संसद से शाहीन बाग की दूरी गूगल 14.5 किलोमीटर बताता है और देश के सबसे ताकतवर शख्स के घर यानि प्रधानमंत्री आवास से ये दूरी लगभग 23.5 किलोमीटर है। इस रास्ते को तय करने में भले आपको एक घंटा या उससे कुछ वक्त ज्यादा लगे लेकिन सच तो ये है कि ये दूरी 50 दिनों में भी नहीं पट पाई है। शाहीन बाग में नागरिकता संसोशधन बिल के खिलाफ महिलाओं, पुरूषों और कुछ बच्चों का प्रदर्शन टस से मस होने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार इसपर खिसिया रही है और विपक्ष हवा देने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। मौजूदगी यहां बॉलीवुड के कई सितारों को भी दिखती है लेकिन अब तक कोई बड़ा स्टार इस पर बोलने से बचता रहा लेकिन अब चुप्पी टूटी है। नागरिकता संशोधन कानून और इसके खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शनों के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए सुपर स्टार रजनीकांत ने कहा कि सीएए से मुसलमानों को कोई खतरा नहीं है।
CAA के समर्थन में उतरे रजनीकांत, बोले- अगर ये मुसलमानों के खिलाफ हुआ तो मैं...
एनपीआर जरूरी है
रजनीकांत ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम हमारे देश के किसी भी नागरिक को प्रभावित नहीं करता है, अगर यह मुसलमानों को प्रभावित करता है तो मैं उनके लिए खड़ा होने वाला पहला व्यक्ति बनूंगा। बाहरी लोगों के बारे में पता लगाने के लिए एनपीआर जरूरी है। एनआरसी के बारे में स्पष्ट किया गया है कि यह अभी तक तैयार नहीं हुआ है।
सीएए के खिलाफ लोगों को भड़काया जा रहा है
रजनीकांत ने कहा कि केंद्र सरकार ने आश्वासन दिया है कि भारतीय लोगों को सीएए से कोई परेशानी नहीं होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल अपने स्वार्थी हितों के लिए सीएए के खिलाफ लोगों को भड़का रहे हैं। छात्रों को पहले ये मुद्दा समझना चाहिए और उसके बाद प्रदर्शनों में कूदना चाहिए।
विरोधियों पर निशाना
उन्होंने इस कानून के खिलाफ प्रदर्शनों का समर्थन करने के लिए धार्मिक नेताओं को जिम्मेदार ठहराया और इसे काफी गलत बताया। विभाजन के बाद जिन मुसलमानों ने भारत में रुकने का फैसला किया, उन्हें कैसे देश से बाहर भेजा जाएगा? राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि यह अभियान बहुत ही आवश्यक है। कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार 2011 में इसे लेकर आई थी। श्रीलंका के शर्णार्थियों पर रजनीकांत ने कहा कि उन्हें दोहरी नागरिकता दी जानी चाहिए।
पीएम मोदी के करीबी माने जाते हैं रजनीकांत
रजनीकांत को पीएम मोदी का करीबी माना जाता है। कई मौकों पर दोनों एक साथ नजर आ चुके हैं। कश्मीर से धारा 370 हटाने के बाद रजनीकांत ने पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को कृष्ण-अर्जुन की जोड़ी बताया था। नागरिकता संसोधन कानून पर जब सरकार विपक्ष से घिरी है तो एक बार फिर रजनीकांत ने केंद्र सरकार के साथ खड़े नजर आ रहे हैं।