बॉलीवुड इंडस्ट्री की दिग्गज अभिनेत्री स्मिता पाटिल उन एक्ट्रेसेस की लिस्ट में शुमार रही हैं, जो अपने रोल में बखूबी ढल जाती थीं। स्मिता पाटिल हिंदी सिनेमा में 70 के दशक की सबसे मशहूर अभिनेत्रियों में से एक थीं। अभिनेत्री ने आर्ट फिल्मों से लेकर बॉलीवुड मसाला फिल्मों में भी काम किया है। स्मिता फिल्मों के अलावा राज बब्बर के साथ अपने रिश्ते को लेकर भी खूब चर्चा में रही थीं। तो चलिए जानते हैं अभिनेत्री की बर्थ एनिवर्सरी के मौके उनके जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें...
Smita Patil: स्मिता ने 10 साल के फिल्मी सफर में हासिल किया पद्मश्री, जानें क्या थी अभिनेत्री की अधूरी इच्छा
बचपन से ही एक्टिंग का था शौक
अभिनेत्री का जन्म 17 अक्तूबर 1956 को पुणे में हुआ था। स्मिता इंडस्ट्री में अपने सशक्त अभिनय के लिए जानी जाती थीं। स्मिता पाटिल एक राजनीतिक रसूखदार परिवार से ताल्लुक रखती थीं। अभिनेत्री को बचपन से ही एक्टिंग और ड्रामा का शौक था। वह थिएटर की फेमस आर्टिस्ट भी थी। 1975 में उन्होंने श्याम बेनेगल की फिल्म 'चरणदास चोर' से अपने करियर की शुरुआत की थी।
पद्मश्री अवॉर्ड से हुईं सम्मानित
स्मिता पाटिल का फिल्मी करियर भले ही दस साल का रहा हो, लेकिन अभिनय ऐसा रहा कि आज भी वह चर्चा में रहती हैं। अभिनेत्री ने ऐसी फिल्में की जो भारतीय फिल्मों के इतिहास में मील का पत्थर बन साबित हुईं। अभिनेत्री की सुपरहिट फिल्मों में भूमिका, मंथन, मिर्च मसाला, अर्थ, नमक हलाल और शक्ति जैसी फिल्में शामिल है। स्मिता पाटिल को कई फिल्मों में बेहतरीन अदाकारी के लिए 1985 में पद्मश्री अवॉर्ड मिला।
राज बब्बर संग रिश्ते को लेकर चर्चा में रहीं अभिनेत्री
अभिनेत्री ने ना सिर्फ फिल्मों, बल्कि राज बब्बर के साथ अपने रिश्ते को लेकर भी खूब सुर्खियां बटोरी थीं। दोनों की 1982 में 'भीगी पलके' की शूटिंग के दौरान मुलाकात हुई थी, जो बाद में प्यार में बदल गई। राज बब्बर शादीशुदा थे, लेकिन पहली पत्नी नादिरा को छोड़ स्मिता के साथ लिव इन में रहने लगे थे। इसके बाद दोनों ने शादी करने का फैसला लिया, जिससे स्मिता के माता पिता नाखुश थे। राज और स्मिता का प्यार ज्यादा दिन नहीं चल पाया।
स्मिता की यह थी आखिरी इच्छा
बताया जाता है कि स्मिता की एक आखिरी इच्छा थी, जिसमें अभिनेत्री कहा करती थीं कि जब मैं मर जाऊं तो मुझे दुल्हन की तरह तैयार करना। उनके मेकअप आर्टिस्ट दीपक सावंत ने बताया कि 'स्मिता कहा करती थीं कि दीपक जब मर जाउंगी तो मुझे सुहागन की तरह तैयार करना।' 'एक बार उन्होंने राज कुमार को एक फिल्म में लेटकर मेकअप कराते हुए देखा और मुझे कहने लगीं कि दीपक मेरा इसी तरह से मेक अप करो और मैंने कहा कि मैडम मुझसे ये नहीं होगा। ऐसा लगेगा जैसे किसी मुर्दे का मेकअप कर रहे हैं।' मेकअप आर्टिस्ट ने कहा कि शायद ही दुनिया में ऐसा कोई मेकअप आर्टिस्ट होगा जिसने इस तरह से मेकअप किया हो।'
