फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

जीनत अमान के पति को कोर्ट से राहत, अभिनेत्री ने लगाया है रेप और धोखाधड़ी का आरोप

Thu, 31 Dec 2020 02:48 PM IST
अपूर्वा राय एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: अपूर्वा राय Updated Thu, 31 Dec 2020 02:48 PM IST
विज्ञापन
SC allows Zeenat Aman estrtanged Husband Sarfaraz Jaffar Ahasan not to surrender till further orders
जीनत अमान - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई

सुप्रीम कोर्ट ने हिंदी सिनेमा की अभिनेत्री जीनत अमान के साथ कानूनी विवाद में उलझे उनके पति सरफराज जफर अहसन को बुधवार को बड़ी राहत देते हुए उन्हें अगले आदेश तक जेल अधिकारियों के सामने समर्पण नहीं करने की छूट दी है। सरफराज ने जीनत अमान के साथ हुए समझौते की शर्त के अनुसार 31 दिसंबर तक 60 लाख रुपये की किस्त का भुगतान नहीं किया है।

SC allows Zeenat Aman estrtanged Husband Sarfaraz Jaffar Ahasan not to surrender till further orders
बॉम्बे हाईकोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

बंबई हाई कोर्ट ने 21 दिसंबर को सरफराज को आदेश दिया था कि जीनत अमान के साथ 1.2 करोड़ रुपये के भुगतान के लिए हुए समझौते की एक किस्त के रूप में 60 लाख रुपये की साल के अंत तक अदायगी करे या फिर अगली तारीख एक जनवरी तक के लिए वापस जेल जाएं। रियल एस्टेट कारोबारी सरफराज का 2012 में जीनत अमान से विवाह हुआ था। मुंबई पुलिस ने अहसन को 2018 में जीनत से कथित रूप से रेप और धोखाधड़ी करने सहित कई आरोपों में दर्ज एफआईआर के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। करीब दो साल तक जेल में रहने वाले सरफराज को हाई कोर्ट ने सशर्त जमानत दी थी और उन्हें जीतन अमान को 17 महीने के दौरान 12.26 करोड़ रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया था।

SC allows Zeenat Aman estrtanged Husband Sarfaraz Jaffar Ahasan not to surrender till further orders
जीनत अमान - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई

सरफराज को 1.2 करोड़ रुपये की पहली किस्त की आधी रकम 60 लाख रुपये का भुगतान उन्हें 31 दिसंबर तक करना था। जज इन्दिरा बनर्जी और अनिरूद्ध बोस की अवकाशकालीन पीठ ने सरफराज की ओर से पेश सीनियर वकील पिंकी आनंद की इस दलील का संज्ञान लिया कि कोविड-19 महामारी की वजह से रियल इस्टेट के कारोबार में आई मंदी और दूसरे कारणों से वह इसका भुगतान नहीं कर सका है।

विज्ञापन
विज्ञापन
SC allows Zeenat Aman estrtanged Husband Sarfaraz Jaffar Ahasan not to surrender till further orders
जीनत अमान - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई

पीठ ने अपने आदेश में कहा, 'प्रतिवादियों (महाराष्ट्र सरकार और जीनत अमान) को नोटिस जारी किया जाए, जिसका जवाब बुधवार 13 जनवरी, 2021 तक दिया जाए। हालांकि, याचिकाकर्ता के समर्पण करने की अवधि दो सप्ताह या इस न्यायालय के अगले आदेश तक के लिए बढ़ाई जाती है।' पीठ ने हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ अहसन की अपील पर जीनत अमान और राज्य सरकार को नोटिस जारी किए हैं। वकीस सुमित टेटरवाल के जरिए दायर अपील में सरफराज ने कहा है कि वह पहले ही एक फर्जी शिकायत के कारण करीब दो साल तक 2018 से 2020 तक जेल में बंद रहे हैं। याचिकाकर्ता के खाते 2016 से जब्त हैं।

विज्ञापन
SC allows Zeenat Aman estrtanged Husband Sarfaraz Jaffar Ahasan not to surrender till further orders
जीनत अमान - फोटो : ट्विटर

कोविड-19 महामारी की वजह से लॉकडाउन के कारण मंदी तथा अपनी मां के निधन और खुद अपने गिरते स्वास्थ्य जैसी समस्याओं के कारण वह धन का बंदोबस्त नहीं कर सका। अपील में यह भी कहा गया है कि उनकी एक सर्जरी जनवरी, 2021 को होने वाली है। जीनत अमान ने अपने पति अहसन के खिलाफ दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराई थी। सरफराज को जुहू थाने में शील भंग करने और धमकाने जैसे आरोपों में दर्ज एफआईआर के सम्बंध में 1 फरवरी 2018 को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में उन्हें जमानत मिल गई थी। सरफराज के खिलाफ दूसरी एफआईआर 22 मार्च 2018 को दर्ज कराई गई थी। इसमें अहसन पर रेप करने और धोखाधड़ी करने जैसे आरोप लगाए गए थे। इस मामले में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उन्हें 22 मार्च, 2018 को ही गिरफ्तार कर लिया गया था और इसके बाद से ही वह सशर्त जमानत पर रिहा होने तक जेल में बंद था।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed