मशहूर शायर, कवि व गीतकार राहत इंदौरी का निधन हो गया। राहत इंदौरी ने बीत दिन ही अपने कोरोना पॉजिटिव होने की खबर सोशल मीडिया के माध्यम से दी थी और लोगों से उनके अच्छे स्वास्थ्य की दुआ करने के लिए कहा था।लेकिन वो इस दुनिया को अलविदा कह कर रुख्सत हो गए। भले ही उन्होंने इस दुनिया को अलविदा दिया हो लेकिन उनकी लिखी कविताएं, शायरियां और उनसे जुड़े किस्से उन्हें उनके चाहने वालों के दिलों में हमेशा जिंदा रखेंगे। राहत इंदौरी के निधन पर उनके साथी गीतकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।
दुनिया को अलविदा कह गए राहत इंदौरी, गुलजार बोले- 'मंच को खाली छोड़ गया मुशायरों का लुटेरा'
राहत इंदौरी के निधन से पूरे बॉलीवुड जगत में भी शोक की लहर दौड़ गई। राहत के निधन पर दिग्गज गीतकार, फिल्म निर्देशक और शायर गुलजार ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। गुलजार ने कहा, 'वो तो मुशायरों का लुटेरा था। जो दुनिया से विदा ले, उर्दू मुशायरों को खाली छोड़ गया। उसकी जगह को कोई नहीं भर सकता। राहत अपनी तरह का इकलौता शायर था। मंच पर खड़ा होता तो पूरी महफिल लूट लेता। हर उम्र और वक्त के सुनने वालों का चहेता था राहत। लोग उसका इंतजार करते थे, यूं तो मुशायरों में मोहब्बत की बातें ज्यादा होती हैं लेकिन राहत ने हर मुकाम पर कलाम पढ़ा और लोगों ने उसे दिल में जगह दी।'
तो वहीं गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने बताया कि उनकी कमी को कोई पूरा नहीं कर सकता। जावेद लिखते हैं, 'राहत एक बेखौफ शायर था और बेबाकी से अपनी बात करता था। उनका जाना एक ऐसी कमी है जिसे कोई पूरा नहीं कर सकता। हबीब जलीब की ही तरह वो एक जल्द समाप्त होने वाले शायरों के कौम का था।'
Rahat Saheb’s demise is an irreparable loss for contemporary urdu poetry and our society at large . Like Habib Jalib he was from the fast disappearing tribe of poets who are never short of courage to call a spade a spade .
फिल्म सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी ने भी राहत के निधन पर शोक व्यक्त किया है। प्रसून जोशी ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट के जरिए लिखा, 'एक बेबाक शायर खामोश हो गया। राहत जी के दुखत निधन पर श्रद्धांजलि। एक अनोखी आवाज और अपने सिग्नेचर स्टाइल का शायर। उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। उनके शब्दों में -एक ही नदी के हैं ये दो किनारे दोस्तों, दोस्ताना मौत से... जिंदगी से यारी रखो।'
#RahatIndori Ek bebak shayar khamosh ho gaya...Heartfelt condolences for Rahat ji’s sad demise . A Poet with a unique voice and a signature style . Will be missed. In his words Ek hi nadi ke hain yeh do kinare doston,
Dostana zindagi se maut se yaari rakho..
राहत के निधन पर संगीतकार शंकर महादेवन ने भी दुख व्यक्त किया है। शंकर महादेवन ने कहा, 'राहत शब्दों के सौदागर थे। धुआं धुआं गाने में युद्ध का दृश्य उन्होंने गीत में बखूबी दर्शाया था। मंचों पर उनका अंदाज हर किसी को दीवाना बना देता था।'
Really saddened after hearing that our dearest @rahatindori is no more . His poetry , his songs will live on for ever !! Will miss you Rahat sahab 🙏
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