मुंबई फिल्म जगत में, जिसे कभी बीबीसी ने बॉलीवुड कहकर बुलाया था, इन दिनों ‘सीता संग्राम’ चल रहा है। हिंदी फिल्म जगत को बॉलीवुड नाम दरअसल इसकी उस आदत के लिए उपहास स्वरूप मिला, जिसमें इसकी तमाम फिल्में किसी विदेशी फिल्म की नकल मारकर बना दी जाती थीं। किसी एक ट्रेंड के हिट होने पर उसके पीछे लग जाने की हिंदी सिनेमा की पुरानी आदत रही है। जैसे इन दिनों हिंदी सिनेमा में हर तरफ निर्माता रॉ एजेंटों की कहानियां तलाशने में लगे हैं और साथ ही तमाम निर्माता निर्देशकों के दफ्तरों में रामायण को रचने के लिए भी टीमें दिन रात काम कर रही हैं। छोटे परदे के लिए ‘सिया के राम’ जैसा चर्चित धारावाहिक लिख चुके मशहूर लेखक आनंद नीलकंठन का मानना है, ‘टेलीविजन में औसत का नियम चलता है। इसमें आपको आम जनता के लिए लिखना होता है। किताबें पढ़ने वाले भिन्न भिन्न तरह के विचार समझ सकते हैं। टेलीविजन में आप अपेक्षित कथाओं से अलग नहीं जा सकते, खासतौर से जब आप पौराणिक कथाएं लिख रहे हों।’ लेकिन सीता की पौराणिक गाथा को नए नए स्वरूपों में लाने की इन दिनों खूब कोशिशें हो रही हैं। ‘तानाजी’ के निर्देशक ओम राउत की कहानी ‘आदिपुरुष’ में कृति सैनन सीता बनी हैं तो कंगना रणौत ने भी हाल ही में सीता बनने का एलान किया है। दीपिका पादुकोण को लेकर भी एक रामायण बनने की चर्चा लंबे समय से चलती रही है। चलिए आपको ले चलते हैं ऐसी ही कुछ और गाथाओं की तरफ और दिखाते हैं अब तक परदे पर आ चुकी सीताओं की झलकियां।
SITA : कंगना और कृति से पहले इन 10 नायिकाओं ने परदे पर धरा सीता का रूप, कसौटी अब भी दीपिका चिखलिया
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ऐश्वर्य ओझा: रामयुग (2021)
वेब सीरीज ‘रामयुग’ के में सीता बनीं ऐश्वर्य ओझा में सौम्यता का आकर्षण नहीं दिखा। देव चरित्र निभाने वाला आभा मंडल भी उनके मुख पर नहीं नजर आया। अरुण गोविल और दीपिका चिखलिया ही देश में रामकथाओं में राम और सीता बनने की कसौटी रहे हैं। इन दोनों से इक्कीस होना तो अब कठिन दिखता है लेकिन इस सीरीज में ऐश्वर्य सीता के रूप में दहाई के अंकों तक पहुंचने की कोशिश भी नहीं करती दिखीं। सीरीज देखकर ऐसा लगाकि सीता बनीं ऐश्वर्य को भी अभिनय के रसों की बारीकियां सीखनी जरूरी हैं। अशोक वाटिका वाले दृश्यों में उनके अभिनय की असली परीक्षा होती है और यहां वह अपना असर छोड़ नहीं पाती हैं।
शिव्या पठानिया: राम सिया के लव कुश (2019)
धारावाहिक 'राम सिया के लव कुश' ने दर्शकों में काफी उत्सुकता जगाई थी। लेकिन, कलर्स चैनल का हाल ही इन दिनों बेहाल है। चैनल की मार्केटिंग टीम अपने में मगन रहती है। पीआऱ टीम सिर्फ व्हाट्सऐप ग्रुप में पत्रकारों को ‘निर्देश’ जारी करके मस्त रहती है। इस धारावाहिक की लॉन्चिंग के लिए देश भर के मीडिया का अयोध्या में तांता लगाया गया और बहुत ही कष्टदायक तरीके से लोगों को वहां तक ले जाया गया। सीरियल की बोहनी खराब हुई औऱ सीरियल की कहानी व निर्माण जानदार होते हुए भी सीरियल को सराहना नहीं मिल सकी। इस धारावाहिक में शिव्या पठानिया ने माता सीता की भूमिका निभाई जबकि भगवान श्री राम के अवतार में नजर आए हिमांशु सोनी। यह धारावाहिक श्री राम के दो पुत्रों लव और कुश को केंद्र में रखकर बनाया गया। यहां माता सीता के किरदार में अभिनेत्री शिव्या ने बहुत बढ़िया काम किया।
मदिराक्षी मुंडले: सिया के राम (2015)
वर्ष 2015 में पहली बार एक धारावाहिक 'सिया के राम' को माता सीता को केंद्र में रखकर बनाया गया। यहां माता सीता के किरदार में नजर आईं अभिनेत्री मदिराक्षी मुंडले और भगवान श्री राम का किरदार निभाया अभिनेता आशीष शर्मा ने। समीक्षकों ने इस धारावाहिक की बखिया उधेड़ कर रख दी। शूटिंग पर मौजूद लोग बताते हैं कि मदिराक्षी को अपने संवाद ही ठीक से याद नहीं होते थे। मदिराक्षी को इस शो में जमकर ट्रोल किया गया। लोगों ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जब रावण माता सीता का अपहरण करता है तब भी इस धारावाहिक में अभिनेत्री के मुख पर मुस्कुराहट रही। मदिराक्षी इस सेटबैक से अब तक नहीं उबर पाई हैं और उनका करियर करीब करीब हाशिये पर पहुंच चुका है।
नेहा सरगम: रामायण- सबके जीवन का आधार (2012)
सागर पिक्चर्स के बैनर तले वर्ष 2012 में एक और रामायण का निर्माण किया गया जिसका शीर्षक रहा 'रामायण- सबके जीवन का आधार'। यहां माता सीता का किरदार निभाते हुए नजर आईं टीवी की मशहूर अभिनेत्री नेहा सरगम। नेहा ने टीवी के दूसरे धारावाहिकों जैसे; 'चांद छुपा बादल में', 'पुनर्विवाह', 'इस प्यार को क्या नाम दूं?... एक बार फिर' में भी अच्छा काम किया है लेकिन माता सीता के किरदार में उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं किया गया। यही कारण रहा कि यह धारावाहिक बहुत लंबा न चल सका।

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