फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की कथित खुदकुशी की पहेली सुलझने के बजाय लगातार उलझती हुई दिख रही है। राजनीतिक नेताओं के आरोप-प्रत्यारोप, प्रवर्तन निदेशालय की पूछताछ, सीबीआई जांच की मांग, दुखी पिता का एफआईआर और इंसाफ के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुशांत की बहन की चिट्ठी, बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के इस मामले में हर गुजरते दिन के साथ एक नया एंगल सामने आ जाता है। और बात यहीं खत्म नहीं होती। मौत के इस मामले की जांच कौन करेगा, इस सवाल को लेकर भी दो राज्यों की पुलिस आमने-सामने खड़ी दिखी। हालांकि बिहार सरकार ने सीबीआई जांच कराने की मांग मान ली है और इस सिलसिले में सिफारिश कर दी गई है।
सुशांत सिंह राजपूत केस में शुरुआत से अब तक क्या-क्या हुआ?
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राजनीतिक नेताओं ने क्या कहा
सुशांत सिंह राजपूत की मौत का मामला बिहार में राजनीतिक रंग लेते हुए दिख रहा है। सोमवार को बिहार विधानसभा में सुशांत के चचेरे भाई और बीजेपी के विधायक नीरज कुमार बबलू ने उनकी मौत को कत्ल का मामला बताया और इसकी सीबीआई से जांच कराने की मांग की। दिलचस्प बात ये रही कि विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने बीजेपी विधायक की मांग का समर्थन किया।
इस बीच लोक जनशक्ति पार्टी के नेता चिराग पासवान ने भी मुख्यमंत्री से सुशांत केस के मौत की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। और ऐसा नहीं है कि केवल बिहार के राजनेता ही इस मसले पर मुखर रहे हैं। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने पूछा है कि बिहार पुलिस के काम के मसले पर महाराष्ट्र सरकार क्यों गैरजरूरी दबाव महसूस कर रही है? ये वाकई अजीब बात है।
यहां तक कि देवेंद्र फड़णवीस की पत्नी अमृता फड़णवीस ने भी कहा कि जिस तरह से सुशांत सिंह राजपूत की मौत का मामला हैंडल किया जा रहा है, उससे ऐसा लगता है कि मुंबई ने अपनी इंसानियत खो दी है। हालांकि देवेंद्र फड़णवीस और उनकी पत्नी के बयान पर शिवसेना की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि जो लोग मुंबई पुलिस पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें राज्य पुलिस की सुरक्षा छोड़ देनी चाहिए।
सीबीआई जांच
एक तरफ बिहार के राजनेता सुशांत की मौत के मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहे हैं तो दूसरी तरफ ये मामला सुप्रीम कोर्ट और बंबई हाई कोर्ट में उठाया जा चुका है। बंबई हाई कोर्ट इस सिलसिले में दायर की गई एक जनहित याचिका पर मंगलवार को सुनवाई भी करने जा रही है। इस बीच बिहार में सत्तारूढ़ पार्टी जनता दल यूनाइटेड के प्रवक्ता संजय सिंह ने बताया कि राज्य सरकार ने सुशांत सिंह राजपूत के मौत की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की है।
इससे पहले बीते गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुशांत की मौत सीबीआई से जांच कराने की मांग को लेकर दायर की गई एक जनहित याचिका को खारिज कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुंबई पुलिस को इस मामले की जांच करने दिया जाना चाहिए और याचिकाकर्ताओं के पास कोई पुख्ता दलील है तो वे बंबई हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
इससे पहले बॉलीवुड एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती भी पटना पुलिस के पास दायर की गई एफआईआर को मुंबई ट्रांसफर कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट जा चुकी हैं। सुशांत के पिता की ओर से दर्ज कराई गई इस एफआईआर में रिया चक्रवर्ती के खिलाफ पैसा ऐंठने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है।
बिहार पुलिस बनाम मुंबई पुलिस
सुशांत सिंह राजपूत की मौत के कारणों की जांच को लेकर बिहार और मुंबई पुलिस के बीच का टकराव खुलकर सामने आ गया। इस मामले की जांच के लिए पटना से मुंबई पहुंचे बिहार पुलिस के अधिकारी आईपीएस विनय तिवारी को बीएमसी की ओर से क्वारंटीन सेंटर भेज दिया गया।
बिहार के पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय ने आईपीएस विनय तिवारी के साथ मुंबई में हुए बर्ताव की निंदा करते हुए कहा, "विनय तिवारी को जबरन क्वारंटीन कर दिया गया है।" बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी बीएमसी की इस कार्रवाई को गैर-जरूरी बताया।
इन्हीं वजहों से सुशांत के पिता की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट विकास सिंह ने कहा, "मुझे लगता है कि इस मामले की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए। अगर मुंबई पुलिस इस तरह से निष्पक्ष जांच में बाधा पहुंचाती हैं तो सुशांत सिंह राजपूत के परिवार के पास केवल एक ही विकल्प बचता है कि इस मामले की जांच सीबीआई करे।"
सुशांत के पिता की एफआईआर
सुशांत के पिता कृष्ण कुमार सिंह ने 25 जुलाई को पटना के राजीव नगर थाने में रिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। रिया खुद को सुशांत की गर्लफ्रेंड बताती हैं लेकिन सुशांत के पिता ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे की मौत रिया के कारण हुई है। सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में उनके पिता के वकील विकास सिंह ने कहा है कि पटना पुलिस एफआईआर दर्ज कराने में हिचक रही थी, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मंत्री संजय झा के कहने पर एफआईआर दर्ज हुई।
सुशांत के पिता ने गुरुवार को एक वीडियो संदेश में कहा, "25 फरवरी को मैंने बांद्रा पुलिस को बताया था कि वो खतरे में है। 14 जून को उसकी मौत हो गई। मैंने पुलिस से उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है जिनके नाम 25 फरवरी की शिकायत में लिए गए थे लेकिन सुशांत की मौत के 40 दिनों बाद भी उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई इसलिए मैंने पटना में एफआईआर किया।"
सुशांत के पिता की ओर से दर्ज कराई गई इस एफआईआर में रिया चक्रवर्ती के खिलाफ पैसा ऐंठने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है।