दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की कथित आत्महत्या की गुत्थी दिन पर दिन सुलझने की जगह उलझती ही जा रही है। अभिनेता के निधन को करीब दो महीने का समय बीत चुका है। लेकिन अब तक मामला जस का तस बना हुआ है। हालांकि सुशांत सिंह राजपूत के पिता केके सिंह ने जब से पटना में अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। तभी से इस मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। अब इस मामले में रोज नए नए खुलासे भी हो रहे हैं। लेकिन बिहार पुलिस के एक्शन मोड में आते ही मुंबई पुलिस की भूमिका संदिग्ध हो गई है।
क्या मुंबई पुलिस द्वारा जान बूझकर भटकाया गया सुशांत केस? बिहार पुलिस कर रही कई खुलासे
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जिस तरह से इस मामले में नए खुलासे हो रहे हैं। उसी तरह मुंबई पुलिस भी सवालों के घेरे में घिरती जा रही है। सवाल ये खड़ा होता है कि क्या मुंबई पुलिस ने जान बूझकर इस मामले को भटकाया है? क्या मुंबई पुलिस नहीं चाहती कि इस मामले की गुत्थी सुलझे? क्या मुंबई पुलिस इस मामले को बस यूं ही रफा- दफा करना चाहती है? या फिर मुंबई पुलिस गैर इरादतन ही इस मामले में गलत एंगल पर जांच कर रही है। ये तमाम सवाल मुंबई पुलिस के रवैये और बिहार पुलिस के एक्शन को देखते हुए किए जा रहे हैं। जिस एंगल से बिहार पुलिस ने जांच शुरू की है उस एंगल से तो शायद मुंबई पुलिस ने अब तक सोचा भी नहीं था।
मुंबई पुलिस 14 जून से 25 जुलाई तक केवल इस मामले को नेपोटिज्म के नजरिए से देख रही थी। मुंबई पुलिस ने करीब 40 लोगों के बयान इस मामले में लिए। ये 40 लोग केवल फिल्म इंडस्ट्री के बड़े- बड़े नामी गिरामी लोग थे और कुछ चुनिंदा सुशांत के करीबी दोस्त और परिजन। मुंबई पुलिस की जांच में मामले से जुड़ा कुछ भी सामने नहीं आ पा रहा था। जिसके बाद सुशांत के पिता और परिवार के लोगों ने मिलकर इस मामले की जांच बिहार पुलिस के हाथों में सौंपने का फैसला किया। लेकिन यहां भी मुंबई पुलिस की कुछ कथित चालबाजियां सामने आईं।
बिहार में केस दर्ज होने के बाद जब बिहार पुलिस की एक टीम जांच करने मुंबई पहुंची। तब मुंबई पुलिस का रवैया कुछ ठीक नहीं दिखा। मुंबई पुलिस ने बिहार पुलिस की जरा सी भी मदद नहीं की। यहां तक कि बिहार पुलिस को एक गाड़ी तक मुहैया नहीं करवाई गई। बिहार पुलिस की टीम को मुंबई की सड़कों पर पैदल और ऑटो आते जाते देखा गया। इसके अलावा सुशांत सिंह राजपूत की मौत से करीब एक हफ्ता पहले आत्महत्या करने वाली उनकी एक्स मैनेजर दिशा सालियान की मौत का मामला भी सुशांत से जोड़कर देखा जाने लगा। लेकिन मुंबई पुलिस ने दिशा केस की फाइल को ही डिलीट कर दिया। जब इस बारे में उनसे सवाल किया गया तो जवाब में कहा गया कि ऐसा गलती से हो गया।
इतना ही नहीं बल्कि जब बिहार पुलिस की टीम को मुंबई पुलिस का सहयोग नहीं मिला। तो पटना के सिटी एसपी विनय तिवारी मामले में अपनी टीम को लीड करने मुंबई पहुंचे। लेकिन मुंबई पहुंचते ही विनय तिवारी को बीएमसी द्वारा 14 दिनों के लिए क्वारंटीन कर दिया गया। यहां तक कि सुशांत की रिपोर्ट्स और जो भी जांच के दौरान डॉक्यूमेंट्स मिले वो भी अब तक बिहार पुलिस को हैंडओवर नहीं किए गए। इन सभी घटनाओं के बाद से ही मुंबई पुलिस पर शक गहराता ही जा रहा है। मुंबई पुलिस का रवैया देखते हुए अब सुशांत के पिता ने भी सीबीआई जांच की मांग की है। महाराष्ट्र पुलिस का हमेशा से ही देशभर में काफी नाम रहा है। लेकिन इस मामले की वजह से महाराष्ट्र पुलिस अपनी छवि को धूमिल कर रही है। अब तो इस मामले की सरगर्मी राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचाने लगी है। बहरहाल अब देखना होगा कि मामले में सीबीआई जांच की मांग मानी जाती है या नहीं। यदि मानी जाती है तो इसका नतीजा क्या निकलेगा?