{"_id":"5cde6a60bdec2207066c9eb5","slug":"top-10-bollywood-film-directors-of-all-time-indian-cinema","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"देखिए बॉलीवुड के टॉप 10 फिल्म निर्देशकों की लिस्ट, आपकी नजर में कौन बेहतर?","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
देखिए बॉलीवुड के टॉप 10 फिल्म निर्देशकों की लिस्ट, आपकी नजर में कौन बेहतर?
Fri, 17 May 2019 01:37 PM IST
विजय जैन
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Published by: विजय जैन
Updated Fri, 17 May 2019 01:37 PM IST
विज्ञापन
Raj Kapoor, Guru Dutt and satyajit ray
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हम थियेटर में पर्दे पर दिखने वाले हीरो और हीरोइन को तो याद रखते हैं। लेकिन फिल्म को पर्दे पर दिखने वाले हीरो-हीरोइन फिल्म के असली नायक नहीं होते बल्कि फिल्म को बनाता है निर्देशक जिसकी अंगुलियों पर सारे किरदार नाचते हैं। ऐसे ही एक बॉलीवुड फिल्म निर्देशक प्रकाश मेहरा की आज पुण्यतिथि के मौके पर हम आपको बताते हैं भारतीय सिनेमा को घर-घर तक पहुंचाने और कई स्टार को सुपरस्टार बनाने वाले 10 महान डायरेक्टरों के बारे में....
सत्यजीत रे
- फोटो : SELF
सत्यजीत रे के बारे में अगर कहा जाए कि उन्होने घुटनों पर चल रहे भारत के सिनेमा को चलना सिखाया तो गलत नहीं होगा। सत्यजीत रे कोलकाता में 1921 में पैदा हुए। उन्होने ज्यादा सिनेमा बंगाली में ही बनाया। उनकी पहली फिल्म 'पाथेर पांचाली' ने कई अवार्ड जीते। हिन्दी में उन्होने 'शतरंज के खिलाड़ी' जैसी फिल्म बनाई, जो हिन्दी सिनेमा की यादगार फिल्म है। भारत रत्न सत्यजीत रे को भारतीय सिनेमा का सबसे बेहतर डायरेक्टर कहा जाता है।
Gurudutt
गुरु दत्त की फिल्म 'प्यासा' भारतीय सिनेमा का शानदार नगीना है। जिन्होंने उनकी ये अकेली फिल्म भी देखी है, वो ये जानता है कि गुरु दत्त कितने बड़े कलाकार थे। गुरु दत्त महज 39 साल की उम्र में इस दुनिया से चले गए। लेकिन छोटी सी जिंदगी में उन्होने कई बड़े काम किए। जिसकी गवाह उनकी फिल्में हैं। उनकी फिल्मों में प्यासा, कागज के फूल, चौदहवी का चांद और साहिब बीवी और गुलाम जैसी फिल्में हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिमल रॉय
- फोटो : SELF
बिमल रॉय भारतीय सिनेमा के महान निर्देशकों में शुमार हैं। उन्होने दो बीघा जमीन, मधुमति, सुजाता और बंदिनी जैसी फिल्में बनाईं। ना सिर्फ उन्होने हमें ये कालजयी फिल्में दीं बल्कि गीतकार गुलजार को तराश कर हीरा बनाने का श्रेय भी बिमल दा को ही है। उन्होने ही गुलजार को एक गैराज से निकाल कर फिल्मों से जोड़ा।
विज्ञापन
Mehboob Khan
पहली बार भारत की जिस फिल्म जो ऑस्कर के लिए चुना गया। वो थी 'मदर इंडिया'। मदर इंडिया को बनाया महान निर्देशक महबूब खान ने। महबूब खान के नाम पर कई शानदार फिल्में हैं। लेकिन मदर इंडिया अकेले ही महबूब खान को सर्वश्रेष्ठ निर्देशकों में शामिल करने को काफी है।