कोरियाग्राफर-निर्देशक रेमो डिसूजा की अगली डांस म्यूजिकल फिल्म में वरुण धवन की जगह ले चुके टाइगर श्रॉफ का आज जन्मदिन है। एक्शन हीरो के रूप में पहचान बना चुके टाइगर श्रॉफ की आठवीं फिल्म 'बागी 3' आने वाले शुक्रवार को रिलीज हो रही है। इस फिल्म में टाइगर के लिए इस बार निर्देशक अहमद खान ने कुछ हैरतअंगेज स्टंट तैयार किए हैं। टाइगर से ये एक्सक्लूसिव मुलाकात की अमर उजाला संवाददाता अमित कुमार सिंह ने।
बर्थडे पर अमर उजाला से साझा किया टाइगर ने अपना प्लान, बोले- 'बस झूमके नाचना-गाना चाहता हूं'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
'बागी 3' को लेकर काफी मीम्स बन रहे हैं, इसे आप कैसे देखते हैं?
सौ प्रतिशत हम सभी को खुश नहीं रख सकते। यह मुमकिन नहीं है। मैं निजी तौर पर कहूं तो आज से पहले मैंने कभी टैंक या फिर तीन-तीन हेलीकॉप्टर के साथ एक्शन नहीं किया था। हमने सब कुछ लाइव शूट किया था। हमारे पास ना तो समय था और ना ही उतना बजट था कि हम उच्च स्तर का वीएफएक्स इस्तेमाल करते। 'वॉर' की बात अलग थी। वह दो हीरो वाली फिल्म थी इसलिए उसका बजट भी काफी अधिक था लेकिन इस फिल्म में मेरा एक्शन काफी असल है। मेरा किरदार एक सुपरहीरो की तरह है।
आखिर हमारा देसी सुपरहीरो कैसा हो सकता है?
इसका कोई फॉर्मूला नहीं है। अगर होता तो फिल्म बन चुकी होती। मैं अपने आपको एक स्टूडेंट ही मानता हूं जो लगातार सीख रहा है। मैं सिर्फ अपने बारे में कह सकता हूं कि मैं काफी गंभीर होकर अपना काम करता हूं और हर किरदार को अपना सौ प्रतिशत देता हूं। इसी चीज को लेकर मैं संतुष्ट हूं।
एक्शन के अलावा टाइगर श्रॉफ क्या हैं?
मुझे लगता है कि लोग मुझे इसी रूप में देखना चाहते हैं। मेरे पास लगातार ऐसी स्क्रिप्ट आती हैं। इसी से मुझे पहचान मिली है। शुक्रगुजार हूं कि बाकी अभिनेताओं की भीड़ में मैं अपनी एक अलग पहचान बना पा रहा हूं। सिर्फ जैकी श्रॉफ का बेटा हो जाने से मैं ना तो हीरो बन जाऊंगा और ना ही मुझे फिल्में मिलनी लग जाएगी। मेरे पिता ने बहुत ही मेहनत से अपना वह स्थान हासिल किया है। मुझे भी अपनी पहचान खुद ही बनानी पड़ेगी।
फिल्म 'बागी 3' में पहली बार आप अपने पिता के साथ नजर आ रहे हैं। शूट के दौरान का अनुभव कैसा था?
जब पहली बार उन्होंने फिल्म के सेट पर हीरो की तरह एंट्री मारी तो एकदम से माहौल ही बदल गया था। सभी उनकी तरफ ध्यान देने लगे। मैं फिल्म का हीरो हूं लेकिन मेरी तरफ कोई नहीं देख रहा था। मुझे बहुत ही गर्व महसूस होता है कि वह मेरे पिता हैं। वह सेट पर आए और सेट पर सब लोग दादा, दादा चिल्ला रहे थे। मैं अंदर से सोच रहा था कि मैं डैड के सामने कैसे करूंगा। शुक्र है कि वह सीन काफी अच्छा हुआ और वहां मौजूद पूरा क्रू सीन के बाद ताली बजाने लगा। यह काफी यादगार क्षण होगा जब दर्शक इसे स्क्रीन पर देखेंगे।