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क्या होता है ब्राइडल शावर, आखिर क्यों इसे करवाने के लिए मजबूर हुईं प्रियंका, जाने पूरी कहानी
बीबीसी हिंदी
Updated Fri, 09 Nov 2018 09:23 AM IST
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Priyanka Chopra Nick Jonas
- फोटो : file photo
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भारत में शादियों का ख़ास मौसम होता है और शुभ मुहूर्त के हिसाब से शादी की तारीख़ तय होती है। लेकिन, इन दिनों बॉलीवुड से जितनी शादियों की ख़बरें आ रही हैं, उससे यही लगता है कि वहां शादियों का मौसम है। जहां दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह ने अपनी शादी की तारीख़ का ऐलान किया तो वहीं, प्रियंका चोपड़ा की दोस्तों ने उनके लिए ब्राइडल शावर आयोजित किया, जो मीडिया में खूब चर्चा में भी रहा।आप में से बहुत से लोग ब्राइडल शावर से परिचित होंगे।
प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस
- फोटो : file photo
इसका आयोजन शादी से दो हफ़्ते पहले से लेकर दो महीने पहले तक किया जाता है। इससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि प्रियंका की शादी को अब ज़्यादा दिन नहीं हैं। यह ज़रूर है कि प्रियंका ने ब्राइडल शावर की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा कि इसमें ब्राइडल शावर के नियम की अनदेखी की गई है। तो इस वजह से प्रियंका की शादी की सही तारीख़ के बारे में अंदाज़ा लगाना भी मुश्किल है। दुनिया भर में शादी से पहले कई तरह के समारोह होते हैं। पहले हम ब्राइडल शावर पर नज़र डालते हैं। फिर ये देखते हैं कि क्या भारत में इस तरह का आयोजन होता है।
priyanka chopra nick jonas cake
- फोटो : file photo
ब्राइडल शावर क्या है
ब्राइडल शावर अमरीका और कनाडा में शादी से पहले आयोजित की जाने वाली एक परंपरा है, जिसे दुल्हन की सहेलियां आयोजित करती हैं। वो दुल्हन को तोहफे देती हैं, जिसमें उनकी दैनिक जीवन में काम आने वाली चीजें हों जबकि आमतौर पर भारत और पाकिस्तान में दहेज में ये सब चीज़ें दी जाती हैं। इसके लिए आमतौर पर किसी शॉपिंग मॉल में दुल्हन का नाम रजिस्टर करा दिया जाता है और दुल्हन अपनी ज़रूरत की चीज़ें वहां लिख देती है, जिसे उनके दोस्त अपनी बजट के हिसाब से तोहफे के तौर पर ख़रीदकर देते हैं।
ब्राइडल शावर अमरीका और कनाडा में शादी से पहले आयोजित की जाने वाली एक परंपरा है, जिसे दुल्हन की सहेलियां आयोजित करती हैं। वो दुल्हन को तोहफे देती हैं, जिसमें उनकी दैनिक जीवन में काम आने वाली चीजें हों जबकि आमतौर पर भारत और पाकिस्तान में दहेज में ये सब चीज़ें दी जाती हैं। इसके लिए आमतौर पर किसी शॉपिंग मॉल में दुल्हन का नाम रजिस्टर करा दिया जाता है और दुल्हन अपनी ज़रूरत की चीज़ें वहां लिख देती है, जिसे उनके दोस्त अपनी बजट के हिसाब से तोहफे के तौर पर ख़रीदकर देते हैं।
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प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस
- फोटो : file photo
इसकी एक अच्छी बात ये होती है कि एक ही सामान दो बार नहीं दिया जाता। प्रियंका चोपड़ा को शायद दैनिक जीवन की ज़रूरतें पूरी करने के लिए तोहफे की ज़रूरत न हो लेकिन शादी से पहले दुल्हन बनने के अहसास के लिए इस प्रकार के आयोजन की ख़ासी अहमियत है। ब्राइडल शावर में सिर्फ़ लड़कियां या महिलाएं ही होती हैं। पश्चिमी देशों में दुल्हों के लिए इसी तरह का एक समारोह बैचलर नाइट होती है, जिसमें उनके करीबी दोस्त रातभर जश्न मनाते हैं। भारत में जितने धर्म और जितनी जातियां हैं उससे कहीं ज़्यादा उनके अपने रस्मों रिवाज हैं। शादी से पहले मंगनी की रस्म के बाद कई तरह की परंपराएं प्रचलित हैं। जिनमें से बहुत सी ब्राइडल शावर के काफ़ी क़रीब हैं।
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Priyanka Chopra Nick Jonas
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शादी की अन्य रस्में
सबसे क़रीब हल्दी की रस्म है जिसे 'माझा बैठना' भी कहते हैं। इस मौके पर दुल्हे के यहां से हल्दी आती है जो दुल्हन को लगाई जाती है। लेकिन, वक़्त और हालात के हिसाब से इन समारोह में बदलाव भी आते रहे हैं। पहले हल्दी की रस्म शादी से कम से कम एक हफ़्ते पहले होती थी। उस दिन पीले कपड़े में दुल्हन को हल्दी लगाई जाती थी और परिजनों की ओर से तोहफे भी दिए जाते थे। वक़्त के साथ इन परंपराओं में वृद्धि देखने को मिली है।
सबसे क़रीब हल्दी की रस्म है जिसे 'माझा बैठना' भी कहते हैं। इस मौके पर दुल्हे के यहां से हल्दी आती है जो दुल्हन को लगाई जाती है। लेकिन, वक़्त और हालात के हिसाब से इन समारोह में बदलाव भी आते रहे हैं। पहले हल्दी की रस्म शादी से कम से कम एक हफ़्ते पहले होती थी। उस दिन पीले कपड़े में दुल्हन को हल्दी लगाई जाती थी और परिजनों की ओर से तोहफे भी दिए जाते थे। वक़्त के साथ इन परंपराओं में वृद्धि देखने को मिली है।