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'पद्मावत' देखने के बाद स्वरा ने लिखा खुला खत, बोलीं-भंसाली जी आपसे ये उम्मीद नहीं थी
Sun, 28 Jan 2018 03:42 PM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Updated Sun, 28 Jan 2018 03:42 PM IST
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बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत' विवादों से घिरे रहने के बाद आखिरकार रिलीज हो गई। रिलीज होने के बाद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई भी कर रही है। फिल्म इंडस्ट्री के लोगों के साथ साथ आम जनता को भी फिल्म काफी पसंद आ रही है। लोग भंसाली को बधाई भी दे रहे हैं। इसी बीच सलमान खान की ऑनस्क्रीन बहन यानि एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने संजय लीला भंसाली को एक खुला खत लिखा है। इस खत में स्वरा ने फिल्म से जुड़ी अपने दिल ही हर बात खोलकर रख दी है।
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स्वरा ने भंसाली से कहा कि वह उनकी 'पद्मावत' को लेकर काफी उत्साहित थीं। हालांकि उन्हें थोड़ी सी निराशा भी थी क्योंकि कुछ बाहरी लोगों के जोर के कारण भंसाली जी ने अपने फिल्म को 'पद्मावती' से 'पद्मावत' कर दिया, दीपिका पादुकोण की कमर ढक दी और फिल्म के कुछ 70 शॉट भी काट दिए। इतना सब कुछ करने के बाद आखिरकार फिल्म रिलीज हो सकी और लोग उसे पसंद भी कर रहे हैं।
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स्वरा ने बताया कि वह भी अपने पूरे परिवार के साथ 'पद्मावत' देखने पहुंची थीं। फिल्म में मौजूद सभी किरदारों ने उनका दिल जीत लिया लेकिन पूरी फिल्म में उन्हें बस एक बात से बहुत तकलीफ हुई और वह है 'जौहर'। स्वरा ने अपना सुझाव रखते हुए खत में लिखा कि क्या जौहर के बिना पद्मावती की जिंदगी नहीं चल सकती थी। क्या कोई महिला किसी पुरुष के बिना असंपूर्ण है।
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क्या औरतों के वजाइना पर ही पुरुषों की नजर रहती है। क्या वजाइना के आगे औरतों की कोई जिंदगी नहीं होती। क्या रेप के बाद किसी महिला को जिंदगी जीने का अधिकार नहीं है। या फिर पुरुष को सिर्फ महिला का शरीर चाहिए और अगर महिला वह नहीं देना चाहती तो उसे मृत्यु को गले लगाना होगा। क्या महिलाओं के पास मृत्यु के अलावा और कोई ऑप्शन नहीं है।
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स्वरा ने अपना दुख जाहिर करते हुए लिखा कि वैसे तो रानी पद्मावती के समय हालात कुछ और थे। उस समय सती प्रथा और जौहर जैसी प्रथाओं को बहुत उच्च माना जाता था लेकिन भंसाली जी से कुछ अलग देखने की ही अपेक्षा थी। फिल्म के क्लाइमैक्स सीन में जब चित्तौड़ की सभी महिलाएं रानी पद्मावती के साथ जौहर के लिए आगे बढ़ती नजर आती हैं तो उनमें एक प्रेग्नेंट महिला और एक छोटी बच्ची भी होती है। ऐसे सीन को देखकर किसी भी व्यक्ति को रोना आ जाएगा। खैर उन्होंने संजय लीला भंसाली से आगे और इस तरह की फिल्में बनाने की गुजारिश की लेकिन उनमें महिलाओं को एक नया जीवन जीते हुए जरूर दिखाया जाए।
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