विजय सेतुपति तमिल सिनेमा के सबसे व्यस्त अभिनेताओं में से एक हैं। विजय इसी साल रिलीज हुई रजनीकांत की फिल्म पेट्टा में नजर आए थे। विजय सेतुपति तमिल इंडस्ट्री का ऐसा सितारा हैं जो सिर्फ चुनिंदा रोल करता है, और हर कैरेक्टर को बहुत ही सधे ढंग से निभाता है। उनका जीवन काफी संघर्ष भरा रहा।
विजय सेतुपति का नाम उन एक्टर्स में लिया जाता है जिन्होंने बिना किसी सहारे के तमिल सिनेमा में सफलता की सीढ़ियां चढ़ी। एक समय ऐसा था जब उन्हें पॉकेट मनी के लिए सेल्समैन से लेकर कैशियर और फोन बूथ ऑपरेटर तक की नौकरी करनी पड़ी थी।
परिवार की स्थिति और अपने तीन भाई-बहनों की देखभाल करने के लिए विजय बी.कॉम करने के बाद दुबई नौकरी करने चले गए। दो साल अकाउंटेंट की नौकरी करने के बाद जब विजय को लगा कि उन्हें कुछ और करना चाहिए तो सब कुछ छोड़कर वह भारत वापस आ गए।
एक्टिंग से विजय को इतना लगाव था कि भारत आकर उन्होंने एक थियेटर में अकाउंटेंट की नौकरी तक की। यहां कई तरह के काम किए लेकिन फिर एक दिन एक्टिंग में करियर शुरू करने का फैसला किया क्योंकि बालू महेंद्र ने उनसे एक बार कहा था कि तुम्हारा चेहरा फोटोजनिक है। विजय सेतुपति ने एक्टिंग की क्लास ली और फिर छोटे-मोटे रोल फिल्मों में करते रहे।
विजय ने बैकग्राउंड एक्टर के तौर पर शुरुआत की। धीरे-धीरे ये छोटे रोल उन्हें पहचान दिलाने लगे लेकिन 2012 उनके लिए बदलाव भरा साल रहा। इस साल आईं उनकी 'पिज्जा' और 'नादुवुला कुंज पक्काता कानोम' सुपरहिट रहीं। 'पिज्जा' में वे डिलीवरी ब्वॉय बने थे जबकि 'नादुवुला कुंज पक्काता कानोम' में ऐसे युवा का किरदार निभाया था जिसकी याद्दाश्त उसकी शादी से दो दिन पहले चली जाती है। दोनों ही किरदारों से विजय ने दर्शकों का दिल जीता।