सतीश कौशिक बॉलीवुड के सबसे जिंदादिल और खुशमिजाज इंसान थे। बीते दिन दिल्ली में होली सेलिब्रेशन के बाद अचानक उनको बेचैनी होने लगी। तबीयत बिगड़ने के बाद उनको अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उनका उपचार किया, मगर एक्टर को बचाया नहीं जा सका। अभिनेता के निधन के बाद बॉलीवुड इंडस्ट्री गमगीन है। उन्होंने हिंदी सिनेमा के हर दिग्गज कलाकार के साथ काम किया है। यही वजह है कि हर कोई उनको अपने तरीके से याद कर रहा है। सतीश कौशिक ने सिनेमा में कॉमेडी के दमदार किरदार निभाए हैं, लेकिन उनको सबसे ज्यादा फिल्म मिस्टर इंडिया में कैलेंडर के किरदार के लिए याद किया जाता है। तो चलिए आपको बताते हैं कि अभिनेता को यह रोल कैसे मिला?
Satish Kaushik: इस तरह मिस्टर इंडिया के 'कैलेंडर' बने थे सतीश, दमदार एक्टिंग से छोटे से रोल को बनाया यादगार
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सतीश कौशिक ने अपने करियर में खूब काम किया। उन्होंने तमाम विधाओं में हाथ आजमाया। लेकिन मिस्टर इंडिया में उनका किरदार काफी दिलचस्प रहा है। दरअसल जब मिस्टर इंडिया बन रही थी, उस वक्त निर्देशक खुद सतीश कौशिक थे। वह इसके लिए तमाम ऑडिशन ले रहे थे, लेकिन सतीश कौशिक खुद इस फिल्म में अभिनय भी करना चाह रहे थे। जब उनको पता चला कि इस फिल्म के लिए नौकर का रोल खाली है। तब उनके दिमाग में आइडिया आया। वह इस रोल को खुद करना चाहते थे, यही वजह थी कि जो भी इस रोल के लिए ऑडिशन देने आता, वह उसको किसी न किसी बहाने से रिजेक्ट कर देते थे।
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इस फिल्म को शेखर कपूर बना रहे थे, और इसमें श्रीदेवी और अनिल कपूर लीड रोल में थे। अब इतने बड़ी-बड़ी स्टारकास्ट के सामने सतीश कौशिक को रोल मिलना काफी मुश्किल था, लेकिन उन्होंने अपनी प्रतिभा से छोटे से रोल को भी बेहतरीन बना दिया। इस फिल्म में उनका नाम कैलेंडर था। अब कैलेंडर नाम रखने के पीछे भी काफी दिलचस्प वजह रही। दरअसल जब सतीश कौशिक छोटे थे तो उनके पिता से मिलने के लिए एक शख्स आता था। उस शख्स का तकिया कलाम कैलेंडर था।
वह शख्स हर बात पर कैलेंडर शब्द का इस्तेमाल करता था। बस यहीं से सतीश कौशिक को आइडिया आया और उन्होंने अपने किरदार का नाम कैलेंडर रख दिया। सिर्फ इतना ही नहीं इस फिल्म में अभिनेता अपने नाम गुनगुनाते हुए कहते हैं- ‘मेरा नाम है कैलेंडर, मैं चला किचन के अंदर'। सतीश का यह किरदार काफी मशहूर था।
बता दें कि इस फिल्म में अनिल कपूर और श्रीदेवी के अलावा अशोक कुमार, अमरीश पुरी समेत कई सारे कलाकार थे। इस फिल्म को शेखर कपूर ने निर्देशित किया था। इसके अलावा वह ‘दीवाना मस्ताना’ में पप्पू के किरदार के लिए भी पहचाने जाते हैं। वह ‘ब्रिक लेन’, ‘राम लखन’ और ‘साजन चले ससुराल’ जैसी फिल्मों में भी काम कर चुके हैं।