दिग्गज अभिनेता शम्मी कपूर एक ऐसे कलाकार थे जिन्हें उनके अभिनय के साथ-साथ उनके चार्म और डांस के लिए भी लोग बहुत पसंद करते थे। हालांकि शुरुआत में शमी कपूर को उनके करियर में अधिक सफलता नहीं मिली। लेकिन जब सफलता ने उनके कदम चूमे तो शम्मी कपूर ने कभी भी पीछे पलट कर नहीं देखा। शम्मी कपूर के फिल्मी पर्दे की तरह ही उनकी निजी जिंदगी भी काफी रोमांचक रही है। 14 अगस्त साल 2011 में शम्मी कपूर इस दुनिया को अलविदा कह सबकी आंखो में आंसू दे गए। उनकी पुण्यतिथि के मौके पर हम आपको अपने इस आर्टिकल में उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से बताएंगे।
पुण्यतिथि: राज कपूर की वजह से छोड़ना पड़ा था शम्मी कपूर को स्कूल, एक दिन में लिया था गीता बाली से शादी का फैसला
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भाई राज कपूर की वजह से छोड़ना पड़ा था स्कूल
जब शम्मी कपूर का जन्म हुआ था तो उनका पूरा परिवार कोलकाता में शिफ्ट हो गया था। वहां पर उन्होने अपनी जिंदगी के सात आठ साल काटे। लेकिन साल 1939 में उनके पिता पृथ्वीराज कपूर न्यू थिएटर छोड़कर मुंबई लौट आए और उन्होने रणजीत स्टूडियों के साथ काम शुरू कर दिया। साल 1944 में उनके पिता ने पृथ्वी थिएटर की शुरुआत की। जिसमें उन्होने सबसे पहले ‘शकुंतला’ नामक नाटक किया। नाटक में शम्मी कपूर और राज कपूर ने हिस्सा लिया। जिसकी वजह से उन्हें अपना स्कूल तक छोड़ना पड़ा। दरअसल हुआ ये कि राज कपूर को प्ले में हिस्सा लेने के लिए स्कूल से छुट्टी नहीं मिली, जिसकी वजह से वो गुस्सा हो गए और उन्होने प्रिंसिपल से लड़ाई कर ली। जिसके बाद उनके साथ-साथ शम्मी कपूर को भी स्कूल छोड़ना पड़ा।
नूतन को बहुत ही कम उम्र में किया डेट
फिल्मों में अपने डेब्यू से पहले ही उन्होंने अभिनेत्री नूतन के साथ ‘लैला मजनू’ में काम किया। ये दोनों एक दूसरे को काफी समय से जानते थे और नूतन उनके बचपन की गर्लफ्रेंड थीं। ये दोनों 6 साल की उम्र से दोस्त थे और एक-दूसरे के पड़ोस में रहते थे। दरअसल शम्मी कपूर के पिता और नूतन की मां बहुत अच्छे दोस्त थे, इसी वजह से इनकी भी दोस्ती गहरी थी। जब शम्मी कपूर और नूतन युवा थे उस समय इन दोनों ने एक-दूसरे को डेट करना शुरू किया। शम्मी कपूर तो नूतन से शादी तक भी करना चाहते थे, लेकिन नूतन की मां शोभना समर्थ इस रिश्ते के लिए नहीं मानी।
अभिनय को खुदा की देन मानते थे शम्मी कपूर
शम्मी कपूर का फिल्मों में अपना एक स्टाइल था। उनका मानना था कि अभिनय खुदा की देन है। उनका मानना था कि अच्छे लुक्स के साथ-साथ आपमें प्रतिभा भी होनी चाहिए। उनका कहना था, ‘मैंने फिल्म जगत में जो सफलता हासिल की है उसमें 96 प्रतिशत कड़ी मजदूरी और मेहनत है। उछल कूद करना कोई आसान काम नहीं है, वो सब मैंने खुद किया। बाकी का जो 4 प्रतिशत है वो अच्छा सौभाग्य है।
एक दिन में गीता बाली से लिया था शादी करने का फैसला
गीता बाली और शम्मी कपूर की मुलाकात ‘कॉफी हाउस’ के सेट पर हुई थी। इसके बाद इन दोनों ने ‘रंगीन रातें’ में साथ काम किया। इस शूट के लिए ये दोनों आउट डोर गए थे। वहीं से इनके प्यार की शुरुआत हुई। हर रात को शम्मी कपूर गीता से पूछते थे कि वो उनसे प्यार करते हैं और उनसे शादी करना चाहते हैं। लेकिन गीता बाली इसके लिए राजी नहीं थीं। लेकिन एक दिन वो शम्मी कपूर से बोली चलो शादी करते हैं, जिसे सुनकर शम्मी कपूर खुश हो गए। लेकिन गीता बाली ने कहा उन्हें आज ही शादी करनी है। इस बात को सुनकर शम्मी कपूर थोड़ा हैरान हुए और उन्होंने गीता से पूछा ऐसा कैसे हो सकता है। गीता बाली ने कहा जॉनी वॉकर ने भी तो एक दिन में शादी की थी। गीता बाली की ये बात सुनकर दोनों जॉनी वॉकर के पास पहुंच गए और बताया कि वो प्यार में हैं। इस बात को सुनने के बाद जॉनी ने उन्हें मंदिर जाकर शादी करने के लिए कहा दोनों मंदिर पहुंचे और शादी कर ली। सिंदूर न होने के कारण गीता बाली ने अपने बैग से लिपस्टिक निकाली जिसे शम्मी कपूर ने उनकी मांग में भरा।