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B'dy Spl: पढ़िए साहिर लुधियानवी के 10 बेहतरीन और लोकप्रिय गीतों की दास्तान
Fri, 08 Mar 2019 10:39 AM IST
भावना शर्मा
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: भावना शर्मा
Updated Fri, 08 Mar 2019 10:39 AM IST
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Sahir Ludhianvi
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बॉलीवुड के एक ऐसे शायर जिन्होंने समाज के संवेदनशील मुद्दों पर बात की और गाने भी लिखे। जिनकी रचनाएं आज भी उतनी ही जीवंत हैं जितनी उस दौर में थीं। हम बात कर रहे हैं मशहूर शायर और गीतकार साहिर लुधियानवी की। साहिर का जन्म 8 मार्च 1921 को लुधियाना में हुआ। साहिर लुधियानवी का असली नाम अब्दुल हयी साहिर है। हालांकि इनके पिता बहुत धनी थे पर माता-पिता में अलगाव होने के कारण उन्हें मां के साथ रहना पड़ा और गरीबी में दिन गुजारे । साहिर की शिक्षा लुधियाना के खालसा हाई स्कूल में हुई। 59 साल की अवस्था में 25 अक्टूबर 1980 को दिल का दौरा पड़ने से साहिर लुधियानवी का मुंबई में निधन हो गया।
song
अभी ना जाओ छोड़कर ये दिल अभी भरा नहीं
1961 में आई फिल्म 'हम दोनों' का ये गीत-'अभी ना जाओ छोड़कर ये दिल अभी भरा नहीं' सुपरहिट हो गया था। इसके लिरिक्स साहिर लुधियानवी के थे। इस फिल्म में देवानंद और साधना लीड रोल में थे।
1961 में आई फिल्म 'हम दोनों' का ये गीत-'अभी ना जाओ छोड़कर ये दिल अभी भरा नहीं' सुपरहिट हो गया था। इसके लिरिक्स साहिर लुधियानवी के थे। इस फिल्म में देवानंद और साधना लीड रोल में थे।
dev anand
तदबीर से बिगड़ी हुई तकदीर
गुरु दत्त के निर्देशन में बनी फिस्म 'बाजी' का गीत 'तदबीर से बिगड़ी हुई तकदीर बना ले' भी खूब मशहूर हुआ। इसको भी साहिर लुधियानवी ने लिखा था।
गुरु दत्त के निर्देशन में बनी फिस्म 'बाजी' का गीत 'तदबीर से बिगड़ी हुई तकदीर बना ले' भी खूब मशहूर हुआ। इसको भी साहिर लुधियानवी ने लिखा था।
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neel kamal
तुझको पुकारे मेरा प्यार
1968 में आई 'नील कमल' फिल्म का गीत 'आजा तुझको पुकारे मेरा प्यार' ने जवां दिलों की धड़कनेें बढ़ा दी थीं और साहिर को हर दिल अजीज बना दिया। इसे गाया था मोहम्मद रफी ने।
1968 में आई 'नील कमल' फिल्म का गीत 'आजा तुझको पुकारे मेरा प्यार' ने जवां दिलों की धड़कनेें बढ़ा दी थीं और साहिर को हर दिल अजीज बना दिया। इसे गाया था मोहम्मद रफी ने।
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song
मेरे भैय्या मेरे चंदा
'काजल' फिल्म का गीत 'मेरे भैय्या मेरे चंदा' सदाबहार गीतों में से एक है। जो रक्षाबंधन जैसे त्योहार पर अमर हो गया। इसकी भी लिरिक्स साहिर की ही थी। इसे आशा भोसले ने गाया था।
'काजल' फिल्म का गीत 'मेरे भैय्या मेरे चंदा' सदाबहार गीतों में से एक है। जो रक्षाबंधन जैसे त्योहार पर अमर हो गया। इसकी भी लिरिक्स साहिर की ही थी। इसे आशा भोसले ने गाया था।