फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Rahat Indori Birth Anniversary: अब ना मैं हूं ना बाकी हैं जमाने मेरे, फिर भी मशहूर हैं शहरों में फसाने मेरे

Sun, 01 Jan 2023 07:11 AM IST
निधि पाल एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: निधि पाल Updated Sun, 01 Jan 2023 07:11 AM IST
विज्ञापन
rahat indori birth anniversary know unknown facts about lyricist and poet
राहत इंदौरी - फोटो : amar ujala

लगेगी आग तो आएंगे घर कई जद में...यहां पे सिर्फ हमारा मकान थोड़ी है...सभी का खून है शामिल यहां की मिट्टी में...किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है...अब आप समझ तो गए ही होंगे कि हम किसकी बात कर रहे हैं। यहां हम बात कर रहे हैं उर्दू शायरी में चमकता और रोशन नाम राहत इंदौरी की। वही राहत इंदौरी जिनके मुशायरों की बादशाहत  करीब तीन दशक तक कायम रही। मुशायरे की दुनिया में उनका नाम ही काफी होता था। लोग राहत इंदौरी का नाम सुनकर मुशायरों में खिंचे चले आते थे। आज राहत इंदौरी का जन्मदिन है। ऐसे में इस खास मौके पर आपको उनके बारे में खास बातें बताते हैं।

rahat indori birth anniversary know unknown facts about lyricist and poet
राहत इंदौरी - फोटो : सोशल मीडिया

मध्यप्रदेश के इंदौर में जन्मे राहत इंदौरी के बिना अब यह शहर अधूरा सा लगता है। किसी जमाने में इस शहर में मजदूरी करने आए राहत साहब के पिता ने कभी यह सोचा भी नहीं होगा कि एक दिन राहत साहब की पहचान इस शहर के नाम से होगी। आम से शब्दों में खास बात पेश का हुनर था राहत इंदौरी में। अपनी शायरी के माध्यम से उन्होंने हर खास बात को बेहद ही आम शब्दों में उकेरा है। 

सरहदों पर बहुत तनाव है क्या,
जरा पता तो करो चुनाव है क्या, 
खौफ बिखरा है दोनों सम्तों में,
तीसरी सम्त का दबाव है क्या।

rahat indori birth anniversary know unknown facts about lyricist and poet
मशहूर शायर राहत इंदौरी - फोटो : अमर उजाला

गीत, गजल, नज्म और शायरी के कद्रदानों के घटते इस दौर  में आज भी राहत साहब का नाम बड़े फक्र से लिया जाता है। पिछले 50 साल में मुशायरे की जान बन के राहत इंदौरी साहब ने मुल्क ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी शायरी का परचम लहराया। उर्दू साहित्य पढ़ने से अपना करियर शुरू कर मुशायरों में मकबूल हुए राहत इंदौरी साहब ने कई सफल फिल्मों के लिए गीत भी लिखे हैं। उन्होंने 'मुन्ना भाई एमबीबीएस', 'मिशन कश्मीर', 'इश्क', 'मर्डर' , 'बेगम जान' जैसी फिल्मों  के लिए गाने लिखे हैं।

इसे भी पढ़ें- Tunisha Sharma: तुनिशा मामले में आरोपी शीजान खान ने घर का खाना समेत मांगी ये चीजें, ऐसे कटेंगे जेल में 14 दिन!

विज्ञापन
विज्ञापन
rahat indori birth anniversary know unknown facts about lyricist and poet
राहत इंदौरी

नामचीन शायर होने के साथ-साथ वह काफी सादगी पसंद शख्सियत थे। अपनी शायरी के माध्यम से उन्होंने बदलते सामाजिक और सियासी दौर में आवाम को आइना दिखाने का भी काम किया। उन्होंने हर सामाजिक, सांस्कृतिक और तत्कालिक प्रासंगिक मुद्दों, मोहब्बत पर शायरी की। युवाओं की नब्ज थामने की कला राहत साहब बखूबी जानते थे। उनकी यह नज्म युवा काफी पसंद करते हैं-

किसने दस्तक दी ये दिल पर कौन है, 
आप तो अंदर हैं बाहर कौन है।

विज्ञापन
rahat indori birth anniversary know unknown facts about lyricist and poet
राहत इंदौरी

सन् 1985 में राहत इंदौरी को अपने शोध 'उर्दू मुशायरा' के लिए पीएचडी की उपाधि से भी नवाजा गया। कई पुरस्कारों से नवाजे गए राहत साहब का रुत, मेरे बाद, चांद पागल है, नाराज नाम से शायरियों का संकलन हैं। वो 10 अगस्त 2020 को उनका निधन हो गया था। भले ही राहत साहब आज सभी के बीच में नहीं हैं, लेकिन उनकी हर नज्म सभी को बेहद पसंद है। 

Animal First Look Poster: 'एनिमल' का फर्स्ट लुक पोस्टर रिलीज, धांसू अंदाज में नजर आए रणबीर कपूर

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed