हिंदी सिनेमा में किसी बड़े सितारे की फिल्मों में मौका पाने के लिए हाल के दिनों तक तमाम अभिनेत्रियां ना जाने कौन कौन से जतन करती रही हैं। एक मशहूर सितारे की गाड़ी अक्सर तड़के चार बजे एक मशहूर हीरोइन की बहुमंजिला इमारत के पास दिखने का किस्सा हो, एकता कपूर की पार्टी से लापता हो बांद्रा में एक बड़े सितारे के घर आधी रात के बाद एक हीरोइन के पहुंच जाने का किस्सा हो या फिर सेलेब्रिटी क्रिकेट लीग के दौरान दुबई के एक होटल में इसी सुपरसितारे से मिलने के लिए चक्कर काटते रहने वाली हीरोइन का किस्सा। ये सारे जतन इसीलिए कि बस एक बड़े बजट की फिल्म में बड़े स्टार के साथ एंट्री हो जाए। लेकिन, अब दीपिका पादुकोण से लेकर कंगना रनौत, तापसी पन्नू, भूमि पेडनेकर तक सभी अपनी फिल्में खुद तय कर रहे हैं।
बॉलीवुड हीरोज की चौधराहट पर प्रियंका ने कही मन की बात, इन हीरोइनों की वक्त बदलने के लिए की तारीफ
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प्रियंका के मन की बात
इस बदलती बयार से मशहूर अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा काफी खुश हैं। उनका मानना है कि उन्होंने जिस माहौल में अपना करियर शुरू किया था उसकी तुलना में आज सिनेमा जगत काफी आगे बढ़ गया है। इस बदलते दौर के बारे में प्रियंका ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने काम करना शुरू किया था (2002-2003) तब उन्हें कहा जाता था कि हीरो ही तय करेगा कि फिल्म की हीरोइन कौन होगी। प्रियंका ने आगे कहा, 'मुझे विश्वास है कि बहुत सी फिल्मों में यह आज भी होता होगा। लेकिन आज दर्शक बदल गए हैं। साथ ही आज के समय में कंटेंट वाली फिल्में दर्शकों द्वारा स्वीकार की जाने लगी है।'
प्रियंका का पंगा
प्रियंका ने बताया कि उन्होंने अपने करियर में बहुत से ऐसे किरदार किए हैं जिसके लिए लोगों ने मना किया लेकिन आज वे किरदार उनकी जिंदगी उपलब्धियां बन गई हैं। प्रियंका ने कहा, 'जब मैंने 'फैशन' में काम किया था उस समय सभी ने मुझसे कहा था कि महिलाएं अपने करियर के आखिरी में महिला प्रधान फिल्में अवॉर्ड जीतने के लिए करती हैं। वहीं जब मैंने 'ऐतराज' फिल्म की थी तब मुझे कहा गया कि फिल्म में मेरा किरदार देखने के बाद लोगों के दिमाग से मेरी सकारात्मक छवि खत्म हो जाएगी। उस समय मुझे बेहतर नहीं पता था तो मैंने वह फिल्में की। उस समय मुझे कोई भी सिखाने के लिए मौजूद नहीं था। आज हमारे पास दीपिका पादुकोण, आलिया भट्ट, कंगना रनौत और विद्या बालन जैसी अभिनेत्रियां हैं जो यह जज्बा दिखाती हैं, 'हम वह सब कहानी कहेंगे जिसे हम पेश करने की इच्छा रखते हैं और आपको मजबूर भी करेंगे कि आप आएं और वह फिल्में देखें।' जब मैंने करियर की शुरुआत की थी तब ऐसी बहुत ही कम अभिनेत्रियां थी जो ऐसा कर रही थी।
प्रियंका का सपना
सिर्फ अभिनय ही नहीं बल्कि अभिनेत्रियां ऐसी फिल्मों का निर्माण भी कर रही हैं जो ऐसी कहानी पेश करती हैं जो वह कहना चाहती हैं। इस बारे में प्रियंका ने कहा, 'हां, आप तब फिल्में बनाना शुरू कर देती हैं जब आप जो कहानी कहना चाहती हैं उसे कोई ना बना रहा हो। मेरे जिंदगी का सपना है कि हम फिल्मों को 'महिला प्रधान', कलाकारों को 'महिला कलाकार' ,'महिला निर्देशक' या 'महिला खिलाड़ी' की जगह 'खिलाड़ी', 'निर्देशक', 'कलाकार' और फिल्म के तौर ही देखें। गौरतलब है कि पिछली बार फिल्म 'स्काई इज पिंक' में नजर आ चुकी प्रियंका अब जल्द ही 'एवेंजर्स' के निर्देशक रूसो ब्रदर्स के साथ अमेजन प्राइम की वेब सीरीज 'सिटेडल' में नजर आएंगी। इस फिल्म में उनके साथ हॉलीवुड अभिनेता रिचर्ड मेडन भी मुख्य किरदार में हैं।
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