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'Saand ki Aankh' की असली चंद्रो तोमर ने खोले संघर्ष के दिनों के राज, तापसी निभा रहीं किरदार
Wed, 02 Oct 2019 01:02 PM IST
भावना शर्मा
एंटरटेनमेंट डेस्क, मुंबई
एंटरटेनमेंट डेस्क, मुंबई
Published by: भावना शर्मा
Updated Wed, 02 Oct 2019 01:02 PM IST
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saand ki aankh
- फोटो : social media
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बागपत, मेरठ की रहने वाली चंद्रो तोमर और प्रकाशी तोमर पर बनी फिल्म सांड की आंख की रिलीज का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। एक छोटी सी मुलाकात चंद्रो तोमर से।
'सांड की आंख' की टीम
- फोटो : सोशल मीडिया
आपका यह सफर कितना कठिन रहा होगा, कुछ हमें भी बताएं
हां बिलकुल, बड़ी मुश्किल से शुरू किया क्योंकि सब मजाक उड़ाया करते थे और घर का काम भी नहीं छोड़ सकती थी। तीन परिवार साथ रहते हैं हम। घर के सभी लोग देर 12 बजे तक ही सोते थे। सारे घर का काम निपटाने के बाद मैं पानी भरने जाया करती थी। फिर उसके बाद प्रैक्टिस किया करती थी। धीरे धीरे पोती को भी शुरू करवाया। 15 दिन में अखबार में नाम आ गया, नाम भी काम भी फोटो भी। मैंने उसे तुरंत छिपा लिया कि कोई पढ़ेगा तो क्या बोलेगा। फिर बेटा कहने लगा, मां अखबार दिखाना कहां है। मैंने कहा बेटा मुझे नहीं पता। फिर उसने कहा यहां तो गुणगाण हो रहा कि बुढ़िया ने परिवार का नाम रोशन कर दिया। तब मैंने उसे वह दिखा दिया। सबको खुशी हुई। धीरे-धीरे देवरानी के बच्चों को भी ले गई।
हां बिलकुल, बड़ी मुश्किल से शुरू किया क्योंकि सब मजाक उड़ाया करते थे और घर का काम भी नहीं छोड़ सकती थी। तीन परिवार साथ रहते हैं हम। घर के सभी लोग देर 12 बजे तक ही सोते थे। सारे घर का काम निपटाने के बाद मैं पानी भरने जाया करती थी। फिर उसके बाद प्रैक्टिस किया करती थी। धीरे धीरे पोती को भी शुरू करवाया। 15 दिन में अखबार में नाम आ गया, नाम भी काम भी फोटो भी। मैंने उसे तुरंत छिपा लिया कि कोई पढ़ेगा तो क्या बोलेगा। फिर बेटा कहने लगा, मां अखबार दिखाना कहां है। मैंने कहा बेटा मुझे नहीं पता। फिर उसने कहा यहां तो गुणगाण हो रहा कि बुढ़िया ने परिवार का नाम रोशन कर दिया। तब मैंने उसे वह दिखा दिया। सबको खुशी हुई। धीरे-धीरे देवरानी के बच्चों को भी ले गई।
फिल्म सांड की आंख का टीजर रिलीज हुआ
- फोटो : अमर उजाला
यह कहानी बतानी कितनी जरूरी थी ?
22 साल में यही मिला है मुझे, कि मेरे नाम की फिल्म बन रही है। कितने ही कंपटीशन आए सभी कूद कूद के खेलती गई, साथ ही साथ घर और समाज से आई बातों को भी सहती गई। अब मुझे बहुत ही खुशी हो रही है बहुत बढ़िया बना रहे हैं।
22 साल में यही मिला है मुझे, कि मेरे नाम की फिल्म बन रही है। कितने ही कंपटीशन आए सभी कूद कूद के खेलती गई, साथ ही साथ घर और समाज से आई बातों को भी सहती गई। अब मुझे बहुत ही खुशी हो रही है बहुत बढ़िया बना रहे हैं।
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फिल्म सांड की आंख का टीजर रिलीज हुआ
- फोटो : अमर उजाला
ट्रेलर कैसा लगा आपको, भूमि और तापसी कैसी लगीं ?
मैंने देखा तो नहीं है पूरा पर बहुत ही अच्छा बना रहे हैं ये लोग। मेरा रोल भूमि निभा रही है, अच्छा कर रही है। पर तापसी मेरे बहुत पास रही है। वह लगातार दो तीन महीने मेरे ही बिस्तर पर सोई है। मेरे बच्चों के साथ खूब घुल मिल गई थी वो। दोनों ही बहुत अच्छी लग रही हैं। सबने देखी घर में भी और आस पड़ोस में भी, सभी तारीफ कर रहे थे।
मैंने देखा तो नहीं है पूरा पर बहुत ही अच्छा बना रहे हैं ये लोग। मेरा रोल भूमि निभा रही है, अच्छा कर रही है। पर तापसी मेरे बहुत पास रही है। वह लगातार दो तीन महीने मेरे ही बिस्तर पर सोई है। मेरे बच्चों के साथ खूब घुल मिल गई थी वो। दोनों ही बहुत अच्छी लग रही हैं। सबने देखी घर में भी और आस पड़ोस में भी, सभी तारीफ कर रहे थे।
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सांड की आंख
- फोटो : सोशल मीडिया
इस कहानी से लोगों को दिक्कते होंगी या सीख मिलेगी ?
मैं तो यह चाहती हूं कि मेरी बेटियां और पोतियां सभी इस परंपरा को जारी रखें। बेटियां तो कर भी रही हैं। इसीलिए यह एक बहुत बड़ी सीख है। मेरा एक ही नारा है बेटी ' पढ़ाओ भी, बेटी बचाओ भी और बेटी खिलाओ भी '। खेलने में परिवार और देश दोनों का नाम रोशन करेंगी, पहलवानी करेंगी और ओलंपिक में मेडल जीत कर लाएंगी।
VIDEO: लाखों की कार में घूमने वाले रणबीर कपूर चलाते दिखे स्कूटर, नहीं पहचान पाया कोई
मैं तो यह चाहती हूं कि मेरी बेटियां और पोतियां सभी इस परंपरा को जारी रखें। बेटियां तो कर भी रही हैं। इसीलिए यह एक बहुत बड़ी सीख है। मेरा एक ही नारा है बेटी ' पढ़ाओ भी, बेटी बचाओ भी और बेटी खिलाओ भी '। खेलने में परिवार और देश दोनों का नाम रोशन करेंगी, पहलवानी करेंगी और ओलंपिक में मेडल जीत कर लाएंगी।
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