अच्छी फिल्में बनाने में बहुत मेहनत और समय लगता है। कुछ फिल्में महीनों में बन जाती हैं, लेकिन कई बार प्रोडक्शन कार्य में वर्षों का समय लग जाता है। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कई ऐसी मूवी हैं, जिन्हें बनाने में एक या दो नहीं बल्कि कई साल लग गए। आज हम आपको ऐसे ही कुछ फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं।
Films: इन फिल्मों को बनकर तैयार होने में लगा सबसे ज्यादा समय, लिस्ट में कई सुपरहिट मूवीज शामिल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निर्देशक के आसिफ की फिल्म मुगल-ए-आजम को हिंदी सिनेमा की सबसे शानदार फिल्मों में से एक माना जाता है। इस फिल्म में दिलीप कुमार, मधुबाला और पृथ्वीराज कपूर ने अपने जबर्दस्त अभिनय से लोगों के दिल जीत लिए थे। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस फिल्म को बनाने में निर्देशक को 10 साल का समय लग गया था।
फिल्म पाकीजा में मीना कुमार नजर आई थीं। उनकी यह फिल्म लोगों को खूब पसंद आई थी। उनके साथ फिल्म में राजकुमार भी थे। कमाल अमरोही के निर्देशन मं बनी यह फिल्म कल्ट क्लासिक है, लेकिन इसे बनाने में मेकर्स को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। कई वजहों से फिल्म के निर्माण में 16 साल का समय लग गया था।
फिल्म तुम्बाड रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप घोषित हो गई थी, लेकिन वक्त के साथ यह फिल्म कल्ट बन चुकी है। फिल्म में सोहम शाह की अदाकारी को लोगों ने खूब पसंद किया था। इस फिल्म को बनने में छह वर्ष का समय लगा था।
फिल्म आरआरआर निर्देशक एसएस राजामौली की शानदार फिल्मों में से एक है। राम चरण और जूनियर एनटीआर इस फिल्म में लीड रोल में नजर आए थे। बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म ने सफलता के झंडे गाड़ दिए थे। ऑस्कर अवॉर्ड्स में भी इसने भारत का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया था। निर्देशक को इस फिल्म को बनाने में चार वर्ष का समय लगा था।
Aashiqui 3: 'आशिकी 3' का हिस्सा बनीं तृप्ति डिमरी? मुकेश भट्ट ने रिपोर्ट पर निकाली भड़ास