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किस्सा: जब मन्ना डे और रफी से किशोर कुमार ने कहा था, ' चलो भाग चलें, तलत महमूद के बाद हमको कौन सुनेगा'

बीबीसी हिंदी Published by: Avinash Pal Updated Sat, 09 May 2020 04:09 PM IST
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Talat Mahmood Death anniversary know funny incident related to manna dey kishore kumar mohammad rafi
तलत महमूद - फोटो : सोशल मीडिया

मशहूर गायक तलत महमूद (Talat Mahmood) हिंदी फिल्मों की सबसे अलग आवाजों में से एक थे। तलत ने सिर्फ गायकी में अपना जलवा बिखेरा बल्कि कुछ फिल्मों में बतौर अभिनेता भी नजर आए। अपने करियर में करीब साढ़े सात सौ हिट गाने देने वाले तलत की आज पुण्यतिथि है। ऐसे में आपको बताते है तलत महमूद से जुड़ीं कुछ खास बातें और किस्से।

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तलत महमूद

कहा जाता है कि पचास के दशक में जब भी संगीत की कोई महफिल होती थी और जिसमें संगीत की दुनिया के दिग्गज जैसे मोहम्मद रफी, मुकेश और किशोर कुमार मौजूद रहते थे, सबसे आखिर में तलत महमूद को गाने के लिए बुलाया जाता था। एक बार किशोर कुमार ने तलत महमूद के पास जाकर कहा था, 'मैं समझता हूं मुझे गाना छोड़ देना चाहिए। उर्दू जुबान पर जो आपकी पकड़ है, उसका मुकाबला, मैं भला कैसे कर पाऊंगा?'

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तलत महमूद - फोटो : सोशल मीडिया

एक इंटरव्यू में तलत महमूद की बेटी सबीना तलत महमूद ने बताया था, 'एक बार मैं शणमुखानंद हॉल में किशोर कुमार के एक कंसर्ट में जाना चाहती थी। जब मैंने ये बात अपने पिता को बताई तो न सिर्फ उन्होंने उस कंसर्ट का टिकट खरीदा, बल्कि मेरे साथ किशोर कुमार को सुनने खुद शणमुखानंद हॉल गए। बीच कंसर्ट में किसी ने उन्हें पहचान लिया और किशोर कुमार तक ये खबर पहुंच गई कि तलत महमूद अपनी बेटी के साथ हॉल में मौजूद हैं। किशोर ने फौरन मंच से घोषणा की कि हमारे बीच तलत साहब बैठे हुए हैं। उन्होंने उन्हें मंच पर बुलवाया और कहा कि 'तलत साहब आपकी जगह वहां नहीं, यहां है। आप मेरे साथ बैठिए।'

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तलत महमूद के साथ मन्ना डे और मोहम्मद रफी - फोटो : Film History Pics

आज भी बहुत से ऐसे लोग हैं जो मोहम्मद रफी, मुकेश या किशोर कुमार जैसा गा सकते हैं, या गाने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन ऐसा कोई बहुत मुश्किल से मिलेगा, जो अपनी आवाज में तलत महमूद जैसी मधुरता और नजाकत पैदा कर सके। मानिक प्रेमचंद ने हिंदी फिल्म संगीत पर कई किताबें लिखी हैं। उनमें से एक है तलत महमूद की जीवनी, 'द वेल्वेट वॉयस।' मानिक बताते हैं कि तलत की आवाज से उनका सम्मोहन 1958 में हुआ था।

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तलत महमूद - फोटो : सोशल मीडिया

24 फरवरी, 1924 को लखनऊ में जन्मे तलत महमूद ने लखनऊ के अदब और तहजीब को आत्मसात कर लिया था। वो जितना मीठा गाते थे, उतना ही मीठा बोलते थे। तलत महमूद की नवासी सहर जमां एक पत्रकार हैं। सहर बताती हैं, 'उनके अंदर लखनऊ की तहजीब कूट-कूट कर भरी हुई थी। मिजाज के बहुत सौम्य थे और उनका सेंस ऑफ ह्यूमर गजब का था। बहुत हंसी मजाक करते थे। सहर ने आगे बताया था कि, 'तलत हमेशा सूटबूट में रहते थे और साथ ही उनको दुनिया घूमने का भी शौक था। पचास के दशक में ही उन्होंने वर्ल्ड टूर का चलन शुरू किया था। वो दूसरे भारतीय गायक थे जिन्होंने लंदन के 'रॉयल अल्बर्ट हॉल' में गाया था। बाद में उन्होंने न्यूयार्क के 'मेडिसन स्क्वेयर गार्डेन' में भी गाया।'

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