सुशांत सिंह राजपूत की मौत के वक्त उनके फ्लैट पर चार लोग मौजूद थे। सिद्धार्थ पिठानी, कुक नीरज सिंह और हेल्पर दीपेश ने ही सबसे पहले सुशांत का शव देखा था। इसके कुछ देर बाद सुशांत की बहन मीतू सिंह वहां पहुंची थीं। शव देखकर मीतू के मुंह से क्या निकला, इस बात खुलासा कुक नीरज ने किया है।
भाई का शव देखकर चिल्ला पड़ी थीं सुशांत सिंह राजपूत की बहन, मुंह से निकले थे ये पांच शब्द
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक निजी चैनल के मुताबिक, नीरज ने मुंबई पुलिस को दिए अपने बयान में कहा, '14 जून को सुशांत सर ने मुझसे कहा कि मुझे ठंडा पानी लाकर दो। मैं फटाफट भागकर गया ठंडा पानी लेकर आया। फिर कहा कि सब ठीक है न मामला नीचे, मैंने कहा हां सर सब ठीक है। फिर वो रूम में चले गए। इसके बाद मैंने रूम का दरवाजा आराम से खटखटाया लेकिन कोई रिप्लाई नहीं आया। आधे घंटे बाद फिर गए। शेफ गया, उसने दो बार सर को कॉल किया। बेल बज रही थी लेकिन रिप्लाई नहीं आया।'
नीरज ने आगे बताया, 'हमने ताले- चाबी वाले को फोन किया ताकि पता चले कि क्या है अंदर। कुछ देर बाद वो भी आ गया। उसने कहा कि लॉक तोड़ने में पांच मिनट लगेगा और चाबी बनवाओगे तो एक घंटा। सिद्धार्थ पिठानी ने कहा कि तोड़ दो दरवाजा, देखा जाएगा। मैंने उसे दो हजार रुपये कैश दिए और कहा कि आप जाओ।'
नीरज के बयान के मुताबिक, दीपेश और उन्होंने दरवाजा खोला तो काफी अंधेरा था। कमरे का ए.सी. ऑन था। दीपेश ने लाइट ऑन की। कमरे में सुशांत सर का शव हरे रंग के कपड़े द्वारा पंखे से लटका हुआ था। नीरज ने कहा, सिद्धार्थ ने सुशांत सर की बहन मीतू को फोन कर निधन की खबर दी। इसके बाद सिद्धार्थ ने मुझसे कहा कि चाकू से कपड़े को काटो। सर का शव बिस्तर पर था और उनके पैर बाहर थे।'
नीरज के मुताबिक, मीतू सिंह जैसे ही कमरे में दाखिल हुईं तो चिल्लाने लगीं। वह चिल्लाते हुए बोलीं- 'गुलशन तूने ये क्या किया?' मीतू ने इसके बाद कहा कि सुशांत सर के शव को ठीक से बिस्तर पर रखें। सुशांत की गर्दन से हरे रंग का कुर्ता मीतू ने ही हटाया था। इस कुर्ते को सर ने घर पर हुई पूजा के दौरान पहना हुआ था। नीरज ने बताया कि उसने सुशांत का सीना भी दबाया था।
स्मृति ईरानी ने साझा किया 'कोकिलाबेन रैप' वीडियो, कुछ देर बाद हटाया, आखिर क्यों ?