मशहूर संगीतकार जोड़ी नदीम-श्रवण के श्रवण राठौड़ के जीवन के लिए हरिद्वार का कुंभ स्नान ही घातक हो गया। उनके बेटे संगीतकार संजीव के मुताबिक पिता श्रवण राठौड़ और उनकी मां विमला देवी की तबीयत हरिद्वार से लौटने के बाद ही बिगड़ गई थी। दोनों कोरोना पॉजीटिव पाए गए और तब से ही दोनों का अलग अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा था। श्रवण का गुरुवार देर रात इलाज के दौरान ही निधन हो गया।
दुखद: कुंभ से लौटने के बाद कोरोना संक्रमित हुए थे श्रवण राठौड़, पत्नी और बेटा अब भी अस्पताल में भर्ती
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शुक्रवार सुबह से ही मुंबई में इस बात को लेकर अफरातफरी रही कि श्रवण राठौड़ का शव अस्पताल वाले मेडिकल बिल न चुकाए जाने की वजह से नहीं ले जाने दे रहे हैं। इस बारे में संपर्क किए जाने पर उनके बेटे संजीव ने कहा कि ये शायद संवादहीनता की वजह से हुआ क्योंकि वह अपनी मां के साथ एक दूसरे अस्पताल में कोरोना का इलाज करा रहे हैं और उनका भाई दर्शन भी होम क्वारंटीन है। जहां वे लोग रहते हैं, वहां के सोसाइटी प्रशासन ने विनती करने के बाद दर्शन को सारे इंतजाम करने की सहूलियत दे दी है, पिता की बीमा कंपनी ने भी अस्पताल का बिल चुकता करने की बात मान ली है।
श्रवण की हालत एकदम से बिगड़ने की बात चलने पर संजीव बताते हैं कि उनके पिता की तबीयत हरिद्वार से लौटने के बाद बीते हफ्ते से ही खराब चल रही थी। संजीव के माता पिता दोनों हरिद्वार कुंभ नहाने गए थे और वहां से लौटने के बाद से ही उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया। दोनों का कोरोना टेस्ट पॉजीटिव आया और इस बीच संजीव व उनके भाई दर्शन भी कोरोना पॉजीटिव हो गए। संजीव के मुताबिक हरिद्वार जाने से पहले उनके माता पिता दोनों स्वस्थ थे। लेकिन, कोरोना संक्रमित होने के बाद पिता की हालत काफी तेजी से बिगड़ी और बीती रात सांस लेने में तकलीफ के बाद उनका एस एल रहेजा अस्पताल में निधन हो गया। संजीव ने बताया कि वह और उनकी मां विमला देवी का इलाज सेवेन हिल्स अस्पताल में चल रहा है।
उधर, टी सीरीज म्यूजिक कंपनी के संस्थापक गुलशन कुमार की हत्या के बाद से ही विदेश में रह रहे श्रवण राठौड़ के जोड़ीदार नदीम ने अपने साथी के निधन को अपूरणीय व्यक्तिगत क्षति बताया है। नदीम के मुताबिक वह अपने साथी के साथ नियमित संपर्क में रहते थे और दोनों को कभी रिश्तों में किसी तरह की दूरी महसूस नहीं हुई। नदीम ने कहा कि श्रवण के जाने से उनके जीवन में जो खालीपन आया है वह कभी भरा नहीं जा सकेगा और वह इस समय बहुत ज्यादा कष्ट में हैं।
नदीम श्रवण की जोड़ी ने हिंदी सिनेमा में तमाम फिल्मों में हिट संगीत दिया है। उनकी हिट फिल्मों में ‘आशिकी’, ‘दिल है कि मानता नहीं’, ‘साजन’, ‘परदेस’, ‘सड़क’, ‘दिल का क्या कसूर’ और ‘धड़कन’ आदि शामिल हैं। फिल्म ‘धड़कन’ के संगीत के लिए अभिनेता अक्षय कुमार ने भी श्रवण को बहुत भावुक होकर याद किया।