मामी मुंबई फिल्म फेस्टिवल 2024 की शानदार शुरुआत 19 अक्तूबर को हुई। वहीं, 24 अक्तूबर को पीवीआर आईनॉक्स, जुहू, मुंबई में कार्यक्रम का सफल समापन हुआ। समारोह को दर्शकों, फिल्म निर्माताओं और इंडस्ट्री से जबर्दस्त प्रतिक्रिया मिली। महोत्सव में 50 से अधिक भाषाओं में 45 से अधिक देशों की 110 से अधिक फिल्में प्रदर्शित की गईं। वहीं, कार्यक्रम का समापन भी बेहद बेहतरीन रहा। फिल्म निर्माता अमित दत्ता की एनीमेशन फिल्म 'रिदम ऑफ ए फ्लावर' ने मामी मुंबई फिल्म फेस्टिवल का गोल्डन गेटवे अवार्ड जीता, जो इस कार्यक्रम का शीर्ष पुरस्कार है। यह फिल्म भारतीय शास्त्रीय गायक कुमार गंधर्व के जीवन पर आधारित एक बायोपिक है।
MAMI 2024: मामी फिल्म फेस्टिवल में 'रिदम ऑफ ए फ्लावर' ने मारी बाजी, 'नोक्टर्न्स' ने जीता सिल्वर गेटवे पुरस्कार
मामी मुंबई फिल्म फेस्टिवल 2024 के समापन पर विजेताओं को सम्मानित किया गया। इस दौरान अमित दत्ता की एनीमेशन फिल्म 'रिदम ऑफ ए फ्लावर' महोत्सव का शीर्ष पुरस्कार गोल्डन गेटवे अवार्ड अपने नाम किया।
मामी फिल्म फेस्टिवल में इन फिल्मों ने मारी बाजी
अनुपमा श्रीनिवासन और अनिर्बान दत्ता की डॉक्यूमेंट्री 'नोक्टर्न्स' ने महोत्सव का सिल्वर गेटवे पुरस्कार जीता। फिल्म ने पहले सनडांस और थेसालोनिकी में पुरस्कार जीते थे। मनोज बाजपेयी अभिनीत राम रेड्डी की 'द फैबल' ने महोत्सव का विशेष जूरी पुरस्कार जीता। शुचि तलाती के नाटक 'गर्ल्स विल बी गर्ल्स' ने नेटपैक अवार्ड, फिल्म क्रिटिक्स गिल्ड जेंडर सेंसिटिविटी अवार्ड, यंग क्रिटिक्स चॉइस अवार्ड जीता और एक विशेष उल्लेख भी हासिल किया। एशियाई सिनेमा में बेहतरीन योगदान के लिए नेटपैक जूरी द्वारा 'एजेंट ऑफ हैप्पीनेस' के लिए अरुण भट्टराई और डोरोट्टा जर्बोस और 'शंभाला' के लिए मिन बहादुर भाम का विशेष उल्लेख किया गया।
विजेताओं की सूची में शामिल रहे ये नाम
श्रीला अग्रवाल ने शॉर्ट फिल्म 'बीएमसीएलडी' के लिए गोल्ड अवार्ड जीता। रजत पुरस्कार 'ए टेल ऑफ टू सिटीज' के लिए समीहा सबनीस और 'आई वाज पेंटेड रेड' के लिए भाग्येश राजेशिरके ने जीते। महोत्सव में सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ पुस्तक का पुरस्कार 'द एज ऑफ हीरोज: द इनक्रेडिबल वर्ल्ड ऑफ तेलुगु सिनेमा' के लिए मुकेश मंजूनाथ को दिया गया। सार्थ पटेल और राशिद ईरानी सर्वश्रेष्ठ युवा आलोचक का पुरस्कार जीता, जबकि सानवी तारा द्विवेदी और रुश्नान जलील उपविजेता रहे। पायल कपाड़िया की कान्स ग्रांड प्रिक्स विजेता 'ऑल वी इमेजिन एज लाइट' से महोत्सव की शुरुआत हुई थी और इसका समापन सीन बेकर के पाल्मे डी'ओर प्राप्तकर्ता 'अनोरा' से हुई। समापन समारोह में शबाना आजमी, मनोज बाजपेई, ऋचा चड्ढा और अली फजल जैसे सितारों ने भाग लिया। दक्षिण एशिया में सबसे प्रभावशाली फिल्म महोत्सवों में से एक के रूप में 'मामी मुंबई फिल्म फेस्टिवल' की प्रतिष्ठा मजबूत हुई है।
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ऋचा चड्ढा ने जाहिर की खुशी
ऋचा चड्ढा ने बतौर सह निर्माता पुरस्कार हासिल करते वक्त कहा, 'यह पुरस्कार बहुत मायने रखता है। हम अपने देश में अच्छे दर्शकों की उम्मीद कर रहे थे। यह हमेशा एक भारतीय फिल्म रहेगी, भले ही यह अंतर्राष्ट्रीय को प्रोडक्शन हो। इसे सफल बनाने के लिए मामी फिल्म फेस्टिवल को बधाई। यह हमेशा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है और यही मायने रखता है।'
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अली फजल, मनोज बाजपयी भी हुए गदगद
अली फजल ने साझा किया, 'मैं फिल्म निर्माण की पूरी प्रक्रिया को किनारे पर देख रहा हूं। ऋचा और मैं कई अन्य लोगों के साथ सह-निर्माता हैं। शुचि और सभी अभिनेताओं को अभिनय करते देखना एक अभिनेता के रूप में सबसे विनम्र और सीखने की प्रक्रिया रही है।' मनोज बाजपेयी ने फिल्म 'द फैबल' के दक्षिण एशिया प्रतियोगिता के लिए क्रिटिक्स च्वाइस अवार्ड जीतने पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा, 'मुझे पता है कि (द फैबल के निर्माण के दौरान) हम सभी किस दौर से गुजरे थे। ये सब कोरोना से पहले शुरू हुआ था। हमने बहुत कुछ देखा है, बहुत कुछ झेला है। हमने धैर्यपूर्वक इंतजार किया क्योंकि हम सभी को फिल्म पर विश्वास था। इस फिल्म के लिए मुझ पर विचार करने के लिए मैं राम को धन्यवाद देना चाहता हूं।'
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