राहुल बोस का नाम विवादों के चलते नहीं उनके काम के चलते पूरी दुनिया जानती है। अमेरिकी पत्रिका टाइम ने उन्हें इंडियन आर्ट हाउस सिनेमा का सुपरस्टार और ब्रिटिश मैगजीन मैक्सिम ने उन्हें ओरिएंटल सिनेमा के शॉन पेन के रूप में पहचाना। राहुल सिर्फ एक अभिनेता नहीं है, वह फिल्में लिखते भी हैं और निर्देशन भी करते हैं। इसके अलावा वह क्रिकेट और रग्बी के बहुत अच्छे खिलाड़ी हैं। बॉक्सिंग में उन्होंने मेडल जीते हैं। आज उनके जन्मदिन के मौके पर हम आपको उनकी कुछ फिल्में के शानदार किरदारों के बारे में बताते हैं।
इन 10 किरदारों में छुपा है राहुल बोस की अदाकारी का असली जादू, टाइम मैगजीन ने दिया था ये तमगा
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इंग्लिश, अगस्त (1994)
राहुल अभिनय अपने करियर की शुरुआत तो पहले ही कर चुके थे। इस फिल्म के निर्देशक देव बेनेगल को उनकी फिल्म के लिए कास्टिंग निर्देशक ने देव राहुल का नाम सुझाया। उपमन्यु चटर्जी के लिखे इसी शीर्षक वाले उपन्यास पर आधारित इस फिल्म में देव ने राहुल को सरकारी नौकर अगस्त्य सेन का किरदार देने का फैसला किया। देव का फैसला एकदम सही निकला और राहुल ने इस फिल्म के जरिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। यह पहली भारतीय फिल्म है जिसे हॉलीवुड प्रोडक्शन कंपनी ट्वेंटीएथ सेंचरी फॉक्स ने खरीदा और फिल्म ने अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों में कई पुरस्कार भी जीते।
स्प्लिट वाइड ओपन (1999)
इस फिल्म में भी राहुल ने देव बेनेगल के साथ ही काम किया। देव की अपने करियर की यह दूसरी फिल्म रही। राहुल ने इस फिल्म में केपी यानी कट प्राइस का किरदार निभाया है। यह किरदार एक पानी बेचने वाले का था। इस किरदार की तैयारी करने के लिए राहुल खुद मुंबई की स्लम बस्तियों में रहे। वहां रहकर उन्होंने दो हफ्ते तक नशीली दवाइयां बेचने वालों का भी विश्लेषण किया। यह समय समाज को समझने में भी उनके लिए काफी कारगर साबित हुआ। हालांकि यह फिल्म यौन उत्पीड़न जैसे दृश्यों का चित्रण करने से विवादों में रही लेकिन राहुल को इस फिल्म के लिए सिंगापुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ एशियाई अभिनेता का सिल्वर स्क्रीन पुरस्कार मिला।
मिस्टर एंड मिसेज अय्यर (2002)
अपर्णा सेन के निर्देशन में बनी इस फिल्म में राहुल बोस अपर्णा की बेटी कोंकणा सेन शर्मा के साथ मुख्य भूमिका में नजर आए। इस ड्रामा फिल्म में राहुल ने एक बंगाली मुस्लिम वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर राजा चौधरी का किरदार निभाया है। वहीं कोंकणा का किरदार इस फिल्म में मीनाक्षी अय्यर का है जो कि एक हिन्दू तमिल अय्यर ब्राह्मण है। फिल्म की कहानी इस जोड़े के इर्द-गिर्द घूमती है। यह दोनों एक बस यात्रा पर निकलते हैं जहां उन्हें कुछ सांप्रदायिक संघर्षों जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ता है।
झंकार बीट्स (2003)
इस फिल्म के साथ राहुल ने हिंदी सिनेमा में भी कदम रख दिया। सुजॉय घोष के निर्देशन में बनी इस फिल्म में राहुल, जूही चावला, संजय सूरी, शायन मुंशी, रिंकी खन्ना और रिया सेन के साथ नजर आए। राहुल का किरदार फिल्म में ऋषि का है जो अभी अक्ल से बड़ा नहीं हो सका है। साथ ही बहुत जिद्दी भी है। इस वजह से उसकी पत्नी निकी से उसका हमेशा झगड़ा होता रहता है। फिल्म के नाम के हिसाब से यह एक म्यूजिकल ड्रामा फिल्म है जिसमें ऋषि अपने दोस्त दीप के साथ एक संगीत पसंद व्यक्ति है। यह फिल्म जाने-माने संगीतकार आर डी बर्मन को श्रद्धांजलि देने के लिए बनाई गई थी।