फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

बाइस्कोप: 35 हजार फुट की ऊंचाई पर अमिताभ बच्चन ने सुनी इस फिल्म की कहानी, शूटिंग में बहा असली खून

Mon, 18 May 2020 05:39 PM IST
प्रतीक्षा राणावत पंकज शुक्ल, मुंबई
पंकज शुक्ल, मुंबई Published by: प्रतीक्षा राणावत Updated Mon, 18 May 2020 05:39 PM IST
विज्ञापन
sharaabi movie this day that year series by pankaj shukla 18 may 1984 bioscope amitabh bachchan Jaya Prada
शराबी - फोटो : Social Media

गर्मियां तब इतनी जालिम न हुआ करती थीं और सिनेमाघरों की टिकटें भी इतनी महंगी न थीं कि फिल्म देखने के लिए ज्यादा सोच विचार न करना पड़े। तीन रुपये की फर्स्ट क्लास की टिकट, पांच रुपये की फैमिली और सात रुपये की बालकनी वाला थिएटर निशात, कानपुर में क्राइस्ट चर्च कॉलेज के ठीक सामने शहर का सबसे गुलजार थिएटर हुआ करता था। दिसंबर 83 में रिलीज हुई निर्देशक मनमोहन देसाई की मर्द यहां से उतर चुकी थी और लग चुकी थी निर्देशक प्रकाश मेहरा की फिल्म शराबी। किसी को तब नहीं पड़ी थी कि प्रकाश मेहरा और मनमोहन देसाई के बीच बंबई में क्या महाभारत चल रही है और क्यों मनमोहन देसाई अपनी फिल्म अलंकार थिएटर से हटाए जाने को लेकर गुस्से में हैं? मनमोहन देसाई ने तब फिल्म शराबी को लेकर टिप्पणी की थी, ‘एक शराबी ही शराबी जैसी फिल्म बना सकता है।’ प्रकाश मेहरा का तब जवाबी हमला था, ‘किसी की मुखालफत करने में इतना नीचे गिरने की सोच कुली बनाने वाले इंसान की ही हो सकती है।’ प्रकाश मेहरा की फिल्म शराबी आज बाइस्कोप की हमारी फिल्म है। अमिताभ बच्चन और प्रकाश मेहरा की जुगलबंदी की ये आखिरी हिट फिल्म है। इसी फिल्म के बैकग्राउंड म्यूजिक को लेकर दोनों में मनमुटाव हुआ। इसके बाद दोनों की फिल्म जादूगर फ्लॉप हुई और दोनों में बातचीत तक बंद हो गई। एक खास बात और, वह ये कि फिल्म जंजीर में अमिताभ बच्चन के नाम की सिफारिश प्रकाश मेहरा से करने वाले प्राण की अमिताभ बच्चन और प्रकाश मेहरा के साथ जंजीर के बाद सीधे शराबी में तिकड़ी बनी थी।

sharaabi movie this day that year series by pankaj shukla 18 may 1984 bioscope amitabh bachchan Jaya Prada
sharaabi - फोटो : social media

