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जानिए, काला हिरण शिकार मामले से जुड़े 3 केस, जिसमें पहले ही बरी हो चुके हैं सलमान
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करीब दो दशक पुराना मामला सलमान समेत अन्य आरोपी सैफ अली खान, तब्बू और सोनाली बेंद्रे से जुड़े होने की वजह से लगातार सुर्खियों में है। 1998 में फिल्म 'हम साथ साथ हैं' की शूटिंग के दौरान हिरण के शिकार से जुड़ा है। केस में सलमान मुख्यारोपी हैं, जबकि बाकी पर उन्हें उकसाने के आरोप हैं।
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केस 1: 31 अगस्त 2007: राजस्थान हाई कोर्ट ने चिंकारा शिकार मामले में सलमान को पांच साल की सजा सुनाई। एक हफ्ते बाद सलमान की अपील पर यह सजा सस्पेंड कर दी गई। सलमान खान ने एक सप्ताह का यह वक्त जोधपुर जेल में बिताया। बाद में हाई कोर्ट ने आर्म्स ऐक्ट के केस में सलमान को बरी कर दिया।
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केस 2: 25 जुलाई 2016: राजस्थान हाईकोर्ट ने घोड़ा फार्म हाउस और भवाद गांव चिंकारा शिकार केस में सलमान खान को बरी कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि इसके सबूत नहीं हैं कि सलमान की लाइसेंसी बंदूक से ही शिकार किया गया। 19 अक्टूबर 2016 राजस्थान सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की। दरअसल 18 अक्टूबर 2016 को इस मामले में 10 साल से लापता गवाह हरीश दुलानी सामने आ गया। दुलानी ने दावा किया वह अपने पुराने बयान पर कायम है कि उसने सलमान को शिकार करते देखा है। राजस्थान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दुलानी के इसी बयान को आधार बनाया।
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केस 3: 11 नवंबर 2016: राजस्थान सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट मामले की सुनवाई को फास्ट ट्रैक करने के राजी हो गया। 15 फरवरी 2017 को सलमान खान के वकील ने सबूत पेश करने से इनकार कर दिया। 27 जनवरी को बयान की रिकॉर्डिंग के दौरान सलमान खान ने खुद को निर्दोष बताते हुए सबूत पेश करने की इच्छा जताई थी।
वकील ने कहा कि सबूत पेश करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि उन्हें बेकसूर बताए जाने वाले सारे सबूत कोर्ट में पहले ही पेश किए जा चुके हैं। तब एक मार्च से इस मामले का ट्रायल शुरू होना था। 28 मार्च 2018 इस मामले में ट्रायल कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई। चीफ जूडिशल मैजिस्ट्रेट देव कुमार खत्री ने अपना फैसला सुरक्षित रखा।
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