फिल्मी पर्दे पर दिखने वाले कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जो फिल्मों में अपनी एक खास छवि के लिए पहचाने जाते हैं। उन कलाकारों में से ही एक थीं अक्सर पर्दे पर मुख्य कलाकारों की मां का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री रीमा लागू। फिल्मों में रीमा ने किरदार तो और भी निभाए लेकिन उन्हें जो खास पहचान मिली, वह एक मां के रूप में ही मिली। वह हिंदी और मराठी भाषा की पचासों फिल्मों में काम कर चुकी थीं और हिंदी के शीर्ष अभिनेताओं जैसे; अजय देवगन, शाहरुख खान, सलमान खान, संजय दत्त आदि की मां का किरदार निभा चुकी थीं। हालांकि, वह अब इस दुनिया में नहीं हैं। हम आपके लिए उनके कुछ ऐसे फिल्मी किरदारों को लेकर आए हैं जिनसे वह लोगों के जेहन में उन्हें हमेशा जिंदा रहेंगी। रीमा लागू ने 10 साल बैंक में नौकरी की और इस दौरान भी अपने अभिनय को वह तराशती रहीं। फिर जब वह बतौर अभिनेत्री स्थापित हो गईं तो उन्होंने एक्टिंग को ही अपना पेशा बना लिया।
24 साल के सलमान की 31 साल में मां बनी थी ये हीरोइन, छोटा राजन पर बनी फिल्म में 'बेटे' को मारी गोली
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मैंने प्यार किया (1989)
सूरज बड़जात्या के निर्देशन में बनी इस फिल्म से सलमान खान ने अपने करियर की शुरुआत तो नहीं की लेकिन उनके करियर की यह पहली फिल्म है जिसमें उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई। इस फिल्म में रीमा लागू ने सलमान खान की मां कौशल्या चौधरी का किरदार निभाया है जो न सिर्फ अपने बेटे के प्यार को समझती है बल्कि उसके प्यार की लड़ाई में उसका साथ भी देती है। उन्होंने मां के किरदार में बहुत अच्छा अभिनय किया। इसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए नामित किया गया। इसी फिल्म से जवान हीरो की मां के भी जवान होने का सिलसिला शुरू हुआ। इससे पहले हीरो की मां को ज्यादातर सफेद बालों में ही दिखाया जाता था। इसी फिल्म से प्रेरणा पाकर एकता कपूर ने सास बहू के सीरियलों में माओं के किरदार नए सिरे से गढ़ने शुरू किए। रीमा लागू ने ये फिल्म जब की तब वह सिर्फ 31 साल की थीं और सलमान की उम्र तब थी 24 साल।
आशिकी (1990)
वर्ष 1990 में आई महेश भट्ट के निर्देशन में बनी इस फिल्म में भी रीमा मुख्य अभिनेता राहुल रॉय की मां मिसेज विक्रम रॉय के किरदार में नजर आईं। अपने पति के चले जाने के बाद वह अकेले अपने बेटे की परवरिश करती है। ना सिर्फ एक मां बनकर वह अपने बेटे को पालती है, बल्कि उसकी मोहब्बत को समझती है और अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए उसे प्रेरित करती है। एक जुझारू मां के रूप में उन्हें बहुत पसंद किया गया। इसके लिए रीमा को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए नामित भी किया गया।
हम आपके हैं कौन (1994)
हिंदी सिनेमा की सबसे बेहतरीन फिल्मों में से एक इस फिल्म में रीमा ने माधुरी दीक्षित की मां मधुकला चौधरी का किरदार निभाया है। यह एक पारिवारिक ड्रामा फिल्म है जिसके लिए एक पहले से ही मां के किरदारों में स्थापित हो चुकी अभिनेत्री की जरूरत थी। इसलिए इस फिल्म में रीमा को चुना गया। रीमा पर इस फिल्म में एक गाना भी फिल्माया गया है, जिसे उन्होंने खुद अपनी आवाज भी दी है। इस फिल्म में भी शानदार अभिनय के लिए रीमा को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के फिल्मफेयर अवॉर्ड के लिए नामांकन मिला।
वास्तव- द रियलिटी (1999)
महेश मांजरेकर के निर्देशन में बनी इस फिल्म में के लिए जितना संजय दत्त को याद किया जाता है लगभग उतना ही बेहतरीन किरदार रीमा लागू ने भी निभाया है। रीमा लागू इस फिल्म में संजय दत्त की मां बनी हैं जो अपने बेटे को अपने सामने एक गैंगस्टर बनता हुआ देखती हैं। एक मां पर तब क्या गुजरी होगी जब वह अपने ही बेटे को अपने ही हाथों से गोली मारे? फिल्म के इस दृश्य में रीमा ने कमाल अभिनय का प्रदर्शन किया है। इस फिल्म में अभिनय के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के फिल्मफेयर अवॉर्ड के लिए नामित किया गया। फिल्म वास्तव के प्रोड्यूसर थे दीपक निखलजे और माना जाता है कि ये फिल्म उसके भाई अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन के जीवन से प्रेरित है।