1954 में प्रदर्शित हिंदी सिनेमा की कालजयी फिल्म 'मिर्जा गालिब' में सुरैया ने नवाब जान का किरदार निभाया थाए जो शायर मिर्जा गालिब से बेहद प्यार करती है। फिल्म में गालिब की पांच गजलों को सुरैया ने अपनी आवाज दी। सुरैया की आवाज ही नहीं आंखों में भी कुछ ऐसा था कि जो उन्हें देखता उसमें कैद हो जाता। इसलिए जब सुरैया ने गाया तो हर सुनने वाले के दिल में सुरैया समाती चली गईं। उस वक्त भारत के प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू थे। उन्होंने भी सुरैया की गाईं यह गजलें सुनी थीं। इन्हें सुनने के बाद वह भी सुरैया के दीवाने हो चुके थे।
जब पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु ने सुरैया से कहा था तुमने गालिब की रूह को जिंदा कर दिया
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पंडित जवाहर लाल नेहरू ने इस बात का खुलासा उन्होंने एक समारोह में किया था। जब सुरैया की वहां उनसे मुलाकात हुई तो नेहरु ने सुरैया से कहा था तुमने गालिब की रुह को जिंदा कर दिया। 15 जून 1929 को जन्मीं सुरैया 31 जनवरी 2004 को दुनिया से अलविदा हो गईं। उन्होंने 40 से 50 के दशक में हिंदी सिनेमा में अपना योगदान दिया। उन्हें उनकी प्रतिभा के लिए उपमहाद्वीप की मलिका-ए-तरन्नुम से नवाजा गया।
कहते हैं कि फिल्मों में आने से पहले धर्मेंद्र सुरैया के इतने जबरदस्त दीवाने थे कि उन्होंने उनकी फिल्म 'दर्द' को 40 बार देखा था। लेकिन सुरैया तो देव आनंद की दीवानी थीं। उनकी नानी ने देव से उनकी शादी नहीं होने दी तो सुरैया ने ताउम्र शादी नहीं की। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक देवानंद की सुरैया से पहली मुलाकात फिल्म 'विद्या' के सेट पर हुई थी। देवानंद ने अपना परिचय देते हुए कहा था, ''सब लोग मुझे देव कहते हैं। आप मुझे किस नाम से पुकारना पसंद करेंगी? सुरैया ने कहा- 'देव'।
देवानंद अपनी आत्मकथा रोमांसिंग विद लाइफ में लिखते हैं, 'विद्या' के सेट पर गाना चला, कैमरा रोल हुआ। सुरैया ने मुझको पीछे से गले लगाया। मैंने उनकी सांसों की गर्माहट महसूस की। मैंने उनके हाथों को चूमा और फिर उनकी तरफ एक फ़्लाइंग किस उछाला।'' सुरैया ने उनके हाथ के पीछे का हिस्सा चूम कर उसका जवाब दिया। निर्देशक ने चिल्ला कर कहा, ''ग्रेट शॉट'' और फिर शुरू हुआ दोनों के बीच प्यार का सिलसिला। दोनों को पहली नजर में ही प्यार हो गया था। फिल्म के सेट पर दोनों की नजरें एक दूसरे को ही तलाशती रहतीं।
दोनों ने एक दूसरे के प्यार के नाम भी रख दिए। सुरैया ने अपने एक मनपसंद नॉवेल के हीरो के नाम पर सुरैया ने देव आनंद का नाम Steve रखा। जबकि देव आनंद को सुरैया की नाक जरा लंबी लगती थी, तो उन्होने सुरैया का नाम रख दिया....Nosey। जब सुरैया और देव आनंद की इश्क के चर्चे पूरी फिल्म इंडस्ट्री में होने लगे तो सुरैया की नानी को इसीक भनक लग गई। उन्होने देव आनंद के घर आने पर पाबंदी लगा दी। सुरैया की नानी को सुरैया का एक दूसरे धर्म के लड़के के साथ रिश्ता कतई बर्दाश्त नहीं था उन्होंने सुरैया पर पाबंदी लगाना शुरू कर दिया। सुरैया को शूटिंग के अलावा देव से मिलने तक की इजाजत नहीं थी।