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सलमान खान को इन शर्तों पर मिली जमानत, वकील ने दी ये दलील

Sun, 08 Apr 2018 11:16 AM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Updated Sun, 08 Apr 2018 11:16 AM IST
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salman khan granted bail by Jodhpur Court in blackbuck poaching case
- फोटो : ANI

काले हिरण शिकार मामले में जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद अभिनेता सलमान खान आखिरकार दो दिन बाद शनिवार को जमानत पर बाहर आ गए। सलमान जमानत के बाद जोधपुर से मुंबई पहुंच चुके हैं। उनके गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर उनके फैंस का हुजूम उमड़ा हुआ है। सभी अपने चहेते अभिनेता के दीदार को बेताब दिखे। सलमान को कुल 50 हजार के मुचलकों पर दोपहर करीब 3 बजे सेशन कोर्ट से सशर्त जमानत मिली। कोर्ट ने बिना इजाजत देश नहीं छोड़ने को कहा है। साथ ही, अगले महीने 7 तारीख को कोर्ट में उपस्थित रहने के आदेश दिए हैं। बेल अर्जी (सजा स्थगन अर्जी) की सुनवाई के दौरान सलमान की दोनों बहने अलवीरा व अर्पिता कोर्ट में उपस्थित रहीं और उनके चेहरे पर तनाव और बेचैनी देखी जा सकती थी।

salman khan granted bail by Jodhpur Court in blackbuck poaching case

लेकिन कोर्ट ने जैसे ही बेल की अर्जी मंजूर का फैसला सुनाया, दोनों बहनों के चेहरे खिल उठे। सलमान ने शाम करीब 5.30 बजे जेल के मुख्य दरवाजे से बाहर कदम रखा। यहां भी उन्हें लेने के लिए दोनों बहने पहुंची। सेशन जज रवींद्र कुमार जोशी का शुक्रवार देर रात तबादला हो गया था, लेकिन उन्होंने शनिवार को मामले की सुनवाई जारी रखी। दोनों तरफ के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद करीब 11.15 बजे जज ने लंच बाद फैसला सुनाने के लिए कहा। सलमान की दोनों बहने भी कोर्ट से चली गईं और करीब दो बजे फिर अपने वकीलों के साथ कोर्ट पहुंची। सेशन जज पौने तीन बजे कोर्ट रूम पहुंचे और करीब 15 मिनट बाद सशर्त जमानत का फैसला सुनाया। कोर्ट के बेल के आदेश के बाद सलमान के मित्र बताए गए स्थानीय निवासी राजकुमार शर्मा व चंपालाल सोनी ने 25-25 हजार के मुचलकों पर दस्तखत कर जमानती बने। कोर्ट ने बेल अर्जी मंजूर करने के फैसले के साथ सलमान पर लगाया गया 10 हजार रुपये का जुर्माना स्थगित कर दिया।

salman khan granted bail by Jodhpur Court in blackbuck poaching case

नाराज बिश्नोई समाज जाएगा हाईकोर्ट
शर्तों के साथ मिली बेल के फैसले पर बिश्नोई समाज ने खासी नाराजगी व्यक्त की। इस फैसले के खिलाफ बिश्नोई समाज अब राजस्थान हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा। बिश्नोई समाज के वकील महिपाल सिंह ने कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे।

सुनवाई के दौरान कोर्ट के बाहर बड़ी संख्या में सलमान के समर्थक पहुंचे, जैसे ही उन्हें सलमान की बेल की सूचना मिली, सभी में उत्साह आ गया। उन्होंने जमकर शोर-शराबा किया। समर्थकों को रोकने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। दो-तीन बार प्रशंसकों को खदेड़ना भी पड़ा। ठीक ऐसा ही मंजर जेल के बाहर देखने को मिला।

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घबरा गईं सलमान की बहन, अलग कमरे में भेजा
सेशन कोर्ट के जज रवींद्र कुमार जोशी ने दूसरे दिन शनिवार सुबह करीब 10.30 बजे सलमान खान की बेल अर्जी (सजा स्थगन अर्जी) पर सुनवाई शुरू की। अलवीरा व अर्पिता सुनवाई से 15 मिनट पहले ही कोर्ट पहुंच गई थीं। सुनवाई के बीस मिनट बाद अलवीरा को बेचैनी व घबराहट महसूस होने लगी, तो जज ने कोर्ट के एक अन्य कमरे में उनके बैठने की व्यवस्था की। हालांकि वे दस मिनट बाद ही फिर सुनवाई देखने के लिए सेशन कोर्ट रूम में पहुंच गईं।

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ये रहे सलमान के वकील और सरकारी वकीलों के तर्क
सलमान के वकील महेश बोड़ा व हस्तिमल सारस्वत ने कोर्ट को कहा कि कांकाणी हिरण शिकार मामले में चश्मदीदों के बयानों में काफी विरोधाभास है। इसके लिए इसी कोर्ट में सीजेएम कोर्ट के पांच साल की सजा के फैसले को चुनौती दे रखी है। लेकिन उसकी सुनवाई से पहले सलमान को जमानत मिलनी चाहिए, क्योंकि उन्हें गलत फंसाया गया है। वकीलों ने तर्क दिया कि सलमान को पहले भी कोर्ट ने जब भी बुलाया है, वह उपस्थित हुए हैं। वकीलों ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि सजा के फैसले को चुनौती देने वाली अर्जी पर जब भी कोर्ट चाहे, सलमान को तलब कर सकता है, वह जरूर उपस्थित होंगे। सलमान को अदालत की सभी शर्तें मंजूर होंगी।

इधर, लोक अभियोजक पोकरराम और बिश्नोई समाज के अधिवक्ता महिपास सिंह ने कहा कि कोर्ट में पेश पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ जाहिर है कि दुर्लभतम काले हिरणों को गोली से मारा गया। चश्मदीद गवाह होने के कारण मामला गंभीर है और उसे सामान्य नहीं समझा जाना चाहिए। सलमान गंभीर आपराधिक कृत्य का दोषी है। उसे बेल देने के बजाय जेल में ही रखकर मामले की सुनवाई होनी चाहिए।

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