बॉलीवुड अभिनेता ऋषि कपूर का निधन हो गया है। 30 अप्रैल को उन्होंने अंतिम सांस ली। आज हम आपको नीतू कपूर और ऋषि कपूर से जुड़े कुछ किस्से बताने जा रहे हैं। नीतू सिंह की ऋषि कपूर से जब पहली मुलाकात हुई तो वो सिर्फ 14 साल की थीं। बाद में नीतू सिंह ने मधु जैन को दिए गए इंटरव्यू में कहा था, "उस जमाने में चिंटू की कई गर्लफ्रेंड हुआ करती थीं। वो फोन पर उनसे मेरी बात किया करते थे। कभी कभी मैं उनकी तरफ से उनको फोन करती थी। जब मैं 17 साल की थी तो उन्होंने पहली बार मुझे कहा कि वो मुझे 'मिस' करते हैं। मैंने कहा कि क्या बकवास कर रहे हो तो उन्होंने अपना जूता उतार कर मुझे दिखाया था कि उन्होंने अपनी उंगलियों को 'क्रॉस' नहीं कर रखा है। जब मैं 18 साल की थी तो उन्होंने मुझे एक चाभी दी थी और उसे ये कह कर मेरे गले में पहना दिया था कि ये मेरे दिल की चाबी है। (अगर आप दीवार फिल्म को गौर से देखें तो नीतू सिंह अपने गले में यही चाबी पहने दिखाई देती हैं।)"
रविवार को कभी काम नहीं करते थे ऋषि कपूर, नीतू ने बताया था उनकी कंजूसी के बारे में
नीतू सिंह ने आगे बताया था, "एक बार ताज होटल में खाना खाने के बाद उन्होंने मुझसे पूछा था क्या तुम शादी नहीं करना चाहती? मैंने कहा था हां लेकिन किससे करूं? ऋषि ने बहुत मासूमियत से कहा था मुझसे और किससे' चिंटू को नीतू सिंह हमेशा बॉब कह कर पुकारती थीं।" नीतू सिंह ने एक बार लिखा था कि "ऋषि कपूर बहुत जलनखोर थे। मुझे पता है कि मैं किसी के बहुत नजदीक नहीं जा सकती, क्योंकि चिंटू फौरन बुरा मान जाते हैं। यहाँ तक कि मेरे बेटे रणबीर से मेरी नजदीकी को चिंटू पसंद नहीं करते।
उन्होंने आगे बताया था, ''एक जमाने में वो बहुत शराब पिया करते थे। तब वो शराब के नशे में वो सब बातें कह जाया करते थे जो उनके दिल में होती थीं। यहां तक कि वो उस लड़की तक के बारे में बता देते थे जिसमें उन दिनों उनकी रुचि हुआ करती थी। जब मैं अगले दिन उनसे उसके बारे में पूछती थी तो वो बहुत मासूमियत से पूछते थे कि तुम्हें इसके बारे में किसने बताया। ये इतनी बार हुआ कि वो शराब पीने के बाद अक्सर नर्वस हो जाते थे कि कहीं वो अपने बारे में कोई खुफिया बात मुझे न बता दें।"
ऋषि कपूर ने अपने चाचा शशि कपूर की तरह कभी भी रविवार को काम नहीं किया। रविवार उनके लिए परिवार का दिन होता था। लेकिन शशि कपूर के ठीक विपरीत वो बहुत कड़क और अनुशासनप्रिय पिता थे और अपने बच्चों से बहुत कम बात करते थे। जब चिंटू छोटे थे तो उनकी भी अपने पिता के सामने आवाज नहीं निकलती थी। ऋषि के बारे में मशहूर था कि वो थोड़े कंजूस थे। उन्हें लोगों को उपहार देना पसंद नहीं था। जब उनका बेटा रणबीर 16 साल का हुआ था उसने अपनी मां से एक कार की फरमाइश की। लेकिन चिंटू ने उनसे कहा, तुम्हारी अभी कार रखने की उम्र नहीं आई है। वो अपने बच्चों को बिगाड़ना नहीं चाहते थे। जब तक वो अपने पैरों पर खड़े नहीं हो गए उनके बच्चों रिधिमा और रणबीर ने हमेशा इकॉनॉमी क्लास से सफर किया।
नीतू सिंह ने एक बार ऋषि कपूर की कंजूसी की एक बहुत दिलचस्प किस्सा सुनाया था, "खाने में चिंटू कोई कंजूसी नहीं बरतते थे। मुझे याद है जब हम न्यूयॉर्क गए थे तो वो मुझे मंहगे से मंहगे रेस्तरां में ले जाया करते थे और एक खाने पर सैकड़ों डॉलर खर्च कर दिया करते थे। लेकिन मामूली चीजों पर खर्च करने में उनकी जान निकलती थी। एक बार न्यूयॉर्क में ही अपने अपार्टमेंट में वापस लौटते हुए मैं सुबह की चाय के लिए दूध की एक बोतल खरीदना चाहती थी। उस समय आधी रात हो चुकी थी लेकिन चिंटू सिर्फ इसलिए दूर की एक दुकान पर गए क्योंकि वहाँ दूध 30 सेंट सस्ता मिल रहा था।"
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