प्रकाश मेहरा और अमिताभ बच्चन के रिश्ते शराबी के बाद क्यों बिगड़े और क्यों अमिताभ बच्चन ने उन्हें और मनमोहन देसाई को आखिर तक नहीं बताया कि दोनों की फिल्में क्रमश: जादूगर और तूफान तकरीबन एक जैसी हैं, किसी को पता नहीं। और, अमिताभ बच्चन ने किसी को बताया भी नहीं। अमिताभ बच्चन के रिश्ते फिल्म शराबी के संवाद लेखक कादर खान के साथ भी काफी बिगड़े क्योंकि कादर खान कभी इस बात के लिए तैयार नहीं हुए कि वह अमिताभ बच्चन को ‘सर’ कहकर बुलाएं। कादर खान को फिल्म शराबी की कहानी प्रकाश मेहरा ने शूटिंग से चार महीने पहले दे दी थी। फिल्म का एक एक संवाद हिट रहा। अमिताभ बच्चन ने इनके लिए खूब तालियां बटोरीं। लेकिन, एक कहावत है कि इंसान कितना भी अच्छा क्यों न हो वह किसी न किसी की कहानी का विलेन हो ही जाता है। ये इंसानी स्वभाव है। वैसा ही जैसा इंसानी स्वभाव शराबी के हीरो विकी का है। वह अपने पिता के प्यार के लिए बचपन से तड़प रहा है। ये तड़प फिल्म के पहले ही सीन से दिख भी जाती है जब चार्टर्ड प्लेन से उतरा उसका पिता अपने कारोबारी साझेदार को अपने बेटे से ज्यादा तवज्जो देता है और अपने इंतजार में देर से एयरपोर्ट पर खड़े बेटे को लाड़ तक नहीं करता। फिल्म की कहानी खुद प्रकाश मेहरा ने लिखी थी और इसका विचार उन्हें आया था जमीन से कोई 35 हजार फुट ऊपर। हालांकि, ये भी सच है कि फिल्म शराबी बहुत कुछ अंग्रेजी फिल्म ऑर्थर से प्रेरित है। फिल्म शराबी के रिलीज होने के अगले ही साल कन्नड़ में भी इसी कहानी पर एक फिल्म बनी, थंडा कनिके। इस फिल्म में हीरो थे, विष्णुवर्धन। साल 2004 में रिलीज तुमसा नहीं देखा की कहानी भी बहुत कुछ ऐसी ही है।

sharaabi movie this day that year series by pankaj shukla 18 may 1984 bioscope amitabh bachchan Jaya Prada
फिल्म शराबी में अमिताभ बच्चन - फोटो : सोशल मीडिया

फिल्म की याद करते हुए अमिताभ बच्चन ने इसकी 31वीं सालगिरह पर लिखा, “ऐसा लगता है जैसे कि कल की ही बात हो। हम लोग 1983 वाले वर्ल्ड टूर पर थे। इंडस्ट्री में कलाकारों का ऐसा वर्ल्ड टूर पहले हुआ नहीं था। हम लोग अमेरिका और लंदन में कोई 10 शहरों में अपने शोज करके न्यूयॉर्क से ट्रिनिडाड और टोबैगो के लिए उड़े थे, तब मेरे साथ यात्रा कर रहे प्रकाश मेहरा ने मुझे बाप और बेटे के रिश्तों पर एक फिल्म करने का सुझाव दिया। और बताया कि ये जो बेटा है वह शराबी है। ये कहानी अटलांटिक महासागर के ऊपर 35 हजार फिट की ऊंचाई पर सुनाई गई थी।” वह आगे लिखते हैं, “शराबी की शूटिंग के बीच में ही मैंने अपना हाथ घायल कर लिया था। मेरे हाथ में दीवाली का एक पटाखा फूट गया था। लेकिन मैंने किसी को परेशान नहीं किया और न ही शूटिंग में देरी की। मेरा हाथ बहुत ही ज्यादा घायल था और ठीक तंदूरी चिकन जैसा लग रहा था। पूरे हाथ का हर हिस्सा झुलस गया था लेकिन मैंने काम नहीं रोका।” गौरतलब है कि फिल्म शराबी के ज्यादातर दृश्यों में इसीलिए अमिताभ बच्चन अपना एक हाथ पैंट में डाले रहते हैं। अमिताभ बच्चन ने फिल्म में कुछ स्टंट दृश्य भी निर्देशित किए। वह लिखते हैं, “मेरी घड़ी और चेन चुराने वाले बदमाशों से जब मैं बार में भिड़ता हूं तो वह फाइट सीक्वेंस मैंने ही कोरियोग्राफ किया था। वे लम्हे मस्ती के थे।”

विज्ञापन
विज्ञापन
sharaabi movie this day that year series by pankaj shukla 18 may 1984 bioscope amitabh bachchan Jaya Prada
jaya prada

