वरिष्ठ अभिनेता ऋषि कपूर आज हिंदी सिनेमा को शोक में डूबा छोड़ गए हैं। साथ ही उन्होंने अपने पीछे छोड़े हैं कुछ ऐसे रिकॉर्ड जो शायद आने वाले समय में किसी भी अभिनेता के लिए छू पाना भी मुश्किल हो। उनमें से एक है सबसे ज्यादा नई अभिनेत्रियों को सिनेमा में उनकी शुरुआत करवाना। इनमें से कुछ अभिनेत्रियां 21वीं सदी में भी लगातार फिल्मों में सक्रिय रहीं और कुछ गुमनामी के अंधेरे में खो गईं। आज हम आपको बताते हैं ऐसी 20 अभिनेत्रियों के बारे में जिन्होंने फिल्मों में अपनी शुरुआत ऋषि कपूर के साथ की।
इन 20 अभिनेत्रियों ने ऋषि कपूर के साथ किया डेब्यू, कुछ अब भी मौजूद तो कुछ गुमनामी में
डिंपल कपाड़िया
ऋषि कपूर ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत अपने पिता राज कपूर के साथ 1970 में आई फिल्म 'मेरा नाम जोकर' से बाल कलाकार के रूप में की थी। एक वयस्क कलाकार के रूप में फिल्मों में उनकी एंट्री 1973 में आई फिल्म 'बॉबी' से हुई। इस फिल्म में उनके साथ मात्र 16 साल की अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया थीं। फिल्म बहुत बड़ी हिट हुई जो इन दोनों से किसी ने आशा भी नहीं की होगी। हालांकि उसके कुछ समय बाद राजेश खन्ना के साथ शादी करके डिंपल लाइमलाइट से दूर हो गईं। डिंपल अभी भी कुछ फिल्मों में अभिनय करती हुई नजर आ जाती हैं।
काजल किरण
काजल किरण ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1977 में आई फिल्म 'हम किसी से कम नहीं' से की। इस फिल्म में वह आमिर खान के अंकल तारिक के साथ नजर आईं। हालांकि इस फिल्म में वह ऋषि कपूर से प्यार करती हैं और उन्हीं से शादी भी करना चाहती हैं। इस फिल्म को अगर छोड़ दिया जाए तो काजल ने लगभग 20 और फिल्मों में काम किया है।
शोमा आनंद
शोमा आनंद ने 1976 की फिल्म 'बारूद' में एक छोटा सा किरदार किया था लेकिन हम उन्हें अमिताभ बच्चन की फिल्म 'कुली' से याद करते हैं। उन्हें सबसे ज्यादा उस एक गीत के लिए याद किया जाता है जिसमें वह और ऋषि कपूर दोनों जमकर शराब पी लेते हैं और गाना गाते हैं, मुझे पीने का शौक नहीं, पीता हूं गम भुलाने को। इस अभिनेत्री ने टीवी धारावाहिक 'हम पांच' में भी खूब नाम कमाया। उन्होंने सलमान खान और शिल्पा शेट्टी की फिल्म 'शादी करके फंस गया यार' और फिल्म 'हंगामा' में परेश रावल की पत्नी का भी शानदार किरदार निभाया है।
भावना भट्ट
भावना एक गुजराती अभिनेत्री थीं जिन्होंने 1975 में आई फिल्म 'दो जासूस' में एक बाल कलाकार के रूप में अभिनय की शुरुआत की। उन्होंने एक वयस्क अभिनेत्री के रूप में ऋषि कपूर के साथ 1978 में आई फिल्म 'नया दौर' से हिंदी सिनेमा में शुरुआत की। इनका प्रदर्शन बहुत ही खराब रहा था इसलिए जल्दी ही वो गुमनामी के अंधेरे में खो गईं।
