अभिनेता और निर्देशक राजीव कपूर का मंगलवार को 58 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। राजीव कपूर के जाने से पूरी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। राजीव कपूर के निधन के तमाम बॉलीवुड के सितारें उनके साथ पुरानी तस्वीरें साझा कर उन्हें याद कर रहे हैं। ऐसे ही अभिनेत्री मंदाकिनी ने भी राजीव कपूर के साथ पुरानी तस्वीर शेयर कर उनके लिए एक भावुक नोट लिखा है।
राजीव कपूर के निधन पर भावुक हुईं 'राम तेरी गंगा मैली' की एक्ट्रेस, इनकी वजह से ही हो गई थी बाप बेटे में अनबन
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एक्ट्रेस मंदाकिनी और राजीव कपूर ने फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' में साथ काम किया था। राजीन कपूर को इस फिल्म से पहचान मिली थी और इसे उनके पिता राज कपूर ने बनाया था। अब राजीव कपूर के निधन के बाद अभिनेत्री मंदाकिनी ने एक भावुक करने वाला मैसेज अपने इंस्टाग्राम पर लिखा है। मंदाकिनी ने सोशल मीडिया पर राजीव कपूर के साथ दो तस्वीरें शेयर की हैं। जिसमें उन्होंने लिखा, 'उनकी आत्मा को शांति मिले। मैं हमेशा हमारी खूबसूरत यादों को एक साथ याद रखूंगीं। ये यादें मेरे लिए हमेशा अनमोल रहेंगीं, मैं हमेशा इन्हें संभाल कर रखूंगी।'
अभिनेत्री मंदाकिनी को फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' से रातों-रात पहचान मिली थी। तो वहीं राजीव कपूर को भी इस फिल्म से पहचान मिली लेकिन मंंदाकिनी जैसी नहीं मिल पाई। ऐसा कहा जाता है कि इसी बात को लेकर राजीव की अपने पिता राज कपूर से अनबन भी हो गई थी। दरअसल, राजीव की ये पहली फिल्म सुपरहिट हो गई थी। उन्हें इस बात की खुशी तो थी, लेकिन उनके करियर को फिल्म का फायदा नहीं मिल पाया। इसी बात से उनके अंदर नाराजगी पैदा हो गई थी।
इस फिल्म में राजीव के साथ एक्टर रजा मुराद ने भी अहम रोल प्ले किया था। रजा मुराद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायलर हो रहा है जिसमें वह राजीव को लेकर कई सारी बातें करते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को बॉलीवुड के फेमस फोटोग्राफर विरल भयानी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया है। इस वीडियो में रजा मुराद कह रहे हैं, ‘राजीव का निधन उनके लिए एक बड़ी हानि है। मेरा और राजीव का साथ 41 साल पुराना है। जब वह असिस्टेंट डायरेक्टर हुआ करते थे। राजीव एक साधारण इंसान की तरह थे, वह हर काम करते थे। वह फ्लोर साफ करते थे, वो ट्रॉली चलाते थे। उनको देखकर कभी नहीं लगा किया इतने बड़े खानदान के बेटे हैं। वह वर्कर के साथ बैठते थे, उनके साथ खाना खाते थे। कभी उन्होंने किसी वर्कर को डाटा नहीं। यहां तक कि ऋषि कपूर उन्हें सेट पर डांट दिया करते थे लेकिन वह कभी पलट कर जवाब नहीं देते थे। एक आज्ञाकारी भाई की तरह उनकी सारी बातें सुनते थे। राज साहब ने अपने सभी बच्चों को यही सिखाया कि स्टार बनने से पहले उन्हें साधारण जीवन जीना सीखना चाहिए।'
राजीव कपूर की फिल्मों की बात करें तो उन्होंने 1983 में ‘एक जान हैं हम’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी लेकिन उन्हें पहचान 1985 में आई ‘राम तेरी गंगा मैली’ से मिली। राजीव कपूर ने ‘आसमान’, ‘लवर ब्वॉय’, ‘जबरदस्त’ और ‘हम तो चले परदेस’ जैसी फिल्मों में भी अभिनय किया। हीरो के तौर पर उनकी अंतिम फिल्म 1990 के दशक में आई ‘जिम्मेदार’ थी। इसके बाद उन्होंने निर्देशन की ओर अपना रुख किया।