90 के दशक की मशहूर गायिका साधना सरगम ने चार दशक के अपने करियर में कई यादगार गाने दिए। साधना सरगम ने हिंदी फिल्म 'रुस्तम' में पहला सोलो 'दूर नहीं रहना' गाया। हालांकि यह फिल्म देर से रिलीज हुई। उससे पहले सुभाष घई की फिल्म 'विधाता' (1982) में 'सात सहेलियां' गाना गाया था। साधना सरगम की आवाज फिल्मों में अब कम ही सुनाई देती है लेकिन उनके फैंस अभी भी उन्हें याद करते हैं। सात मार्च को साधना अपना जन्मदिन मनाती हैं। इस मौके पर चलिए आपको 90 के दशक के उन गायकों से रूबरू करवाते है जो उस दौर में राज करते थे।
साधना सरगम सहित 90 के दशक के ये सात गायक, कभी बॉलीवुड पर करते थे राज
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उदित नारायण
90 के दशक की कई हिट फिल्मों को याद करें तो यह मानने में हमें जरा भी हिचकिचाहट नहीं होगी कि उनके हीरो दरअसल उदित नारायण थे। लोगों को मधुर गीत-संगीत के कारण फिल्में पसंद आती थीं। इन फिल्मों की रिपीट वैल्यू थी और दर्शक बार-बार ऐसी फिल्में इनके गीतों की वजह से देखते थे। 'दिल', 'आशिकी', 'फूल और कांटे', 'बेटा', 'चमत्कार' और 'जो जीता वो सिकंदरट जैसी फिल्में हैं जिनके हिट होने में उदित नारायण के गानों की भूमिका रही है।
कुमार सानू
90 के दशक में फिल्मों में रोमांटिक गानों का मतलब कुमार सानू होते थे। कुमार सानू ने बॉलीवुड की फिल्मों में अपनी आवाज से दर्शकों का दिल जीत लिया था। उनके गीतों ने एक अलग जादू बिखेरा था। फिल्मों में चाहे कोई भी हीरो या हीरोइन हो अगर उनका गाना होता था तो समझो फिल्म हिट। उनके गानों को लोग आज भी गुनगुनाते नजर आते हैं। 'आशिकी', 'साजन', 'सड़क', '1942 ए लव स्टोरी' और 'परदेस' जैसी फिल्मों में कुमार सानू ने सुपरहिट गाने दिए।
अलका याग्निक
लता मंगेशकर और आशा भोसले के बाद जिस फीमेल सिंगर के गाने सबसे ज्यादा पॉपुलर हुए, वो अलका याग्निक हैं। 90 के दशक में हर दूसरी बॉलीवुड फिल्म के गानों में अलका की आवाज सुनाई देती थी। कोई भी फिल्म अलका के गानों के बिना अधूरी लगती थी। अलका याग्निक ने 30 सालों तक बॉलीवुड को अपनी आवाजा से सजाए रखा। उन्हें प्लेबैक सिंगर के तौर पर 2 बार नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिल चुका है।
कविता कृष्णमूर्ति
सिंगर कविता कृष्णमूर्ति 90 के दशक की मशहूर सिंगर में से एक हैं। अपने गानों से कविता कृष्णमूर्ति सुनने वालों के दिनों पर राज करती हैं। उनके गाए गाने आज भी इतने मशहूर हैं कि आपको थिरकने पर मजबूर कर देते हैं। 1985 में रिलीज हुई फिल्म प्यार झुकता नहीं से कविता को बतौर सिंगर के रूप में बॉलीवुड में पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक हिट गाने गाए। कविता कृष्णमूर्ति को चार बार बेस्ट सिंगर का फिल्मफेयर का अवॉर्ड मिला।