बेगम ऑफ पटौदी और बेगम ऑफ भोपाल जैसे तमगे पाने से पहले शर्मिला टैगोर ने अपनी अदाकारी के दम पर करोड़ों दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी है। अपनी पहली ही फिल्म से वह सुर्खियों में आना शुरू हो गईं। हिंदी सिनेमा से लेकर बंगाली सिनेमा तक शर्मिला टैगोर ने एक के बाद एक कामयाब फिल्में दीं। वह पहली भारतीय अभिनेत्री हैं जिन्होंने फिल्मों में पहली बार बिकिनी पहनी। शर्मिला टैगोर 70 के दशक में सबसे ज्यादा फीस पाने वाली अभिनेत्री बनीं और अपने बेहतरीन अभिनय से उन्होंने दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और दो फिल्मफेयर पुरस्कार जीते। शर्मिला के जन्मदिन पर जानिए 10 ऐसे किरदारों के बारे में बताएंगे जो अभी तक दर्शकों के जेहन में ताजा हैं।
B’Day Spl: बिकिनी बेब बनकर धमाका करने वालीं शर्मिला टैगोर को इन 10 दमदार किरदारों ने बनाया सुपरस्टार
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किरदार: अपर्णा
फिल्म: अपुर संसार (1959)
साल 1959 में आई फिल्म 'अपुर संसार' से शर्मिला टैगोर ने सिनेमाई संसार में कदम रखा। यह बंगाली सिनेमा की एक ड्रामा फिल्म है। इसकी पटकथा और निर्देशन मशहूर फिल्म निर्माता सत्यजीत रे ने किया है। यह फिल्म 1932 के बिभूतिभूषण बंदोपाध्याय ks बंगाली उपन्यास 'अपराजितो' के अंतिम दो तिहाई भाग पर आधारित है। इस फिल्म में अपर्णा का किरदार शर्मिला टैगोर ने निभाया है। अपनी पहली ही फिल्म में एक दिमागी तौर पर बीमार लड़की का किरदार निभाने पर उनकी बहुत तारीफें हुईं। शर्मिला टैगोर के अलावा फिल्म के मुख्य कलाकार सौमित्रा चटर्जी, आलोक चक्रवर्ती और स्वपन मुखर्जी हैं।
किरदार: चंपा चमेली
फिल्म: कश्मीर की कली (1964)
साल 1964 में आई शक्ति सामंत निर्देशित फिल्म 'कश्मीर की कली' 1961 में आई हॉलीवुड फिल्म 'कम सेप्टेम्बर' पर आधारित है। शर्मिला टैगोर ने हिंदी सिनेमा में इसी फिल्म के साथ कदम रखा था। कहानी में राजीव एक रईस घर का लड़का है। उसकी शादी तय हो जाती है। शादी से बचने के लिए वह घर से भाग जाता है और कश्मीर पहुंच जाता है। वहां उसकी मुलाकात एक कश्मीरी लड़की चंपा से होती है। वह उससे प्यार करने लगता है। राजीव को वहां कुछ ऐसी सच्चाइयों का पता चलता है, जो उसकी पूरी ज़िंदगी बदल देती हैं। कश्मीरी लड़की चंपा के किरदार में दर्शकों ने शर्मिला टैगोर को काफी पसंद किया गया। उनके अभिनय को भी खूब सराहा गया। इस फिल्म में शर्मिला टैगोर, शम्मी कपूर, प्राण और नज़ीर हुसैन मुख्य भूमिका में हैं।
किरदार: उमा शर्मा
फिल्म: अनुपमा (1966)
साल 1966 में आई फिल्म 'अनुपमा' एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म है। इसका निर्देशन हृषिकेश मुखर्जी ने किया है। इस फिल्म को दर्शकों और आलोचकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली। कहानी में उमा के जन्म के वक़्त उसकी मां का देहांत हो जाता है। इसी वजह से उमा के पिता उसे पसंद नहीं करते। उमा के लिए दिक्कतें और बढ़ जाती हैं जब उसके होने वाले पति के दोस्त अशोक से उमा को प्यार हो जाता है। आगे की कहानी इसी रिश्ते की उधेड़बुन में गुजरती है। फिल्म में उमा का किरदार शर्मिला टैगोर ने निभाया है। इस फिल्म में उनके अभिनय की बहुत सराहना की गईं। शर्मिला टैगोर के साथ धर्मेंद्र और देवन वर्मा फिल्म में मुख्य भूमिका में हैं।
किरदार: दीपा/रूपा
फिल्म: एन इवनिंग इन पेरिस (1967)
फिल्म 'एन इवनिंग इन पेरिस' 1967 में आई एक रोमांटिक थ्रिलर फिल्म है। इसका निर्देशन शक्ति सामंत ने किया है और सचिन भौमिक ने पटकथा लेखन किया है। फिल्म की कहानी फ्रांस की राजधानी पेरिस शहर में घूमती है। इस फिल्म में शर्मिला टैगोर ने दोहरा किरदार निभाया है। कहानी में अमीर लड़की दीपा सच्चे प्यार की खोज में पेरिस जाती है। वहां उसकी मुलाकात श्याम से होती है और वह श्याम से प्यार करने लगती है। वहीं, शेखर (प्राण), दीपा की दौलत हड़पने के चक्कर में रहता है। वह दीपा का अपहरण कर लेता है और उसकी जगह दिपा के जैसी दिखने वाली सूजी को भेज देता है। लेकिन, श्याम पूरी सच्चाई को खोज निकलता है। इस फिल्म में शर्मिला टैगोर ने अपने दोहरे चरित्र को बखूबी निभाया। शर्मिला टैगोर के साथ शम्मी कपूर और प्राण इस फिल्म में मुख्य भूमिका में हैं।