शर्मिला टैगोर अपने समय की बेहद ही खूबसूरत अभिनेत्रियों में से एक थी। उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम में ‘टाइगर’ के नाम से मशहूर क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी से शादी रचाई। डेटिंग के दिनों में शर्मिला अक्सर मंसूर अली खान को क्रिकेट स्टेडियम में आकर प्रोत्साहित करती। साथ ही दोनों का एक-दूसरे के साथ डेट पर स्पॉट किए गए। कई बार शर्मिला टैगोर को मंसूर अली खान के खराब प्रदर्शन का जिम्मेदार भी ठहराया जाता था। हालांकि, शर्मिला ऐसी पहली अभिनेत्री नहीं थी, जिन्होंने इसका सामना किया, बल्कि वर्तमान समय में जब भी इंडियन क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली क्रिकेट स्टेडियम में अपना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं, तो इसका जिम्मेदार उनकी पत्नी और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा को ठहराया जाता है।
किस्सा: जब शर्मिला टैगोर के पिता ने मंसूर अली खान पटौदी के बुरे प्रदर्शन के लिए अभिनेत्री को दोषी ठहराया
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हाल ही में शर्मिला टैगोर ने इसके बारे में खुलकर बात की है। दरअसल, जब एक इंटरव्यू के दौरान शर्मिला टैगोर से पूछा गया कि, क्या अनुष्का की तरह आपको भी मंसूर अली खान को डिस्ट्रैक करने के लिए दोषी ठहराया जाता था? इस सवाल पर अभिनेत्री ने हामी भरते हुए कहा, 'अक्सर, जब कभी उनसे गलती हो जाती थी, तो मुझे दोषी ठहराया जाता था कि मैं उन्हें डिस्ट्रैक्ट कर रही हूं। हालांकि, ऐसा मेरा कोई इरादा नहीं होता था। मैं स्टेडियम जाती थी और पब्लिक के बीच बैठकर मैच देखती थी।'
अभिनेत्री ने बताया कि मंसूर अली खान को डिस्ट्रैक करने के पीछे उनके पिता ने एक बार शर्मिला को दोषी ठहराया था। शर्मिला ने कहा, 'मुझे अक्सर दोषी ठहराया जाता था, कभी-कभी धमकियां भी मिलती थी। लेकिन एक बार मेरे पिता ने भी मुझे इसको लेकर दोषी ठहराया। दरअसल, एक मैच के दौरान मंसूर अली खान ने एक गेंद छूट गई थी। मेरे पिता कहीं और बैठकर क्रिकेट देख रहे थे। उन्होंने मुझसे कहा कि मेरी वजह से मंसूर डिस्ट्रैक्ट हुए हैं।'
एक किस्सा यह भी मशहूर है कि क्रिकेट के मैदान में मंसूर अली खान शर्मिला टैगोर का स्वागत छक्के से किया करते थे। कहा जाता है कि शर्मिला टैगोर जहां भी बैठती थी, मंसूर अली खान उसी दिशा में छक्का मारा करते थे। शर्मिला को मंसूर से शादी करने के लिए इस्लाम धर्म अपनाना पड़ा था।
बता दें कि 60 के दशक में मंसूर अली खान और शर्मिला टैगोर का प्यार खूब परवान चढ़ा। शर्मिला और मंसूर अली की पहली मुलाकात दिल्ली में हुई थी। पहली ही मुलाकात में पटौदी शर्मिला टैगोर को दिल दे बैठे, लेकिन मोहब्बत की राह यहां भी कठिन थी, क्योंकि टाइगर पटौदी नवाब खानदान से थे और शर्मिला बॉलीवुड एक्ट्रेस। दोनों के धर्म अलग थे, लेकिन इश्क बदस्तूर जारी था। इतिहासकारों की मानें तो शर्मिला टैगोर को निकाह के लिए भोपाल की आखिरी नवाब और टाइगर पटौदी की मां साजिदा सुल्तान की शर्त माननी पड़ी। जिसके लिए शर्मिला ने बिना सोचे हां कर दी थी। इस्लाम धर्म अपनाकर शर्मिला टैगोर आयशा सुल्तान हो गईं और 27 दिसम्बर साल 1969 में दोनों का निकाह हो गया।