बॉलीवुड हो या हॉलीवुड बहुत ही कम ऐसा कोई निर्देशक देखने को मिलता है, जिसने जितनी भी फिल्में बनाईं सभी ब्लॉकबस्टर हिट रहीं हो। यदि ऐसा कोई हो तो वह सिनेमा जगत के लिए किसी नगीने या हीरे से कम नहीं होगा। कमाल की बात यह है कि हमारी बॉलीवुड इंडस्ट्री में ऐसा एक हीरा है, जिसका नाम राजकुमार हिरानी है। राजकुमार हिरानी ने अभी तक अपने करियर में पांच फिल्में की हैं और पांचों ही ब्लॉकबस्टर हिट रहीं। इस हिसाब से राजकुमार हिरानी को 100 फीसदी सफलता मिली है। राजकुमार हिरानी आज यानी 20 नवंबर को अपना 60वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर हम उनके जीवन के एक ऐसे पहलू पर प्रकाश डालने वाले हैं, जिसने उन्हें भारतीय सिनेमा का हीरा बना दिया है।
Rajkumar Hirani: राजकुमार की हर फिल्म ने तोड़े कमाई के तमाम रिकॉर्ड, जानें बॉलीवुड का 'हीरा' कैसे बने हिरानी?
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हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय और सफल निर्देशकों में से एक, राजकुमार हिरानी को शायद 100 प्रतिशत सफलता हासिल करने वाले हिंदी सिनेमा के एकमात्र फिल्म निर्माता होने का टैग दिया जा सकता है। केवल पांच फिल्मों का सफर तय करने वाले राजकुमार हिरानी ने साबित कर दिया कि किसी को भी सफलता के लिए ज्यादा फिल्में करने की जरूरत नहीं होती है। उनकी फिल्में हिट होने के पीछे उनकी दृष्टि, कहानी कहने की शैली, सितारों को चुनने की उनकी सूझबूझ और बहुत ही बारीकी से काम करने के तरीके ने उन्हें इतना लोकप्रिय बना दिया कि उनकी हर फिल्म सुपरहिट रही। यही वजह है कि उन्हें दर्शकों, उद्योग और आलोचकों से समान रूप से प्रशंसा मिली है।
साल 2000 में आई फिल्म 'मिशन कश्मीर' से अपने करियर की शुरुआत बतौर फिल्म एडिटर करने वाले राजकुमार हिरानी का सिनेमा इंडस्ट्री में असली सफर साल 2003 से शुरू हुआ था। इस साल उनके निर्देशन में बनी पहली फिल्म 'मुन्नाभाई एमबीबीएस' आई। संजय दत्त और अरशद वारसी की मुख्य भूमिकाओं वाली इस फिल्म ने कामयाबी के झंडे गाड़ दिए थे। राजकुमार हिरानी पहली ही फिल्म से छा गए थे, जिसके लिए उन्हें कई अवार्ड भी मिले थे। अपनी इस फिल्म में राजकुमार हिरानी ने दर्शकों को इतनी पॉजिटिविटी दिखाई कि लोगों का देखने का नजरिया ही बदल गया था। खास बात यह थी कि राजकुमार हिरानी को अपना काम खत्म करने या फिर नए प्रोजेक्ट को शुरू करने की जरा भी जल्दी नहीं रहती थी। वह हमेशा अपनी फिल्मों को अपने नजरिए की तरह से पर्दे पर उतारने के लिए भरपूर समय लेते थे।
पहली फिल्म हिट होने के पूरे तीन साल बाद 2006 में राजकुमार हिरानी 'मुन्ना भाई एमबीबीएस' का अगला पार्ट 'लगे रहो मुन्नाभाई' लेकर आए। एक बार फिर संजय दत्त और अरशद वारसी की जोड़ी आई, और राजकुमार हिरानी ने फिर से जबरदस्त कामयाबी हासिल की। यह फिल्म 'मुन्ना भाई एमबीबीएस' से भी बहुत ज्यादा हिट हुई। इन फिल्मों की दीवानगी का आलम यह है कि लोग आज भी इसकी तीसरी कड़ी का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद राजकुमार हिरानी तीन साल बाद लौटे और साल 2009 में फिल्म 'थ्री इडियट्स' लेकर आए। इस फिल्म को हिन्दी सिनेमा की सबसे शानदार फिल्मों में से एक माना जाता है। फिल्म ने कमाई के रिकॉर्ड तोड़े और समीक्षकों ने भी खूब सराहा।
'थ्री इडियट्स' के बाद राजकुमार हिरानी ने अपने चाहने वालों को लंबा इंतजार कराया। निर्माता-निर्देशक पूरे पांच साल के बाद 2014 में अपनी एक नई और लोगों की सोच से परे फिल्म 'पीके' लेकर आए। फिल्म ने कमाई के मामले में नए कीर्तिमान स्थापित किए। फिल्म की कहानी, कॉन्सेप्ट से लेकर आमिर, अनुष्का की एक्टिंग तक सभी को खूब सराहा गया था। हालांकि, बहुत से लोग ऐसे थे, जिनको फिल्म में दिखाए गए दृश्यों से वैचारिक मतभेद थे, लेकिन कुल मिलाकर बॉक्स ऑफिस के साथ-साथ 'पीके' ने दर्शकों के दिलों में एक अलग छाप छोड़ी थी। 'पीके' के बाद फिर एक बार राजकुमार हिरानी ने संजय दत्त का हाथ थामा था ,लेकिन इस बार वह संजू बाबा को अपनी कहानी में उतारने की बजाय अभिनेता के जीवन को फिल्मी पर्दे पर उतारने की तैयारी कर रहे थे। जी हां, पूरे तीन साल बाद राजकुमार हिरानी अपनी ही फिल्म के हीरो यानी संजय दत्त की बायोपिक संजू लेकर आए। हालांकि संजय दत्त की इस बायोपिक से राजकुमार हिरानी को थोड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा, लेकिन इस फिल्म ने भी कमाई के कई रिकॉर्ड तोड़े। राजकुमार हिरानी की कामयाबी की गवाही उनके इनाम भी दे रहे हैं।