43 साल पहले एक फिल्म आती है 'शोले' और कामयाबी का इतिहास रच जाती है। जिसके एक-एक डायलॉग, एक-एक किरदार जेहन में बस जाते हैं। साल दर साल इन किरदारों का रंग गाढ़ा होता जाता है। न जय-वीरू का याराना भूलता है, न बसंती का अंदाज। चुप-चुप सी रहने वाली राधा भी मन में गहरे तक छाप छोड़ जाती है। मगर, यह भी बेहद दिलचस्प है कि इन किरदारों को जीवंत करने वाले पात्र जब सिनेमाई धरती से उतरकर सियासत के आंगन में पहुंचे तो वहां भी अलग छाप छोड़ी।
जब सिनेमाहॉल से निकलकर संसद पहुंचे 'शोले', ये चार किरदार बन चुके हैं सांसद
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चारों ही किरदार का पात्र निभाने वाले अलग-अलग समय में ही सही, सांसद बने और लोगों का प्रतिनिधित्व किया। जय का किरदार निभाने वाले मिलेनियम स्टार अमिताभ बच्चन 1984 में इलाहाबाद से तो वीरू यानी धर्मेंद्र वर्ष 2004 में बीकानेर से लोकसभा पहुंचे। बसंती यानी हेमा मालिनी वर्ष 2014 में मथुरा सीट से लड़ीं और बड़ी जीत के साथ संसद पहुंची। राधा, यानी जया बच्चन राज्यसभा में सांसद बनीं।
राधा यानी जया बच्चन
फिल्म में मौन बनीं राधा, लेकिन बेहद मुखर जया बच्चन को सपा ने कई बार राज्यसभा भेजा। इस समय जया बच्चन यूपी से राज्यसभा सांसद है। जया समाजवादी पार्टी की शीर्ष नेताओं में से एक हैं तो वहीं चुनाव में सपा की स्टार प्रचारक भी हैं।
बसंती यानी हेमा मालिनी
बॉलीवुड की ड्रीम गर्ल रहीं हेमा मालिनी ने भाजपा का दामन साल 2014 में थामा था। 2014 में मथुरा से लोकसभा चुनाव सवा 3 लाख वोट से जीता। इस बार फिर मैदान में मथुरा सीट से खड़ी हुई हैं। इसके साथ ही हेमा 2003 से 2009 तक राज्यसभा सांसद रहीं।
बॉलीवुड के ही-मैन धर्मेंद्र वर्ष 2004 से बीकानेर से भाजपा की टिकट पर 57 हजार वोटों से जीते थे। बाद में उन्होंने सियासत से दूरी बना ली। इस बार के चुनाव में वह हेमा मालिनी के लिए वोट मांगने जा सकते हैं।