प्रकाश मेहरा और अमिताभ बच्चन की उन दिनों खूब छनती थी और ये पहली फिल्म थी जिसकी शूटिंग सिंक साउंड में हुई। फिल्म के तमाम ऐसे सीन है जिनकी डबिंग प्रकाश मेहरा ने नहीं की और लोकेशन का असली साउंड ही फिल्म में इस्तेमाल किया। प्रकाश मेहरा फिल्म की शूटिंग के दौरान अमिताभ बच्चन की अदाकारी से इतना ज्यादा खुश थे कि उन्होंने अमिताभ को एक फिल्म में निर्देशक बनाने का भी फैसला कर लिया था। फिल्म का नाम था, एक गुनाह और सही। लेकिन साल 1984 में ही इंदिरा गांधी की हत्या हो गई और अमिताभ बच्चन अपने बाल सखा राजीव गांधी के बुलावे पर राजनीति में चले गए। न ये फिल्म बन नहीं सकी और न अमिताभ बच्चन निर्देशक बन सके। ये अलग बात है कि अमिताभ बच्चन के भीतर का निर्देशक अक्सर उनकी फिल्मों की शूटिंग के दौरान दिख ही जाता है। यहां तक कि हाल ही में कौन बनेगा करोड़पति का जो ट्रेलर सामने आया, उसे अपने घर के भीतर रहते हुए खुद अमिताभ बच्चन ने ही निर्देशित किया है। बताते हैं कि प्रकाश मेहरा के प्रोडक्शन हाउस के लिए जो फिल्म अमिताभ बच्चन निर्देशित करने वाले थे, उसकी कहानी मशहूर साहित्यकार धर्मवीर भारती के उपन्यास गुनाहों का देवता पर आधारित थी। यहां ये जान लेना भी दिलचस्प होगा कि जंजीर बनने से पहले इसी उपन्यास पर बन रही एक फिल्म की शूटिंग के दौरान ही अमिताभ और जया भादुड़ी दोनों करीब आए थे। ये फिल्म भी बाद में बनी नहीं।

विज्ञापन
sharaabi movie this day that year series by pankaj shukla 18 may 1984 bioscope amitabh bachchan Jaya Prada
amitabh bachchan, jaya prada - फोटो : social media

फिल्म शराबी अपने आप में एक संपूर्ण मनोरंजक मसाला फिल्म रही। फिल्म में अमिताभ बच्चन ने एक ऐसे रईस के बेटे का शानदार किरदार निभाने में पूरे नंबर पाए जो हर दम नशे में धुत रहता है। रईस बाप के रोल में थे प्राण और उनके बेटे विकी के गार्जियन बने मुंशी फूलचंद यानी ओम प्रकाश। कादर खान के संवादों ने बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की खूब मदद की। जे अधिकारी का संपादन और रवि खन्ना का स्टंट निर्देशन भी काबिले तारीफ रहा। जया प्रदा फिल्म में बहुत ही खूबसूरत और मनमोहक लगीं। जीतेंद्र के साथ तमाम सुपरहिट फिल्में दे चुकीं जया प्रदा और अमिताभ बच्चन की जोड़ी लोगों को खूब पसंद आई। दोनों ने बाद में फिल्म आज का अर्जुन और इंद्रजीत में भी साथ काम किया। जया प्रदा नृत्य में पारंगत हैं और इसीलिए इस फिल्म में प्रकाश मेहरा ने एक गाना डिजाइन किया, मुझे नौलखा मंगा दे रे ओ सैंया दीवाने। पूरे थिएटर में मुंशी जी और एक बार टेंडर के साथ फिल्म देखते विकी मल्होत्रा के रूप में अमिताभ बच्चन और सामने मीना के रूप में नाचतीं जया प्रदा। करीब 10 मिनट के इस गाने में अमिताभ और जया की केमिस्ट्री उनकी आंखों में झलकती है। जया प्रदा ने जिन अदाओं के साथ इस गाने को पूरा किया, उतनी ही शिद्दत से अमिताभ बच्चन ने इस गाने पर अभिनय किया। गाना के क्लाइमेक्स में जया प्रदा अपनी पायल उतारकर अमिताभ बच्चन की तरफ फेंकती हैं और अमिताभ उसे हाथ में टकरा टकरा कर अभिनय कर रहे हैं। वह ये भूल जाते हैं कि हाथ घायल है। शूटिंग के दौरान पहले से घायल हाथ पर पायल की बार बार होती चोट से खून निकल आया। बताते हैं कि इस सीन में जो खून परदे पर दिख रहा है उसमें अमिताभ बच्चन का असली खून भी शामिल है। देखिए ये गाना..

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें Entertainment News से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे Bollywood News, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट Hollywood News और Movie Reviews आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed