सिनेमा में कई बार ऐसे वाकये हुए हैं, जब किसी एक अभिनेता ने फिल्म को करने से नकार दिया हो और वह फिल्म दूसरे की झोली में जा गिरी है। जैसे आमिर खान की ब्लॉकबस्टर हिट फिल्म ‘3 इडियट्स’ पहले शाहरुख खान को ऑफर हुई थी और किसी कारणवश वह यह फिल्म नहीं कर पाए जिसके बाद यह फिल्म आमिर के करियर की सबसे सफल फिल्मों में से एक साबित हुई। साउथ स्टार धनुष की हिंदी सिनेमा डेब्यू फिल्म ‘रांझणा’ सबसे पहले शाहिद कपूर को ऑफर हुई थी। रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण की प्रेम लीला की शुरुआत का माध्यम रही फिल्म ‘रामलीला’ पहले करीना कपूर और सुशांत सिंह राजपूत करने वाले थे। और, ऐसा ही कुछ हुआ अभिनेता शक्ति कपूर के साथ।
Crime Master Gogo: इस मूवी निर्देशक को बनना था क्राइम मास्टर गोगो, तकदीर ने यूं दिलाई शक्ति को अंदाज अपना अपना
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साल 1994 में राजकुमार संतोषी की फिल्म ‘अंदाज अपना अपना’ में क्राइम मास्टर गोगो के किरदार के लिए शक्ति कपूर को खूब सराहा गया। इस फिल्म में हिंदी सिनेमा के सुपरस्टार्स आमिर खान और सलमान खान साथ नजर आए थे। हालांकि तब यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई और फ्लॉप हो गई थी। फ्लॉप होने के बावजूद ‘अंदाज अपना अपना’ हिंदी सिनेमा की क्लासिक फिल्मों में से है।
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बता दें कि शक्ति कपूर का किरदार क्राइम मास्टर गोगो अभिनेता टीनू आनंद करने वाले थे, लेकिन फिल्म की शूटिंग के दौरान वह विदेश में थे और जल्दी लौट नहीं सकते थे। जिसके बाद फिल्म के मेकर्स ने शक्ति कपूर को यह रोल ऑफर किया जो वहीं पास में अपनी दूसरी फिल्म की शूटिंग कर रहे थे। शक्ति कपूर और टीनू आनंद बहुत अच्छे दोस्त रहे हैं, इस नाते शक्ति कपूर ने पहले उनसे बात करना मुनासिब समझा और टीनू आनंद के हामी भरने पर ही उन्होंने फिल्म की। फिल्म का फेमस डायलॉग ‘आंखें निकाल के गोटियां खेलूंगा’ भी टीनू आनंद की रचना थी। यही नहीं क्राइम मास्टर गोगो का पूरा गेटअप भी टीनू आनंद की ही सोच थी।
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फिल्म में अपने किरदार और अनुभव को लेकर चर्चा करते हुए शक्ति कपूर ने बताया, “लगभग 70 प्रतिशत फिल्मांकन पहले ही पूरा हो चुका था। मैं संतोषी के साथ काम करना चाहता था और फिल्म के निर्माता भी मेरे दोस्त थे लेकिन इस फिल्म की शूटिंग के लिए तारीखें जुटाना एक समस्या थी। वे तन दिन के भीतर मेरा हिस्सा शूट करना चाहते थे और मैं दूसरी फिल्म में व्यस्त था। फिर हम लोगों के बीच ये तय हुआ कि मेरे हिस्से की सारी शूटिंग रात में की जा सकती है और मुझे खुशी इस बात की है, फिल्म के दूसरे कलाकारों ने भी मेरी परेशानी समझकर मेरी मदद करने की बात मान ली।”
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शक्ति कपूर हिंदी सिनेमा के अनुभवी कलाकार हैं उन्होंने 70 के दशक में अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की। नायक बनने की उम्मीद ले कर शक्ति दिल्ली से मुंबई आए और उन्होंने खलनायकी के साथ साथ कामेडी फिल्मों में भी अपने हुनर का सिक्का मनवाया। उनके फिल्मों के वन लाइनर ‘ऊ लोलिता’, ‘मैं नन्हा सा छोटा सा बच्चा हूं’, ‘नंदू सबका बंधु, ‘समझता नहीं है यार’, आज भी लोगों की जुबान पर है। शक्ति कपूर बीते साल की ब्लॉकबस्टर हिट ‘एनिमल’ का भी हिस्सा रहे। इस फिल्म की सफलता और इसमें रणबीर कपूर को देखने के बाद उन्होंने कहा कहा कि काश! चिंटू (ऋषि कपूर) यह सफलता देख पाते।
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