EXCLUSIVE: केबीसी वाले बवाल पर सोनाक्षी ने कही ये बड़ी बात, बोलीं- इस तरह की फिल्में कभी नहीं करूंगी
साल 2010 में आपका डेब्यू 'दबंग' से ही हुआ था। इस दौरान फिल्म में तो काफी बदलाव हुआ लेकिन आपमें कितना बदलाव हो चुका है?
मेरे अंदर बहुत ही तरह के बदलाव हुए हैं। इस दौरान मैं जितने भी लोगों से मिली हूं, जितने लोगों के साथ काम किया है उन सभी से कुछ ना कुछ सीखने को मिला है। जिस तरह मेरा करियर आगे बढ़ा है उससे अधिक मैं और कुछ नहीं मांग सकती थी। अगर मुझे कुछ भी बदलने का मौका मिलता तो मैं कुछ भी नहीं बदलती। शुरू से लेकर अब तक मुझे सर्वोत्तम मिला है। मुझे अपने करियर से लेकर कोई शिकायत नहीं रही है।
कहा जाता है कि आपका स्क्रिप्ट का चुनाव सही नहीं होता है, आपका क्या कहना है?
लोगों का कहना कुछ हद तक सही भी हो सकता है। बहुत बार ऐसा होता है कि जो फिल्म आपको अच्छी लगे वह दर्शकों को पसंद नहीं आती है और बहुत बार ऐसा भी होता है कि आपको जो फिल्म पसंद आए उसे दर्शक भी पसंद करते हैं। इसका कोई फॉर्मूला नहीं है। अगर फिल्म की कहानी सुनने के समय मुझे स्क्रिप्ट अच्छी लग जाए तो मैं तुरंत ही उसे लेकर हां कर देती हूं।
आप किस तरह की फिल्में करने से बचती हैं
वैसे तो मैं हर तरह की फिल्में कर रही हूं और आगे भी करना चाहती हूं। लेकिन मैं कभी भी हॉरर फिल्मों को नहीं आजमाना चाहूंगी। उसमें मैं काफी डर जाती हूं।
'केबीसी' में एक सवाल का जवाब ना दे पाने के कारण आप काफी ट्रोल की गईं। एक एक्टर के तौर पर ज्ञान की सीमा क्या होनी चाहिए?
एक्टर के लिए भी जागरुक होना बहुत ही जरूरी है। उन्हें पता होना चाहिए कि उनके आस पास क्या हो रहा है। लेकिन हर किसी की जिंदगी में कई बार ऐसे मौके आते हैं जब आपका दिमाग ब्लैंक हो जाता है। हालांकि जिस तरह से उस बात का बतंगड़ बनाया गया था वह मुझे नहीं लगता कि इतना जरूरी था। इसे लेकर उस समय मुझे जो जवाब देना था मैंने वह सोशल मीडिया पर दिया। बचपन में मैंने काफी बातें सुनी थी लेकिन यह जरूरी नहीं है कि उनमें से हर एक बात मुझे याद रहे। ऐसी चीजें मुझे बिल्कुल भी प्रभावित नहीं करती हैं।
फिल्म के ट्रेलर पर आपके पिता शत्रुघ्न सिन्हा की क्या प्रतिक्रिया रही?
मैं जो भी काम करूं मेरे पिता को वह काफी पसंद आता है। वह मेरे सबसे बड़े प्रशंसक हैं और मेरी मां मेरी सबसे बड़ी आलोचक हैं। मुझे लगता है कि मेरे घर में यह बहुत ही संतुलित है और मुझे दोनों चीजें घर पर ही मिल जाती हैं।
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