावा प्रसून जोशी ने जयपुर साहित्य उत्सव मेें फिल्म इंडस्ट्री के बारे में भी ढेर सारी बातें कीं। उन्होंने कहा कि, मैंने देखा है कि हमारी इंडस्ट्री में कुछ लोग एक-दूसरे पर निजी हमले करने लगते हैं। किसी चीज की असहमति को लेकर हमेशा गरिमा होनी चाहिए। आप कुछ चीजों के लिए असहम हो सकते हैं लेकिन असहमति में गरिमा होनी चाहिए। सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका से जुड़े एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आप कुछ भी फिल्माइए, मुझे कोई परहेज नहीं है, लेकिन आप जाहिर कर फिल्माइये। उन्होंने कहा कि हम विवादों से विचार विमर्श की तरफ गए हैं, इसलिए चीजें सुधरी हैं।
आपको बता दें कि गुलाबी नगरी में गुरुवार से जयपुर साहित्य उत्सव (जेएलएफ) 2020 की शुरुआत हुई। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ संजॉय के रॉय, विलियम डेलरिम्पल नमिता गोखले, शुभा मुद्गल चन्द्र प्रकाश देवल ने औपचारिक शुरुआत की। जेएलएफ का यह 13वां संस्करण है और इसमें 23 से 27 जनवरी तक कविता, कहानी, उपन्यास, भाषा के साथ साथ पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, विज्ञान और तकनीक, गरीबी जैसे ज्वलंत मुद्दों पर भी मंथन होगा।
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