सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद बॉलीवुड में नेपोटिज्म का मुद्दा गहरा गया है। ऐसे में बॉलीवुड के साथ ही सिनेमा के फैंस भी दो फाड़ में विभाजित हो गए हैं। इस बीच हाल ही में आर बाल्की ने रणबीर कपूर और आलिया भट्ट को बेस्ट एक्टर्स बताया। इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल करने का सिलसिला चल पड़ा। बॉलीवुड के भी कई लोग आर बाल्की के इस विचार से पूरी तरह इत्तेफाक नहीं रखते हैं।
सुर्खियों में हैं शेखर कपूर और आर बाल्की, जानिए पूरे मामले के साथ ही दोनों निर्देशकों की पूरी कहानी
शेखर कपूर ने बाल्की के इस कमेंट का ट्विटर पर जवाब देते हुए लिखा, 'बाल्की, तुम्हारे लिए काफी सम्मान है। लेकिन मैंने पिछली ही रात 'काय पो छे' देखी थी। अपने समय के तीन नए युवा अभिनेता।और हर एक ने बेहतरीन परफॉर्मेंस दी है।' याद दिला दें कि आर बाल्की ने कहा था, 'मैं नेपोटिजम पर आगे बात करने को तैयार हूं अगर कोई व्यक्ति बॉलीवुड में रणबीर कपूर और आलिया भट्ट से बेहतर एक्टर ढूंढ कर ले आए।' इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर शेखर कपूर और आर बाल्की आमने सामने आ गए हैं। ऐसे में हम आपको बताते हैं आर बाल्की और शेखर कपूर के बारे में....
चलिए जानते हैं शेखर कपूर के करियर के बारे में....
शेखर कपूर का नाम एक ऐसे फिल्म निर्देशक के रूप में शुमार किया जाता है जिन्होंने न सिर्फ बॉलीवुड में बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी खास पहचान बनायी है। शेखर कपूर का जन्म 6 दिसंबर 1945 को लाहौर, पंजाब पाकिस्तान में हुआ था। हिंदी सिनेमा में आने से पहले शेखर बतौर चार्टेड अकाउंटेंट लंदन में काम कर चुके हैं।
शेखर कपूर ने हिंदी सिनेमा करियर की शुरुआत वर्ष 1975 में फिल्म जान हाजिर हो से की थी। हॉलीवुड में उन्होंने 'द फोर फेदर्स', एलिजाबेथ-I जैसी फिल्मों का निर्देशन किया है। इस फिल्म के पहले भाग को ऑस्कर्स में सात और दूसरे को दो नामांकन भी मिले। जिसमें से उन्होंने दो अवॉर्ड जीते। उसके अलावा उन्होंने 'द फोर फेदर्स', 'न्यू यॉर्क- आई लव यू' और 'पैसेज' जैसी फिल्में भी बनाई हैं।
अब एक नजर आर बाल्की के करियर पर....
आर.बाल्की एक भारतीय फिल्म निर्देशक, फिल्मकार, लेखक हैं। वह बॉलीवुड में अपनी लीग से हटकर बनाई गई फिल्में जैसे- पा, चीनी कम , शमिताभ के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक जितनी फिल्मों में हाथ लगाया है, वह सभी फिल्में शानदार प्रदर्शन करने वाली रही हैं। बाल्की पढ़ने लिखने में बहुत अच्छे थे लेकिन उनका मन हमेशा से निर्देशन में ही ठहरा हुआ था। आर बाल्की ने अपने करियर की शुरुआत एड एजेंसी में बतौर क्रिएटिव राइटर की थी।
